Corona : भारत समेत 25 से ज्‍यादा देशों में मिला XBB.1.5 वैरिएंट कितना खतरनाक? जानें

अनऑफ‍िशियली इसे ‘क्रैकेन’ नाम से भी पुकारा जा रहा है। इस वैरिएंट को सबसे पहले पिछले साल अक्‍टूबर में पहचाना गया था।

Corona : भारत समेत 25 से ज्‍यादा देशों में मिला XBB.1.5 वैरिएंट कितना खतरनाक? जानें

भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं। हम आपको XBB.1.5 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

ख़ास बातें
  • यह वैरिएंट पूरी दुनिया में फैल रहा है
  • भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं
  • इसे सबसे पहले अमेरिका में पहचाना गया था
विज्ञापन
कोरोना (Corona) ने एक बार फ‍िर दुनिया को डरा दिया है। हाल में हमने देखा कि कोविड के BF.7 वैरिएंट ने किस कदर चीन में ‘तबाही' मचाई। अब इसके एक और वैरिएंट ने चिंतित कर दिया है। यह ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट है, जिसे XBB.1.5 के रूप में पहचाना गया है। अनऑफ‍िशियली इसे ‘क्रैकेन' नाम से भी पुकारा जा रहा है। इस वैरिएंट को सबसे पहले पिछले साल अक्‍टूबर में पहचाना गया था। अमेरिका के न्‍यू यॉर्क में इसका पता चला था। अब यह वैरिएंट पूरी दुनिया में फैल रहा है। भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं। हम आपको XBB.1.5 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं। 
 

ओमिक्रॉन की XBB शाखा से निकला है XBB.1.5 वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार, XBB.1.5 का जन्‍म ओमिक्रॉन फैमिली के "XBB" शाखा से हुआ है। इसी से ओमिक्रॉन के दो और वैरिएंट BA.2.10.1 और BA.2.75 भी निकले थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जैसे-जैसे ओमिक्रॉन के XBB वायरस फैलते गए, उन्होंने एक नए म्‍यूटेशन XBB.1.5 को जन्‍म दिया जिसे "क्रैकेन" भी कहा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वैरिएंट में F486P नाम का एक म्‍यूटेशन हुआ है, जो कोशिकाओं को कसकर पकड़ने की क्षमता रखता है। 
 

अमेरिका और यूरोप में दिख रहा असर

हाल में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया था कि XBB.1.5 वैरिएंट अमेरिका और यूरोप में तेजी से फैल रहा है। अबतक इसे 25 से ज्‍यादा देशों में रिपोर्ट किया गया है। इनमें अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, कनाडा, इस्राइल और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं। भारत में इस वैरिएंट के अबतक 8 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। 
 

तेजी से फैलता है XBB.1.5 वैरिएंट

कोरोना का नया वैरिएंट XBB.1.5  कितनी तेजी से फैलता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर की शुरुआत में अमेरिका में कोविड के मामलों में इसकी 2 फीसदी भागीदारी थी, जो दिसंबर के आखिर में 40 फीसदी तक पहुंच गई। यानी अमेरिका में रिपोर्ट हो रहे करीब आधे कोविड केस XBB.1.5 वैरिएंट के थे। 
 

क्‍या कारगर हैं वैक्‍सीन? 

हालांकि अभी यह देखा जाना बाकी है कि ओमिक्रॉन का XBB.1.5 वैरिएंट कोरोना के पिछले वैरिएंट्स के मुकाबले कितना गंभीर हो सकता है। अच्‍छी बात यह है कि कोविड की मौजूदा वैक्‍सीन इस वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल में पब्लिश एक एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि मॉडर्न और फाइजर के अपडेटेड बूस्‍टर XBB वायरस से सुरक्षा प्रदान करते हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Corona, Omicron, Kraken variant, science news latest

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. MG Motor की बिक्री में EVs की हिस्सेदारी बढ़कर 75 प्रतिशत से ज्यादा
  2. Ola Electric ने की रिकवरी, जून में बेची 16,000 से ज्यादा यूनिट्स
  3. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मार्केट में टाटा मोटर्स का दमदार परफॉर्मेंस, जून में बिक्री 183 प्रतिशत बढ़ी
  4. 10,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Vivo Pad 5c, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. IND vs ENG T20I Live Streaming: भारत-इंग्लैंड टी20 मैच लाइव आज, यहां देखें फ्री!
  6. Redmi Headphones Neo लॉन्च हुए 72 घंटे की बैटरी, 42dB ANC फीचर के साथ, जानें कीमत
  7. WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
  8. Vivo X500 Pro Max में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का हाई रिजॉल्यूशन पेरिस्कोप कैमरा
  9. Rogbid VisionPro AI स्मार्ट ग्लास हुए लॉन्च, 13MP कैमरा, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  10. बिटकॉइन पर भारी पड़ रहा मजबूत डॉलर, 59,000 डॉलर से नीचे गिरा प्राइस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »