सोशल मीडिया पर पोस्ट 'Like' करना भी अब ऑफिस रूल? Reddit पोस्ट ने छेड़ी बहस
सोशल मीडिया पर पोस्ट 'Like' करना भी अब ऑफिस रूल? Reddit पोस्ट ने छेड़ी बहस
Reddit पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि एक भारतीय कंपनी ने कर्मचारियों को LinkedIn पर दूसरे ब्रांड्स की पोस्ट लाइक करने और ‘Open to Work’ बैज इस्तेमाल करने से मना कर दिया है।
Written by नितेश पपनोई,
अपडेटेड: 9 जनवरी 2026 11:05 IST
Photo Credit: Reuters
LinkedIn पर कर्मचारियों की एक्टिविटी को लेकर Reddit पर छिड़ी बहस
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वर्कप्लेस कल्चर और कर्मचारियों की प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। Reddit पर वायरल हो रही एक पोस्ट में दावा किया गया है कि एक भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने अपने कर्मचारियों को LinkedIn पर दूसरे कंपनियों की पोस्ट लाइक या कमेंट करने से मना कर दिया है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों को ‘Open to Work' बैज इस्तेमाल न करने की भी हिदायत दी गई है। यूजर के मुताबिक, यह निर्देश ऑफिस टाइम के बाहर की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर भी लागू किए जा रहे हैं, जिसे लेकर कई लोग नाराजगी जता रहे हैं।
यह दावा Reddit के r/IndianWorkplace सबरेडिट पर एक अनाम यूजर की पोस्ट के जरिए सामने आया है। पोस्ट में यूजर ने लिखा कि उनकी कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि कर्मचारी किसी भी दूसरी कंपनी की LinkedIn पोस्ट पर इंटरैक्शन न करें, फिर चाहे वह कंपटीटर हो या नहीं। कंपनी की ओर से इसके पीछे “प्रोफेशनलिज्म” और “कंपनी इमेज” बनाए रखने का तर्क दिया गया है। हालांकि, पोस्ट में कंपनी का नाम नहीं बताया गया है और इन दावों की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।
इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई Reddit यूजर्स ने इसे कर्मचारियों की पर्सनल फ्रीडम में दखल बताया। यूजर्स का कहना है कि LinkedIn कोई इंटरनल टूल नहीं है और ऑफिस के बाहर की एक्टिविटी को कंट्रोल करना गलत है। कई लोगों ने इसे माइक्रोमैनेजमेंट का उदाहरण बताया, जो पहले से ही भारतीय कॉरपोरेट कल्चर में बढ़ती चिंता का विषय बन चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि LinkedIn को लेकर ऐसे विवाद नए नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में Reddit पर कई ऐसे पोस्ट सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ‘Open to Work' बैज लगाने के बाद उनके बॉस का रवैया बदल गया। एक अन्य वायरल पोस्ट में एक कर्मचारी ने दावा किया था कि LinkedIn पर जॉब सर्च का संकेत देने के बाद उनके काम पर जरूरत से ज्यादा नजर रखी जाने लगी और यहां तक कि सैलरी क्रेडिट में भी देरी होने लगी।
वहीं दूसरी तरफ, कुछ कर्मचारी इसके उलट दबाव से भी परेशान हैं। हाल ही में एक यूजर ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी ने कर्मचारियों को हर महीने LinkedIn पर एक्टिव रहने, कंपनी से जुड़ी पोस्ट डालने और यहां तक कि प्रोफाइल बैनर तक कंपनी के ब्रांडिंग वाले लगाने के लिए मजबूर किया। इन मामलों ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कर्मचारियों की सोशल मीडिया प्रोफाइल कहां तक ‘पर्सनल' मानी जाए।
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