NASA के जेम्स वेब टेलीस्कोप को दिखे रहस्य भरे लाल चमकते बिंदु!

ये बिंदु ब्लैक होल के चारों ओर गैस के सिंगल विशाल गोले हो सकते हैं।

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Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, Edited by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 26 सितंबर 2025 09:48 IST
ख़ास बातें
  • ये बिंदु ब्लैक होल के चारों ओर गैस के सिंगल विशाल गोले हो सकते हैं
  • 2022 से ही वैज्ञानिक इनके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं
  • ये बिंदु अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बने हुए हैं।

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष में छोटे छोटे लाल रंग के कुछ बिंदु अंतरिक्ष में देखे हैं।

नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष में छोटे छोटे लाल रंग के कुछ बिंदु अंतरिक्ष में देखे हैं। ये बिंदु अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बने हुए हैं। 2022 से ही वैज्ञानिक इनके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर में अंतरिक्ष में दिखने वाले ये धब्बे हैं क्या? इन्हें लेकर अब एक नई स्टडी प्रकाशित की गई है जो बताती है कि ये बिंदु ब्लैक होल के चारों ओर गैस के सिंगल विशाल गोले हो सकते हैं। यह एक नए प्रकार का ब्लैक होल तारा हो सकता है। अगर ऐसा है तो इससे यह समझा जा सकता है कि ब्रह्मांड के प्रारंभिक काल में महाविशाल ब्लैक होल इतनी तेज़ी से कैसे विकसित हुए।

हालिया अवलोकन क्या कहता है
Astronomy & Astrophysics जर्नल में एक रिसर्च इसे लेकर प्रकाशित की गई है। शोध खगोल विज्ञानी जोल लेजा के नतृत्व में काम कर रहे एक ग्रुप ने किया है। इस ग्रुप ने 2024 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के स्पेक्टोग्राफ की जांच की। उन्होंने 60 घंटों की अवधि में लगभग 4,500 दूरस्थ आकाशगंगाओं से स्पेक्ट्रम इकट्ठा किए। द क्लिफ नामक एक वस्तु विशेष का यहां खासतौर पर जिक्र किया गया। इसके स्पेक्ट्रम से पता चला कि दिखने वाली रोशनी तारों के समूह से नहीं, बल्कि एक विशाल सोर्स से उत्पन्न हुई थी और यह सोर्स लगभग 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित था।

खोज पर उभरते विवाद
ब्लैक-होल-स्टार मॉडल के अनुसार, दिखने वाला हरेक लाल बिंदु प्रभावी रूप से एक विशालकाय, ठंडा गैस का तारा है, जो एक प्रचंड ब्लैक होल द्वारा संचालित होता है। तारों के सूमह के बजाए लेजा ने इसे एक विशाल, बहुत ठंडा तारा बताया है। हालाँकि, यह धारणा अभी भी काल्पनिक है। अन्य खगोलशास्त्री इसके लिए अलग-अलग व्याख्याएँ देते हैं।

उदाहरण के लिए, पैकुची और लोएब का मानना ​​है कि ये बिंदु शायद घने रूप में मौजूद शिशु आकाशगंगाएँ हैं जो दुर्लभ, धीमी गति से घूमने वाले डार्क मैटर प्रभामंडलों में बन रही हैं। ऐसा लगता है कि धूल या घने तारे इनमें लाल चमक पैदा कर रहे हैं। शोध करने वाले लोग इस बात पर जोर देते हैं कि इनके बारे में और अधिक स्पष्ट व्याख्या देने के लिए जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के और भी ऑब्जर्वेशंस को स्टडी करने की आवश्यकता है। बहरहाल, ये छोटे लाल-बिंदु अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझा रहस्य ही बने हुए हैं। 
 

 

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ये भी पढ़े: NASA, James Webb Telescope, Black Hole, Black hole eruption

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