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World Bank रिपोर्ट : भारत में चलेगी ऐसी लू, जिसे बर्दाश्‍त नहीं कर पाएगा इंसान, करोड़ों नौकरियों पर भी खतरा

World Bank Report : इन प‍रिस्थिति‍यों को झेलने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा।

World Bank रिपोर्ट : भारत में चलेगी ऐसी लू, जिसे बर्दाश्‍त नहीं कर पाएगा इंसान, करोड़ों नौकरियों पर भी खतरा

World Bank Report : अनुमान है कि साल 2030 तक गर्मी की वजह से दुनियाभर में जो 8 करोड़ नौकरियां जाएंगी, उनमें से 3.4 करोड़ नौकरियां भारत में खत्‍म होंगी।

ख़ास बातें
  • वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट में चेतावनी
  • भारत में चलेगी बर्दाश्‍त ना कर पाने वाली लू
  • इसका असर देश की जीडीपी पर भी हाे सकता है
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वर्ल्‍ड बैंक (World Bank) की एक रिपोर्ट में भारत के लिए बड़ी चेतावनी दी गई है। यह तो सभी समझ रहे हैं कि देश में हर साल गर्मी बढ़ रही है। गर्मियों का मौसम समय से पहले शुरू हो रहा है और देर तक रहता है। सर्दियां भी पहले की तरह नहीं पड़तीं। आमतौर पर उत्तर भारत के इलाकों में मई-जून में चलने वाली लू (Heat Waves) अब अप्रैल में भी लोगों को सता रही है। वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत बहुत जल्‍द ऐसी भीषण गर्म हवाओं का सामना करेगा, जो इंसान के बर्दाश्‍त से बाहर होंगी। इन प‍रिस्थिति‍यों को झेलने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा। 

वर्ल्‍ड बैंक ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसका टाइटल है- भारत शीतलन क्षेत्र में जलवायु निवेश के अवसर (Climate Investment Opportunities in India Cooling Sector)। इस रिपोर्ट को केरल सरकार के साथ साझेदारी में तैयार की गयाा है। रिपोर्ट कहती है कि भारत, अपेक्षाकृत ज्यादा गर्मी का सामना कर रहा है। यह गर्मियां जल्‍द शुरू होकर देर तक बनी रहती हैं। रिपोर्ट में उदाहरण देते हुए समझाया गया है कि इस साल देश में गर्मी जल्‍दी शुरू हो गई थी। मार्च के महीने से ही लोग गर्मी झेल रहे थे और अप्रैल में दिल्‍ली का तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। 

रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू है आने वाले समय में चलने वाली लू यानी हीट वेव। आशंका जताई गई है कि बहुत जल्‍द भारत में लू की तीव्रता अपनी लिमिट को पार कर जाएगी। ऐसी गर्म हवाएं चलेंगी, जिन्‍हें इंसान बर्दाश्‍त नहीं कर पाएगा। इससे पहले भी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि आने वाले दशक में भारतीय उपमहाद्वीप में खतरनाक लू चलने के मामले ज्‍यादा आएंगे। इसके अलावा जी20 क्लाइमेट रिस्क एटलस ने भी पिछले साल आगाह किया था कि भारत में गर्मी का प्रचंड रूप आने वाले वक्‍त में देखने को मिल सकता है। साल 2036 से 2065 के बीच लू ज्‍यादा समय तक बनी रहेगी। 

वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि गर्मी बढ़ने से देश के इकॉनमिक प्रोडक्‍शन पर भी असर होगा। देश का 75 फीसदी कार्यबल यानी करीब 38 करोड़ लोग गर्मी वाले इलाकों में रहते हैं। अनुमान है कि साल 2030 तक गर्मी की वजह से दुनियाभर में जो 8 करोड़ नौकरियां जाएंगी, उनमें से 3.4 करोड़ नौकरियां भारत में खत्‍म होंगी। गर्मी के कारण काम का सबसे ज्‍यादा समय भारत में बर्बाद होता है। आने वाले समय में इसका असर भारत की जीडीपी पर भी दिखने का अनुमान है।  

 

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