मानव शरीर मृत्यु के बाद एकदम से कहीं गायब नहीं हो जाता है। यह अपनी अवस्था को बदल लेता है- वैज्ञानिक
Photo Credit: iStock
मानव शरीर मृत्यु के बाद एकदम से कहीं गायब नहीं हो जाता है- वैज्ञानिक
मौत के बाद क्या होता है? यह सवाल हर किसी के मन में कभी न कभी जरूर आता होगा। कहते हैं कि मौत के बाद सब खत्म हो जाता है। लेकिन वैज्ञानिक कुछ और ही कहते हैं। एक नई थ्योरी इस संबंध में पेश की जाती है जो कहती है कि मरने के बाद इंसानी शरीर बिल्कुल खत्म नहीं होता है, यह दूसरे रूप में बदल जाता है और अपनी आगे की यात्रा जारी रखता है। आइए जानते हैं क्या है मौत का रहस्य!
मृत्यु को लेकर संसार में बहुत सी बातें पुराने समय से चली आ रही हैं। अब वैज्ञानिकों ने इसके बारे में कुछ गंभीर बातें कही हैं। NYP रिपोर्ट के मुताबिक, एस्ट्रॉफिजिसिस्ट नील डीग्रासे टायसन के मुताबिक, मानव शरीर मृत्यु के बाद एकदम से कहीं गायब नहीं हो जाता है। यह अपनी अवस्था को बदल लेता है, फिर ब्रह्मांड में अपनी यात्रा को आगे बढ़ा देता है लेकिन एक नए तरीके से। हाल ही में StarTalk पोडकास्ट में टायसन ने बताया कि जब एक व्यक्ति मरता है तो वह अपनी अवस्था को बदल लेता है। मरने के बाद शरीर के साथ क्या होता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि मृत शरीर के साथ क्या किया गया। यानी उसे जलाया गया या दफनाया गया।
आधुनिक युग में लोगों के पास दो तरह के विकल्प होते हैं। मृत्यु के पश्चात् उन्हें या तो दफनाया जा सकता है, या फिर जलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे दफनाने की प्रथा को महत्व देते हैं क्योंकि शरीर की ऊर्जा प्रकृति द्वारा वापस खींची जाती है। उन्होंने आगे बताया कि मानव शरीर एक लम्बे समय में विकसित हुआ होता है जिसके दौरान खाना, एक्सरसाइज, अंगों का विकास, मांस, उत्तक आदि की प्रक्रिया लगातार चलती है। व्यक्ति के मरने के बाद भी इन सभी अंगों में ऊर्जा रहती है। और जब एक शरीर दफनाया जाता है तो उसके गलने और सड़ने के बाद ऊर्जा को छोटे जीवाणुओं, पौधों, और जानवरों द्वारा फिर से भोजन के माध्यम से सोख लिया जाता है। जिससे कि ऊर्जा पृथ्वी में वापस लौट जाती है।
उन्होंने कहा कि शरीर को भस्म कर देना इस ऊर्जा को व्यय नहीं करता है। बल्कि, जब एक शरीर जलाया जाता है तो वह ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसके बाद यह इंफ्रारेड एनर्जी की तरफ जाती है और स्पेस में प्रकाश की गति से चलती है। यह ऊर्जा लगातार स्पेस में चलती जाती है। यानी कि किसी व्यक्ति के मरने के बाद उसकी ऊर्जा लगातार विभिन्न सौरमंडलों से गुजरती रहती है और ब्रह्मांड में सदैव मौजूद रहती है। यानी व्यक्ति ब्रह्मांड में मौजूद रहता है लेकिन एक भिन्न अवस्था में।
टायसन का यह वर्णन थर्मोडायनेमिक्स के पहले नियम पर आधारित है जो कहता है कि पदार्थ न तो बनाया जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है। यह केवल एक अवस्था से दूसरी में परिवर्तित हो जाता है। एक और वर्णन इस बारे में दिया गया है कि शरीर के जलने के बाद राख मिट्टी में मिल जाती है। यह पौधों द्वारा सोख ली जाती है। धीरे धीरे यह भोजन श्रंखला में शामिल हो जाती है और इस तरह से यह फिर से जीवित प्राणियों में आकर मिल जाती है। और प्रकृति का चक्र ऐसे ही चलता रहता है। यानी शरीर का मर जाना उसकी यात्रा की समाप्ति नहीं है। यह केवल अवस्था का परिवर्तन है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,590
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹41,061
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Haier M70 Mini LED 65-inch
Starts from ₹74,990
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹2,199
Xiaomi TV FX Mini LED 65
Starts from ₹64,999