• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • इस एस्‍टरॉयड में नमक है! वैज्ञानिकों ने की बेहद अनोखी खोज, जानें इसके बारे में

इस एस्‍टरॉयड में नमक है! वैज्ञानिकों ने की बेहद अनोखी खोज, जानें इसके बारे में

जापान के हायाबुसा मिशन ने साल 2005 में एस्‍टरॉयड इटोकावा (Itokawa) से एक सैंपल कलेक्‍ट किया था।

इस एस्‍टरॉयड में नमक है! वैज्ञानिकों ने की बेहद अनोखी खोज, जानें इसके बारे में

Photo Credit: सांकेतिक तस्‍वीर

सैंपल को साल 2010 में पृथ्‍वी पर लाया गया था।

ख़ास बातें
  • 12 साल पुराने सैंपल की जांच में चला पता
  • एस्‍टरॉयड के सैंपल में मिले नमक के कण
  • सैंपल को साल 2010 में पृथ्‍वी पर लाया गया था
विज्ञापन
जब वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में पानी की मौजूदगी के सबूत मिल सकते हैं, तो नमक क्‍या चीज है! रिसर्चर्स ने एक जापानी स्‍पेसक्राफ्ट द्वारा पृथ्‍वी पर लाए गए एक एस्‍टरॉयड (Asteroid) के सैंपल में नमक (सोडियम क्‍लोराइड) के क्रिस्‍टल की खोज की है। जापान के हायाबुसा मिशन ने साल 2005 में एस्‍टरॉयड इटोकावा (Itokawa) से एक सैंपल कलेक्‍ट किया था। सैंपल को साल 2010 में पृथ्‍वी पर लाया गया था। इसका विश्‍लेषण करने के बाद नमक के जो क्रिस्‍टल मिले हैं, वह वैसे ही दिखते हैं, जैसे घर में इस्‍तेमाल होने वाले नमक के क्रिस्‍टल होते हैं।  

यह अपनी तरह का पहला शोध है, जो बताता है कि पृथ्‍वी पर नमक के क्रिस्‍टल इसके पैरंट एस्‍टरॉयड से आए थे। इटोकावा एक एस-टाइप का एस्‍टरॉयड है। ऐसे उल्‍कापिंड और एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी पर पूर्व में पाए जाते रहे हैं। 

पिछले साल एक स्‍टडी से यह भी पता चला था कि पृथ्‍वी पर पानी एस्‍टरॉयड से आया हो सकता है। रिसर्चर्स ने एस्‍टरॉयड रयुगु (Ryugu) के पृथ्वी पर लाए गए सैंपलों की जांच के बाद यह निष्‍कर्ष निकाला था। इन सैंपलों को भी जापान के स्‍पेसक्राफ्ट हायाबुसा -2 (Hayabusa-2) ने जुटाया था। 

रिसर्चर्स का मानना है कि पृथ्वी, सोलर नेबुला के इनर क्षेत्र में बनी है, जहां तापमान बहुत अधिक था। इसका मतलब है कि  पृथ्वी पर पानी, सोलर नेबुला के बाहरी इलाकों से आना था, जहां तापमान कम रहा होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि सोलर नेबुला के बाहर मौजूद धूमकेतु और एस्‍टरॉयड पानी को पहुंचाने के लिए पृथ्‍वी से टकराए।

रिसर्चर्स ने जिस सैंपल में नमक यानी साेडियम क्‍लोराइड की खोज की, वह एक धूल का कण है, जिसका व्‍यास 150 माइक्रोमीटर है। यह इंसान के बाल के चौड़ाई से दोगुना है। टीम ने इस कण का छोटा सा हिस्सा जो केवल 5 माइक्रोन चौड़ा था, उसे लेकर जांच की। 

रिसर्चर्स ने इस बात से इनकार किया कि सैंपल किसी भी प्रकार से दूषित हुआ होगा। रिसर्च शुरू करने से पहले वैज्ञानिकों ने सैंपल को अच्‍छे से परखा। वह 5 साल से सुरक्षित था। वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि उन्‍हें सैंपल में जो नमक मिला है, वह इटोकावा का है।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy Unpacked 2026: ऐसे देखें लॉन्च इवेंट लाइव, ये फोन होंगे लॉन्च
  2. ₹17000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का धांसू फोन
  3. देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
  4. फीचर फोन से लेकर स्मार्ट TV तक बेचने वाली वाली Cellecor का रेवेन्यू को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का टारगेट 
  5. नई Maruti कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगस्त से पहले कर लें बुकिंग, बढ़ने वाली हैं कीमतें
  6. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  7. CP PLUS ने लॉन्च किए नए 4G Dashcams, GPS और डुअल कैमरा के साथ कीमत ₹7,599 से शुरू
  8. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  9. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  10. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »