• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • साउथ अफीका का अजब पौधा! नर मक्खी आकर्षित करने के लिए उड़ाता है 3D फीमेल मक्खियां!

साउथ अफीका का अजब पौधा! नर मक्खी आकर्षित करने के लिए उड़ाता है 3D फीमेल मक्खियां!

इस स्टडी को Current Biology जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

साउथ अफीका का अजब पौधा! नर मक्खी आकर्षित करने के लिए उड़ाता है 3D फीमेल मक्खियां!

Photo Credit: University Of Cambridge

डेजी पौधों में गॉरटेरिया डिफ्यूजा (Gorteria diffusa) नामक पौधे को स्टडी किया गया है।

ख़ास बातें
  • साउथ अफ्रीका के डेजी यानि गुलबहार पौधे के बारे में रोचक जानकारी
  • डेजी पौधों में गॉरटेरिया डिफ्यूजा (Gorteria diffusa) नामक पौधे पर स्टडी
  • कीड़ों को आकर्षित करने के लिए फेक फ्लाइज़ का देता है झांसा
विज्ञापन
प्रकृति ने विभिन्न तरह के जीव बनाए हैं और जीवों-पौधों की करोड़ों प्रजातियां धरती पर मौजूद हैं। इन सभी को प्रकृति ने अपना जीवन चलाने के लिए जरूरी कौशल और तकनीक भी दी हैं। अब साउध अफ्रीका में एक ऐसा विचित्र पौधा पाया गया है जो परागन यानि पॉलिनेशन के लिए झूठमूठ की मादा मक्खियां उड़ाता है ताकि पराग छोड़ने वाली नर मक्खियों को अपनी तरफ आकर्षित कर सके। यह सुनने में जितना अजीब लग रहा है, जानने में उतना ही रोचक भी है। आइए आपको बताते हैं कि यह पौधा कौन सा है, और किस तरह यह पराग कण छोड़ने वाले कीड़ों को अपनी तरफ खींचने के लिए बहुत ही हैरान करने वाला तरीका अपनाता है। 

यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में हाल ही में एक पौधे पर स्टडी की गई है। यहां साउथ अफ्रीका में पाए जाने वाले डेजी यानि गुलबहार पौधे के बारे में एक रोचक जानकारी सामने आई है। डेजी पौधों में गॉरटेरिया डिफ्यूजा (Gorteria diffusa) नामक पौधे को स्टडी किया गया है जो पराग कण छोड़ने वाले कीड़ों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए फेक फ्लाइज़ यानि कि झूठमूठ की मक्खियां उड़ाता है। ये मक्खियां थ्री डाइमेंशनल (3D) यानि त्रिआयामी होती हैं जिनके उड़ने का केवल आभास होता है। असल में ये मक्खियां वहां होती ही नहीं हैं। 

इस स्टडी को Current Biology जर्नल में प्रकाशित किया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के प्रोफेसर बेवरली ग्लोवर के अनुसार, इस पौधे ने अपने लिए एक ऐसी जीन विकसित कर ली है जिसे मेक ए फ्लाई जीन कहा है। पहले से मौजूद जीन और इस नई ईजाद की हुई जीन के साथ यह ऐसी परिस्थिति पैदा करता है जिससे नर मक्खियां इसके फूलों की पत्तियों की तरफ आकर्षित होती हैं। जिससे इसे पॉलिनेशन यानि कि परागण में मदद मिलती है। 

इसके पीछे का कारण भी समझ में आता है। स्टडी कहती है कि यह पौधा कठिन परिस्थितियों वाले मरुस्थल में उगता है। यहां बहुत कम बारिश होती है। छोटे से सीजन के दौरान इसे फूल भी लाने होते हैं, उनका परागण भी करना होता है, और मरने से पहले बीज में छोड़कर जाने होते हैं। इसलिए परिस्थिति के अनुसार इसमें एक ऐसी जीन पैदा हो गई है जिससे यह ज्यादा से ज्यादा नर मक्खियों को अपनी तरफ आकर्षित कर सके। यूनिवर्सिटी की प्रेस रिलीज में ये भी कहा गया है कि इस पौधे के इस प्रजाति को अस्तित्व में आए अभी बहुत अधिक समय नहीं हुआ है। दूसरी प्रजातियों से तुलना करें तो यह 20 लाख साल पुराना बताया गया है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ईयरबड्स छोड़ो, आ रहे ईयरहुक! Samsung लॉन्च कर सकती है नए जमाने के ईयरफोन, डिजाइन लीक
  2. Flipkart Free Netflix Plan: 1 अगस्त से FREE मिलेगा Netflix प्लान! Flipkart ग्राहकों के लिए जबरदस्त ऑफर
  3. Vivo V70, V70 Elite, V70 FE फोन भारत में हुए 8000 रुपये तक महंगे! जानें नई कीमत
  4. Apple Pay ने रुलाया, हजारों यूजर्स का फूटा गुस्सा
  5. Tecno देगी Apple को भी मात? बेजल-लेस डिस्प्ले वाला फोन किया पेश, देखें पहली झलक
  6. HMD Pulse 2 सीरीज के लॉन्च से पहले फीचर्स लीक, 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी से लैस होंगे फोन!
  7. 12 हजार सस्ता मिल रहा 7000mAh बैटरी, 50MP दो कैमरा वाला Oppo फोन! यहां आई जबरदस्त डील
  8. देश में FASTag यूजर्स की संख्या 6.20 करोड़ से ज्यादा, बैरियर-फ्री टोलिंग के लॉन्च की तैयारी
  9. Redmi K100 Pro Max में मिलेगा 6.9 इंच OLED डिस्प्ले, अगले महीने होगा लॉन्च
  10. iQOO Z11 के भारत में लॉन्च की तैयारी, मिल सकता है 3D कर्व्ड डिस्प्ले 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »