• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 24 अरब किलोमीटर दूर से आई खुशखबरी! 6 महीनों से ‘चुप’ वोयाजर 1 स्‍पेसक्राफ्ट हुआ ठीक

24 अरब किलोमीटर दूर से आई खुशखबरी! 6 महीनों से ‘चुप’ वोयाजर 1 स्‍पेसक्राफ्ट हुआ ठीक

Voyager 1 News : नवंबर 2023 में स्‍पेसक्राफ्ट ने पृथ्‍वी पर पढ़ने लायक डेटा भेजना बंद कर दिया था।

24 अरब किलोमीटर दूर से आई खुशखबरी! 6 महीनों से ‘चुप’ वोयाजर 1 स्‍पेसक्राफ्ट हुआ ठीक

Photo Credit: Nasa

वोयाजर स्‍पेसक्राफ्ट को साल 1977 में लॉन्‍च किया गया था।

ख़ास बातें
  • वोयाजर 1 स्‍पेसक्राफ्ट पूरी तरह ठीक हुआ
  • सभी साइंस इंस्‍ट्रूमेंट करने लगे काम
  • पृथ्‍वी से 24 किलोमीटर दूर है स्‍पेसक्राफ्ट
विज्ञापन
Voyager 1 spacecraft News : लगभग 24 अरब किलोमीटर दूर से वैज्ञानिकों को बड़ी खुशखबरी मिली है। पिछले साल नवंबर से ‘चुप' बैठा नासा (Nasa) का वोयाजर 1 स्‍पेसक्राफ्ट (Voyager 1) पूरी तरह से ठीक हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्‍पेसक्राफ्ट के सभी चार साइंस इंस्‍ट्रूमेंट पृथ्‍वी पर जरूरी डेटा भेजने लगे हैं। नवंबर 2023 में स्‍पेसक्राफ्ट ने पृथ्‍वी पर पढ़ने लायक डेटा भेजना बंद कर दिया था। नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी (Nasa JPL) को इसकी जांच सौंपी गई। टीम ने एक खराब चिप का पता लगाया जो अभियान को बाधा पहुंचा रही थी।    

Voyager 1 से वैज्ञानिकों को जो डेटा मिलता है, वो बाइनरी कोड यानी 0 और 1 में होता है। स्‍पेसक्राफ्ट में दिक्‍कत आई तो उसने अस्‍पष्‍ट डेटा भेजना शुरू कर दिया। वैज्ञानिक ऐसी स्थिति का अनुमान लगा रहे थे, क्‍योंकि स्‍पेसक्राफ्ट 46 साल पुराना हो गया है।   

अप्रैल में वैज्ञानिकों को कामयाबी मिली, जब इसने पढ़ने लायक डेटा फ‍िर से पृथ्‍वी पर भेजना शुरू कर दिया। हालांकि तब भी इसके 2 साइंस इंस्‍ट्रूमेंट ही ठीक काम कर पा रहे थे। अब पता चला है कि Voyager 1 के सभी चार साइंस इंस्‍ट्रूमेंट ठीक तरीके से काम कर रहे हैं। 

परेशानी को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने कोडिंग का इस्‍तेमाल किया। वोयाजर स्‍पेसक्राफ्ट को साल 1977 में लॉन्‍च किया गया था। पृथ्‍वी से 24 अरब किलोमीटर दूर होने की वजह से इसका संदेश पृथ्‍वी पर काफी देर से पहुंचता है। पृथ्‍वी से जब भी कोई मैसेज वोयाजर 1 को भेजा जाता है, तो उसे स्‍पेसक्राफ्ट तक पहुंचने में 22.5 घंटे का लग जाते हैं।

वोयाजर 1 की सफलता के बाद वैज्ञानिकों ने साल 2018 में Voyager 2 स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया था। दोनों स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ ‘गोल्डन रिकॉर्ड्स' ले गए हैं। यह 12 इंच की सोने की परत वाली तांबे की एक डिस्क है, जिसका मकसद हमारी दुनिया यानी पृथ्‍वी की कहानी को अलौकिक दुनिया (extraterrestrials) तक पहुंचाना है। वोयाजर 1 और 2 स्‍पेसक्राफ्ट का मकसद बृहस्‍पति और शनि ग्रह के सिस्‍टमों को स्‍टडी करना है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Huawei Mate 80 Pro का इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  2. Xiaomi QLED TV X Pro 75 की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  3. Lenovo लॉन्च कर सकती है MWC 2026 में 3D डिस्प्ले वाले लैपटॉप, लीक में खुलासा
  4. Apple खोलेगी 2 मार्च को अपना पिटारा! iPhone 17e, MacBook Air, iPad Air हो सकते हैं लॉन्च, जानें खास बातें
  5. Amazfit Active 3 Premium लॉन्च हुई 3000 निट्स ब्राइटनेस, 4GB रैम, 12 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
  6. महंगे होंगे मोबाइल! 2026 में स्मार्टफोन मार्केट के लिए बुरी खबर
  7. पेमेंट्स कंपनी Block ने AI के चलते 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला!
  8. Noise ने Master Buds 2 किए लॉन्च, 30 घंटे चलेगी बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
  9. Holi 2026: होली पर पार्टी के लिए बेस्ट रहेंगे ये ब्लूटूथ स्पीकर
  10. Samsung Galaxy S26 Ultra vs iPhone Air vs Google Pixel 10 Pro: जानें कौन सा फ्लैगशिप फोन है बेस्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »