बर्फ के 1,640 फीट नीचे वैज्ञानिकों को मिली जीवों की नई दुनिया!

इस छुपे हुए ईकोसिस्टम को ढूंढने के लिए रिसर्च टीम ने बर्फ के नीचे 1640 फीट गहरा गड्ढा किया।

बर्फ के 1,640 फीट नीचे वैज्ञानिकों को मिली जीवों की नई दुनिया!

इस छुपे हुए ईकोसिस्टम को ढूंढने के लिए रिसर्च टीम ने बर्फ के नीचे 1640 फीट गहरा गड्ढा किया।

ख़ास बातें
  • ईकोसिस्टम के अंदरूनी हिस्से को देख वैज्ञानिक हैरान
  • यहां पर पानी के बर्ताव को देख भी वैज्ञानिक हैरान हैं
  • यहां का पानी चार-पांच परतों में बंटा हुआ है
विज्ञापन
वैज्ञानिक धरती के बाहर जीवन की खोज में लगे हैं लेकिन धरती पर भी कुछ ऐसी जगह हैं जो अब तक अनछुई हैं। अंटार्कटिका पूरा बर्फ से ढका हुआ है, वहां पर जमा देने वाली ठंड है, लेकिन कुदरत का करिश्मा ऐसा है कि यहां भी जीवों की अपनी एक दुनिया हो सकती है, इसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है। अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे वैज्ञानिकों को जीवों की ऐसी ही एक अलग दुनिया मिली है। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें बर्फ के नीचे छोटे जीवों का एक पूरा ईकोसिस्टम मिला है। वैज्ञानिकों को यह छुपा हुआ ईकोसिस्टम लार्सेन आईस शेल्फ के नीचे मिला है। वैज्ञानिकों ने बर्फ के 500 मीटर नीचे तक खुदाई की। फिर जब कैमरा इसमें डाला गया तो नीचे का नजारा देख वे हैरान रह गए। नीचे की गुफा जैसी जगह पूरी की पूरी छोटे, झींगा जैसे जीवों के झुंडों से भरी हुई पाई गई। सैटेलाइट इमेज बताती हैं कि जहां पर यह ईकोसिस्टम पाया गया है, वह एक उपसतही नदी है। 

इस छुपे हुए ईकोसिस्टम को ढूंढने के लिए रिसर्च टीम ने बर्फ के नीचे 1640 फीट गहरा गड्ढा किया। ड्रिलिंग के लिए टीम ने गर्म पानी के होज का इस्तेमाल किया। इसमें जब कैमरा अंदर भेजा गया तो उन्हें छोटे छोटे धुंधले से धब्बे दिखाई दिए। ये कैमरा की तकनीकी खराबी नहीं थी बल्कि छोटे छोटे क्रस्टेशिअन थे जिन्हें एम्फिपोड्स कहा जाता है। ये दिखते झींगे जैसे हैं लेकिन इनमें कोई शेल या कवच नहीं पाया जाता है। वैज्ञानिकों को बर्फ के इतना नीचे इस तरह के जीव मिलने की उम्मीद नहीं थी।  
1fnan0tg

Photo Credit: NIWA/Craig stevens

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटर एंड एटमॉस्फेरिक रिसर्च (NIWA) के एक भौतिक समुद्र विज्ञानी क्रैग स्टीवंस ने कहा, "उन सभी जीवों के हमारे कैमरे के चारों ओर तैरने का मतलब है कि वहां स्पष्ट रूप से एक महत्वपूर्ण ईकोसिस्टम प्रोसेस चल रही है।"

जहां ये ईकोसिस्टम पाया गया है, उस जगह के अंदरूनी हिस्से को देख वैज्ञानिक हैरान थे। उन्हें एक फ्लैट छत की उम्मीद थी लेकिन यह काफी असमान थी। स्टीवंस ने कहा कि यह रोटी के टुकड़े के जैसी जगह थी, जहां टॉप पर उठाव और बॉटम में एक संकीर्ण ढलान थी। यहां पर पानी के बर्ताव को देख भी वैज्ञानिक हैरान हैं। यहां का पानी चार और पांच परतों में बंटा हुआ है और सभी लेयर एक दूसरे के विपरीत दिशा में बहती हैं। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि हम इस ईकोसिस्टम के बारे में आगे भी स्टडी जारी रखेंगे। वे इस बात का पता भी लगाएंगे कि यह पर पोषक तत्व अंडरग्राउंड पानी में कैसे सर्कुलेट होते हैं। 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Antarctica, Antarctica Glaciers, Larsen Ice Shelf
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Poco X8 Pro Max में होगी 9,000mAh की दमदार बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  2. LPG सिलेंडर की किल्लत, स्मार्ट कूकर बनेंगे मदद, ऑनलाइन भारी डिस्काउंट पर खरीदें
  3. UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
  4. Samsung Galaxy S26 सीरीज की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  5. 7200mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ Vivo Y51 Pro 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  6. आसानी से भेजें सीक्रेट ईमेल, सिर्फ पासकोड से खुलेगा और अपने आप हो जाएगा डिलीट, जानें कैसे
  7. Xiaomi 17 Ultra भारत में Snapdragon 8 Elite Gen 5 और 200MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Xiaomi 17 भारत में लॉन्च: 6330mAh बैटरी, 50MP Leica कैमरा के साथ आया नया फ्लैगशिप, जानें कीमत
  9. iPhone 17 Pro ने कैमरा रैंकिंग में Galaxy S26 Ultra को पछाड़ा, 18वें नंबर पर Samsung फ्लैगशिप
  10. Xiaomi ने लॉन्च की नई Mijia 10kg फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन, कपड़े रहेंगे साफ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »