• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पृथ्‍वी से 3 अरब किलोमीटर दूर ‘छुपे’ हैं महासागर! चौंका रही है यह जानकारी, जानें

पृथ्‍वी से 3 अरब किलोमीटर दूर ‘छुपे’ हैं महासागर! चौंका रही है यह जानकारी, जानें

वोयाजर 2 इकलौता ऐसा अंतरिक्ष यान है, जो यूरेनस तक पहुंचा था।

पृथ्‍वी से 3 अरब किलोमीटर दूर ‘छुपे’ हैं महासागर! चौंका रही है यह जानकारी, जानें

Photo Credit: Johns Hopkins applied physics laboratory

यूरेनस के सिस्‍टम में एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स का होना यह इशारा देता है कि उसके एक या दो चंद्रमा अपने भीतर एक सक्रिय महासागर को समेटे हुए हो सकते हैं।

ख़ास बातें
  • वोयाजर 2 स्‍पेसक्राफ्ट के डेटा को फ‍िर से जांचने पर निकला अनुुमान
  • यूरेनस पर पहुंंचने वाला इकलौता स्‍पेसक्राफ्ट है वोयाजर 2
  • भविष्‍य में लॉन्‍च होने वाले मिशनों के काम आ सकती है यह जानकारी
विज्ञापन
हमारे सौरमंडल का सातवां ग्रह है यूरेनस (Uranus) जिसे अरुण भी कहा जाता है। रिसर्चर्स ने यह अनुमान लगाया है कि यूरेनस की परिक्रमा करने वाले 27 चंद्रमाओं में से 2 चंद्रमाओं की सतह के नीचे सक्रिय महासागर यानी समुद्र छिपे हुए हो सकते हैं। ये अपना मटीरियल अंतरिक्ष में पहुंचा सकते हैं। जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी में रिसर्चर्स की एक टीम ने यह विश्‍लेषण किया है। टीम को लगता है कि यूरेनस के एक या दो चंद्रमा अपने ग्रह के सिस्‍टम में प्‍लाज्‍मा के पार्टिकल्‍स भेज रहे हैं। ये एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स हैं। 

इस नतीजे तक पहुंचने के लिए रिसर्चर्स की टीम ने वोयाजर 2 (Voyager 2) स्‍पेस प्रोब के डेटा का इस्‍तेमाल किया है। साल 1977 में लॉन्‍च किए गए वोयाजर 2 स्‍पेस प्रोब ने 1986 में यूरेनस पर बर्फ से जुड़ी जानकारियां जुटाई थीं। आजतक के इतिहास में वोयाजर 2 इकलौता ऐसा अंतरिक्ष यान है, जो यूरेनस तक पहुंचा था। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरेनस के सिस्‍टम में एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स का होना यह इशारा देता है कि उसके एक या दो चंद्रमा अपने भीतर एक सक्रिय महासागर को समेटे हुए हो सकते हैं। इसी तरह के डेटा से वैज्ञानिक पूर्व में यह भी जान चुके हैं कि बृहस्‍पति का चंद्रमा यूरोपा और शनि का चंद्रमा एन्सेलाडस भी समुद्र को संजोए हुए है।  

हालांकि वैज्ञानिकों की टीम पार्टिकल्‍स के सोर्स का पता नहीं लगा पाई है, लेकिन इसने भविष्‍य के लिए प्रस्‍तावित म‍िशनों को बड़ा सुराग जरूर दिया है। वैज्ञानिक लंबे समय ये यह कहते आए हैं कि अब सौरमंडल के बाहरी ग्रहों को भी एक्‍सप्‍लोर किया जाना चाहिए। दुनियाभर के देशों की स्‍पेस एजेंसियों की नजर फ‍िलहाल चंद्रमा और मंगल ग्रह पर है, लेकिन बाहरी सौरमंडल के ग्रह मसलन- शनि और यूरेनस में भी जीवन की संभावनाओं से जुड़े सबूत हो सकते हैं। 

वैसे भी कई स्‍टडी में यह सामने आया है कि पृथ्‍वी पर पानी हमारे सौरमंडल से आया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि  हमारे सौरमंडल में घूमने वाले एस्‍टरॉयड (Asteroids) से पृथ्‍वी में पानी आया हो सकता है। वैज्ञानिक, एस्‍टरॉयड ‘रयुगु' (Ryugu) के सैंपलों की स्‍टडी कर रहे हैं, जिसने उन्‍हें यह संकेत दिया है कि पृथ्‍वी पर पानी एस्‍टरॉयड लाए। यानी पानी की मौजूदगी हमारे सौरमंडल में है।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung के ट्रिपल फोल्ड स्मार्टफोन की बंद हुई बिक्री, जानें कारण....
  2. Sony Xperia 1 VIII में मिल सकता है स्क्वेयर कैमरा आइलैंड, जल्द लॉन्च की तैयारी
  3. सूरज की आग से धूमकेतु हो गया राख! नासा ने दिखाईं गजब तस्वीरें
  4. Xiaomi ने बिजली बचाने वाला नया AC किया लॉन्च, पावरफुल कम्प्रेसर से लैस, जानें कीमत
  5. Realme का सस्ता फोन C81 हो सकता है 6300mAh बैटरी से लैस! फीचर्स लीक
  6. Asteroid Alert: 54 फीट तक बड़े 2 एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
  7. Ola इलेक्ट्रिक टूव्हीलर पर 50 हजार रुपये का डिस्काउंट! अक्षय तृतीया पर कंपनी का जबरदस्त ऑफर
  8. Samsung Galaxy S26 सीरीज के फोन 19 हजार रुपये तक हुए सस्ते! कंपनी ने गिराई कीमत
  9. Google Pixel 8a पर सबसे बड़ा डिस्काउंट, आधी से भी कम कीमत में खरीदें 64MP कैमरा वाला फोन
  10. भारत में महंगे होंगे BYD के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, तीन प्रतिशत तक बढ़ेंगे प्राइसेज
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »