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पूर्णिमा पर आज शाम दिखाई देगा ‘स्‍ट्रॉबेरी मून’, जानें इसके बारे में सबकुछ

खास बात यह है कि आज चांद ना तो स्‍ट्रॉबेरी के जैसा दिखाई देगा, ना ही उसकी चमक में गुलाबीपन होगा, फ‍िर भी इसे स्‍ट्रॉबेरी मून कहने के पीछे लॉजिक है।

पूर्णिमा पर आज शाम दिखाई देगा ‘स्‍ट्रॉबेरी मून’, जानें इसके बारे में सबकुछ

पृथ्‍वी और चंद्रमा के बीच की जो दूरी है, मंगलवार को वह करीब 26 हजार किलोमीटर कम हो जाएगी।

ख़ास बातें
  • इस दौरान चंद्रमा का आकार बड़ा और चमकीला नजर आएगा
  • पूर्णिमा पर चांद का दीदार शाम 5.22 बजे से किया जा सकेगा
  • इसे लाइव टेलीकास्‍ट भी करने की तैयारी की गई है
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चंद्रमा आज बेहद खास अंदाज में हमारे सामने आने वाला है। आज शाम पूर्णिमा पर चांद का जो रूप नजर आएगा उसे दुनिया में स्‍ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) के नाम से जाना जाता है, लेकिन खास बात यह है कि आज चांद ना तो स्‍ट्रॉबेरी के जैसा दिखाई देगा, ना ही उसकी चमक में गुलाबीपन होगा, फ‍िर भी इसे स्‍ट्रॉबेरी मून कहने के पीछे लॉजिक है। यह हम आपको आगे बताएंगे, लेकिन उससे जरूरी बात यह है कि भारतीय समय के अनुसार पूर्णिमा पर चांद का दीदार शाम 5.22 बजे से किया जा सकेगा। आज चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर अपनी कक्षा में निकटतम बिंदु पर होगा। इसे पेरिगी (perigee) कहा जाता है। इसी वजह से चंद्रमा ‘सुपरमून' जैसा दिखाई देगा। एक्‍सपर्ट के मुताबिक, इस दौरान चंद्रमा का आकार बड़ा और चमकीला नजर आता है। आसामान साफ होने पर इसकी चमक देखते ही बनती है। 
 

पृथ्‍वी के 26 हजार किलोमीटर नजदीक आएगा चांद 

रिपोर्टों के अनुसार, पृथ्‍वी और चंद्रमा के बीच की जो दूरी है, मंगलवार को वह करीब 26 हजार किलोमीटर कम हो जाएगी। जैसा कि हमने आपको बताया आज चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर अपनी कक्षा में निकटतम बिंदु पर होगा। इसे पेरिगी कहा जाता है। यही वजह है कि आज की पूर्णिमा में बाकी महीनों की पूर्णिमा के मुकाबले चांद 10 फीसदी ज्‍यादा रोशन होगा। 
 

इसलिए कहते हैं स्‍ट्रॉबेरी मून

जून महीने की पूर्णिमा को स्‍ट्रॉबेरी मून नाम अमेरिका की जनजातियों द्वारा दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस नाम का इस्तेमाल अल्गोंक्विन, ओजिब्वे, डकोटा और लकोटा लोगों द्वारा किया गया है। हमारे देश में इसे पूर्णिमा ही कहा जाता है, लेकिन पश्चिमी देशों के लिए आज स्‍ट्रॉबेरी मून है। गर्मियों में नजर आने वाले 3 सुपरमून्‍स में यह पहला सुपरमून होगा। 

नासा के अनुसार, सुपरमून 2022 की यह पूर्णिमा इस साल की सबसे निचली पूर्णिमा होगी, जो क्षितिज से सिर्फ 23.3 डिग्री ऊपर उठेगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया है कि खगोलविज्ञान में दिलचस्‍पी रखने वाले लोगों के लिए यह सुनहरा मौका है। लोग इस दौरान एक अच्छे टेलीस्कोप का इस्‍तेमाल करके चंद्रमा की सतह पर क्रेटर और पहाड़ों को देख सकते हैं। 

इस पूर्णिमा को ऑनलाइन लाइव भी देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार इटली के सेकानो में वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट के जरिए पूर्णिमा का फ्री लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। भारतीय समय के अनुसार, यह रात 12.45 बजे से शुरू होगा। 

 
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