• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पृथ्‍वी से बाहर क्‍या एक्‍सोप्‍लैनेट पर मुमकिन होगा जीवन? नई रिसर्च में सामने आई यह बात

पृथ्‍वी से बाहर क्‍या एक्‍सोप्‍लैनेट पर मुमकिन होगा जीवन? नई रिसर्च में सामने आई यह बात

ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं।

पृथ्‍वी से बाहर क्‍या एक्‍सोप्‍लैनेट पर मुमकिन होगा जीवन? नई रिसर्च में सामने आई यह बात

वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन ग्रहों में उनका वातावरण बना रहता है, वहां लिक्विड वॉटर के लिए सही स्थिति हो सकती है।

ख़ास बातें
  • बर्न यूनिवर्सिटी, ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ने यह स्‍टडी की है
  • एक्सोप्लैनेट की सतह पर मौजूद रह सकता है पानी
  • पानी किसी ग्रह पर जीवन की संभावना बताता है
विज्ञापन
पृथ्वी की तरह जीवन दे सकने वाले एक्सोप्लैनेट (exoplanet) की खोज में लिक्विड वॉटर यानी पानी की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। पानी किसी ग्रह पर जीवन की संभावना बताता है। वैज्ञानिकों ने कई ऐसी वॉटर बॉडीज का पता लगाया है और अब एक अध्ययन से पता चलता है कि विभिन्‍न परिस्थितियों में भी कई अरबों वर्षों तक लिक्विड वॉटर, एक्सोप्लैनेट की सतह पर मौजूद रह सकता है। बर्न यूनिवर्सिटी, ज्यूरिख यूनिवर्सिटी और नेशनल सेंटर ऑफ कॉम्पीटेंस इन रिसर्च (NCCR) के रिसर्चर्स ने समझाया है कि रहने योग्य एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए इस दृष्टिकोण की बेहद जरूरत है। गौरतलब है कि ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं। 

ज्यूरिख यूनिवर्सिटी में थ्‍योरिट‍िकल एस्‍ट्रोफ‍िजिक्‍स के प्रोफेसर और स्‍टडी के सह-लेखक रवित हेल्ड के अनुसार, पृथ्वी पर पानी के तरल रूप में होने का एक कारण इसका वातावरण है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर नैचुरल ग्रीनहाउस के प्रभाव से महासागरों, नदियों और बारिश के लिए जरूरी गर्मी पैदा होती है। 

जब पृथ्वी का निर्माण हुआ था, तब उसके वायुमंडल में ज्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम थी। समय के साथ पृथ्वी ने इस वातावरण को खो दिया, लेकिन कुछ बड़े ग्रह इस वातावरण को अनिश्चित काल तक बनाए रख सकते हैं।

रवित हेल्‍ड का कहना है कि इस तरह का वातावरण भी ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव को प्रेरित कर सकता है। वैज्ञानिकों ने अपनी स्‍टडी में यही पता लगाया कि क्‍या ऐसे वातावरण तरल पानी के लिए जरूरी परिस्थितियां बना सकते हैं। नेचर एस्ट्रोनॉमी में पब्लिश अपनी स्‍टडी में रिसर्चर्स ने कई ग्रहों का मॉडल तैयार किया और अरबों साल में हुए उनके विकास को देखा। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन ग्रहों में उनका वातावरण बना रहता है, वहां लिक्विड वॉटर के लिए सही स्थिति हो सकती है। 

रिसर्च की फाइंडिंग्‍स बताती हैं कि ग्रहों पर ऐसी स्थितियां कई अरब वर्षों तक रह सकती हैं। हालांकि स्‍टडी के एक और लेखक ने कहा है कि इस तरह की स्थितियों में जीवन के पनपने की संभावना का अभी पता नहीं है। गौरतलब है कि वैज्ञानिकों ने ऐसे एक्‍सोप्‍लैनेट का भी पता लगा लिया है, जो अपनी संरचना की वजह से पृथ्‍वी से मिलते-जिलते हैं। हालांकि वहां अभी जीवन मुमकिन नहीं है, क्‍योंकि उन ग्रहों का तापमान बहुत ज्‍यादा है। अब नई रिसर्च यह बताती है कि एक्‍सोप्‍लैनेट की सतह पर कई अरब साल तक पानी मौजूद रह सकता है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में क्रिप्टो एक्सचेंजों को देनी होगी ट्रांजैक्शंस की जानकारी
  2. Redmi 17 4G लॉन्च होगा 50MP दो कैमरा, 7500mAh बैटरी के साथ! फुल स्पेसिफिकेशंस लीक
  3. 100W पावर वाला अल्ट्रा स्लिम चार्जर Ugreen ने किया लॉन्च, लैपटॉप भी कर सकता है चार्ज
  4. Lenovo ने लॉन्च किया बजट गेमिंग मॉनिटर, 27 इंच डिस्प्ले, 280Hz रिफ्रेश रेट
  5. Vivo X300e होने जा रहा लॉन्च, 50MP तीन कैमरा, 12GB रैम, 7200mAh बैटरी जैसे फीचर्स
  6. Specialized ने लॉन्च की S-Works Turbo प्रीमियम माउंटेन इलेक्ट्रिक बाइक, कीमत 12.55 लाख रुपये के करीब!
  7. Samsung यूजर्स जरा संभलकर! अब पासवर्ड भूले तो परमानेंट लॉक हो जाएगा फोन! One UI 9.0 में आई तगड़ी सिक्योरिटी
  8. 4 हजार सस्ता खरीदें Vivo V70 FE 5G, अबतक का सबसे बड़ा डिस्काउंट पाने का मौका
  9. फोल्डेबल स्मार्टफोन्स के मार्केट में Samsung, Huawei को कड़ी टक्कर देगा iPhone Ultra!
  10. तो सस्ते हो जाएंगे स्मार्टफोन! मैमोरी चिप की कमी पर आया बड़ा अपडेट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »