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छोटी आकाशगंगाओं को ‘निगल’ कर बड़ी हो रही यह गैलेक्‍सी! हबल टेलीस्‍कोप ने खींची तस्‍वीर

NGC 474 में एक जट‍िल शेल संरचना है, जिसने इसके किनारों को घेरा हुआ है।

छोटी आकाशगंगाओं को ‘निगल’ कर बड़ी हो रही यह गैलेक्‍सी! हबल टेलीस्‍कोप ने खींची तस्‍वीर

Photo Credit: Nasa

हबल टेलीस्‍कोप, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) का संयुक्‍त प्रोजेक्‍ट है।

ख़ास बातें
  • यह पृथ्वी से लगभग 100 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर है
  • इसे NGC 474 के नाम से जाना जाता है
  • यह हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे से 2.5 गुना बड़ी है
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पिछले 30 साल से अंतरिक्ष में तैनात हबल स्‍पेस टेलीस्‍कोप (Hubble Space Telescope) हमें इस ब्रह्मांड की बारीकियों से रू-ब-रू करवा रहा है। कोई सप्‍ताह ऐसा नहीं होता, जब हमें इस टेलीस्‍कोप के द्वारा खींची गई इमेज देखने को ना मिले। अब इसने एक विशाल आकाशगंगा के शानदार नजारे को कैद किया है। यह हमारी आकाशगंगा- ‘मिल्‍की वे' से भी दोगुनी बड़ी है। यह एक अंडाकार आकाशगंगा है, जिसे NGC 474 के नाम से जाना जाता है, जो पृथ्वी से लगभग 100 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। हबल टेलीस्‍कोप ने इस आकाशगंगा के सेंट्रल रीजन को नजदीक से कैप्‍चर किया, जिससे इसके आकार का पता चलता है। हालांकि इसकी एक और खूबी है। 

अपने सर्वे के दौरान हबल टेलीस्‍कोप के एडवांस्‍ड कैमरों ने NGC 474 की नई इमेज को कैप्‍चर किया। इसके लिए टेलीस्‍कोप के वाइड फील्ड और प्लैनेटरी कैमरा 2 और वाइड फील्ड कैमरा 3 के डेटा का भी इस्‍तेमाल किया गया। 

नासा के अनुसार, NGC 474, हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे से 2.5 गुना बड़ी है। लेकिन इसका बड़ा आकार ही इस आकाशगंगा की इकलौती खूबी नहीं है। हबल टेलीस्‍कोप के हालिया ऑब्‍जर्वेशंस से पता चलता है कि NGC 474 में एक जट‍िल शेल संरचना है, जिसने इसके किनारों को घेरा हुआ है। यह किस तरह की संरचना है अभी इसकी पुख्‍ता जानकारी नहीं है,  पर हो सकता है कि यह आकाशगंगा अपने से छोटी गैलेक्‍सी को अवशोषित करती हो। माना जाता है कि अवशोषित होने वाली आकाशगंगाएं ऐसी तरंगें बना सकती हैं, जिससे NGC 474 का ढांचा तैयार होता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का कहना है कि लगभग 10 फीसदी अंडाकार आकाशगंगाओं में शेल संरचनाएं होती हैं।

हबल टेलीस्‍कोप, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) का संयुक्‍त प्रोजेक्‍ट है। यह 30 साल से अंतरिक्ष के छुपे हुए रहस्‍यों को सामने ला रहा है। इस टेलीस्‍कोप ने अब तक 13 लाख से ज्‍यादा ऑब्‍जर्वेशन किए हैं। 

हालांकि अब यह टेलीस्‍कोप अपने बुढ़ापे की ओर है। नासा ने इसके सक्‍सेसर के तौर पर पिछले साल जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप (James Webb Space Telescope) को लॉन्‍च किया है। 10 अरब डॉलर (करीब 75,785 करोड़ रुपये) का जेम्स वेब अंतरिक्ष में भेजा गया अब तक की सबसे पावरफुल ऑब्‍जर्वेट्री है। 

फ‍िलहाल यह डिप्‍लॉयमेंट के फेज से गुजर रहा है और इस साल गर्मियों से अपना काम पूरी तरह शुरू कर सकता है। जेम्स वेब को भी नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने मिलकर तैयार किया है। इसका मकसद ब्रह्मांड की उत्पत्ति और इसके विकास पर नई रोशनी डालना है।
 
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