• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पृथ्‍वी के घूमने की रफ्तार हुई तेज, 24 घंटे से कम वक्‍त में पूरा किया एक चक्‍कर, जानें इसके मायने

पृथ्‍वी के घूमने की रफ्तार हुई तेज, 24 घंटे से कम वक्‍त में पूरा किया एक चक्‍कर, जानें इसके मायने

वैज्ञानिकों ने कहा है कि पृथ्‍वी ने हाल के वर्षों में अपनी गति बढ़ा दी है। मतलब कि यह एक चक्‍कर कम वक्‍त में पूरा कर ले रही है।

पृथ्‍वी के घूमने की रफ्तार हुई तेज, 24 घंटे से कम वक्‍त में पूरा किया एक चक्‍कर, जानें इसके मायने

अगर पृथ्वी बढ़ती हई रफ्तार से रोटेट करती रही तो निगेटिव लीप सेकंड का इस्तेमाल अहम हो जाएगा।

ख़ास बातें
  • 1960 के बाद साल 2020 में पृथ्वी ने अपना सबसे छोटा महीना देखा था
  • उस साल 19 जुलाई को अब तक का सबसे छोटा दिन दर्ज किया गया था
  • 2021 में भी पृथ्‍वी बढ़ी हुई रफ्तार से चक्‍कर लगाती रही थी
विज्ञापन
हम हमेशा से यही पढ़ते आए हैं कि पृथ्‍वी को एक घूर्णन (Rotation) पूरा करने में करीब 24 घंटे लगते हैं, जिसकी वजह से दिन और रात होते हैं। अब जो वैज्ञानिकों ने बताया है वह हैरान करने वाला है। पृथ्‍वी इस रिकॉर्ड को तोड़ रही है। 29 जुलाई को पृथ्वी ने 24 घंटे से कम वक्‍त में अपना चक्‍कर पूरा कर लिया। जानकारी के अनुसार, पृथ्‍वी ने 24 घंटे के रोटेशन से 1.59 मिलीसेकंड कम समय में यह चक्‍कर पूरा किया। वैज्ञानिकों ने कहा है कि पृथ्‍वी ने हाल के वर्षों में अपनी गति बढ़ा दी है। मतलब कि यह एक चक्‍कर कम वक्‍त में पूरा कर ले रही है।  

इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, 1960 के बाद साल 2020 में पृथ्वी ने अपना सबसे छोटा महीना देखा था। उस साल 19 जुलाई को अब तक का सबसे छोटा दिन दर्ज किया गया था। तब पृथ्‍वी ने एक चक्‍कर 24-घंटे से 1.47 मिलीसेकंड कम समय में पूरा कर लिया था।

अगले साल यानी 2021 में भी पृथ्‍वी बढ़ी हुई रफ्तार से चक्‍कर लगाती रही, लेकिन इसने कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ा। हालांकि इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग (IE) के अनुसार यह 50 साल के छोटे दिनों के फेज की शुरुआत हो सकती है। पृथ्वी के घूमने की गति में बदलावों की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ऐसा पृथ्वी के कोर की अंदरुनी या बाहरी प्रक्रियाओं, महासागरों, ज्वार और जलवायु में परिवर्तन आदि की वजह से हो सकता है।

अपनी रिपोर्ट में इंडिपेंडेंट ने बताया है कि अगर पृथ्वी बढ़ती हई रफ्तार से चक्‍कर लगाती रही तो निगेटिव लीप सेकंड का इस्तेमाल अहम हो जाएगा। एक तरह से यह कुछ सेकंड हटाने जैसा या एटॉमिक क्लॉक का वक्‍त बदलने की तरह है, ताकि पृथ्‍वी जिस रफ्तार से रोटेट कर रही है, उसे समय के हिसाब से सटीक बनाया जा सके। 

हालांकि इसके नुकसान भी होंगे। इससे स्मार्टफोन, कंप्यूटर और कम्‍युनिकेशंस सिस्‍टम पर असर पड़ेगा। गौरतलब है कि तमाम डिवाइसेज और सिस्‍टम, सोलर टाइम के हिसाब से सेट किए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे फायदे की बजाए नुकसान ज्‍यादा होगा। ऐसे में किसी और विचार के बारे में सोचे जाने की जरूरत है।  

ऐसा इसलिए क्‍योंकि हमारी घड़ी चाहे वो जिस भी रूप में हो 00:00:00 पर रीसेट होने से पहले 23:59:59 से 23:59:60 तक आगे बढ़ती है। ऐसे में अगर निगेटिव लीप सेकंड का इस्तेमाल किया जाता है यानी टाइम को जंप किया जाता है, तो यह आपकी डिवाइस के पूरे प्रोग्राम को क्रैश कर सकता है और जरूरी डेटा को भी बर्बाद कर सकता है। 

ध्‍यान देने वाली बात यह भी है कि समय मापने के प्राइमरी स्‍टैंडर्ड यानी ‘कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम' (UTC) को पहले भी अपडेट किया जा चुका है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. X पर वीडियो पोस्ट करके जीतें 2.83 लाख रुपये, किकस्टार्ट बोनस शुरू, जानें सबकुछ
  2. 6500mAh बैटरी वाला फोन Amazon Sale में ₹15 हजार से भी सस्ता हुआ
  3. Oppo Find X10 Pro Max ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP तीन कैमरा, 7150mAh बैटरी फीचर्स
  4. ₹30 हजार के बजट में मिल सकते हैं ये बेहतरीन स्मार्टफोन, Amazon Sale में डिस्काउंट भी
  5. 10000mAh की विशाल बैटरी वाला HONOR WIN Tablet लॉन्च, बड़ी स्क्रीन के साथ प्रोसेसर भी दमदार
  6. ₹2000 सस्ता खरीदें Xiaomi का 9,000mAh बैटरी वाला फोन! Flipkart Sale में तगड़ा ऑफर
  7. भारत में Apple के बिजनेस की तेज रफ्तार, 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ रेवेन्यू
  8. Realme C01 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 6,500mAh हो सकती है बैटरी
  9. स्मार्टफोन मार्केट में जल्द होगी Karbonn Mobiles की वापसी, Karbonn Rebel 5G के लॉन्च की तैयारी
  10. Motorola के नए वाइड-फोल्डिंग स्मार्टफोन में मिल सकता है Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »