• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चीन में मिली प्लास्टिक की चट्टानें! शोधकर्ता बोले प्लास्टिक प्रदूषण का खतरनाक चेहरा!

चीन में मिली प्लास्टिक की चट्टानें! शोधकर्ता बोले- प्लास्टिक प्रदूषण का खतरनाक चेहरा!

चीन के हेची शहर में प्लास्टिक की परत चढ़ी ये चट्टानें पाई गई हैं।

चीन में मिली प्लास्टिक की चट्टानें! शोधकर्ता बोले- प्लास्टिक प्रदूषण का खतरनाक चेहरा!

Photo Credit: Nature.com

चीन के हेची शहर में प्लास्टिक की परत चढ़ी ये चट्टानें पाई गई हैं।

ख़ास बातें
  • चीन में शोधकर्ताओं को एक अजीबो गरीब चट्टानी पत्थर मिले हैं।
  • ये प्लास्टिक की परत के साथ पाए गए हैं।
  • 2020 में वैज्ञानिकों को ब्राजील में भी ऐसी चट्टानें मिली थीं।
विज्ञापन
चीन में शोधकर्ताओं को एक अजीबो गरीब चट्टानी पत्थर मिले हैं जो कि प्लास्टिक की परत के साथ पाए गए हैं। शोधकर्ता इसे प्लास्टिक प्रदूषण का नया प्रकार बता रहे हैं। यानि कि अब प्लास्टिक पल्यूशन ने चट्टानों में भी पैर पसार लिए हैं जो पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि चट्टानों पर मिली ये प्लास्टिक की परत पत्थर से कैमिकली जुड़ी हुई है। आइए इस खोज के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

धरती पर प्लास्टिक को सबसे खतरनाक प्रदूषण माना जाता है क्योंकि प्लास्टिक कभी खाद में परिवर्तित नहीं हो पाता है और भूमि को बंजर करता चला जाता है। वैज्ञानिक कहने लगे हैं कि अब प्लास्टिक धरती के जलवायु तंत्र का जैसे हिस्सा हो गया है। ये नई खोज इस बात को और भी पक्का करती है, जिसमें चट्टानों पर अब प्लास्टिक की परत चढ़ी हुई पाई गई है। Nature की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में वैज्ञानिकों ब्राजील में ऐसी चट्टानें मिली थीं जिनके भीतर प्लास्टिक की परतें मिली थीं। इन्हें एंथ्रोपोक्यूनास कहा गया था।  

अब चीन के हेची शहर में प्लास्टिक की परत चढ़ी ये चट्टानें पाई गई हैं। बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी में मिट्टी और भूजल विज्ञानी डेयी होउ का कहना है कि 21वीं सदी का इन्सान नए जियोलॉजिकल रिकॉर्ड बना रहा है। होउ और उनके साथियों को वहां प्लास्टिक शीट चढ़ी चट्टानें मिली हैं। रिपोर्ट को Environmental Science and Technology में प्रकाशित किया गया है। हैरान कर देने वाली बात ये बताई गई है कि प्लास्टिक और चट्टानों के बीच में एक कैमिकल बॉन्ड मौजूद है। 

वैज्ञानिकों ने जब इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की तो पाया कि प्लास्टिक की पॉलीइथाइलीन परतों के निचले हिस्से पर कार्बन अणु मौजूद थे जो चट्टानों के अंदर मौजूद सिलिकॉन से ऑक्सीजन अणुओं की मदद से जुड़े हुए थे। होउ का कहना है कि यह बॉन्ड सूरज की अल्ट्रावाइलेट किरणों के कारण बना है। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि यह चट्टानों पर मौजूद छोटे जीवाणुओं की किसी गतिविधि के कारण बना हो। बाद में कहा गया कि यह प्लास्टिक इन चट्टानों से किसी भौतिक बल के माध्यम से जुड़ा हो सकता है, बजाए कि किसी केमिकल प्रक्रिया के माध्यम से। 

चट्टानों पर इस तरह प्लास्टिक की परतें जमी मिलना वाकई में चिंताजनक बताया गया है। ऐसा होने से समुद्री जीवों के जीवन के लिए भारी संकट खड़ा हो सकता है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Huawei Pura X2 में मिल सकती है 7.69 इंच फोल्डिंग स्क्रीन, जल्द होगा लॉन्च
  2. Infinix Note 60 Pro में मिलेगा iPhone 17 Pro Max जैसा कलर, जल्द लॉन्च की तैयारी
  3. गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
  4. BSNL के परफॉर्मेंस  में हुआ सुधार, कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 9.20 करोड़ से ज्यादा
  5. iPhone 17e Launch: किस दिन लॉन्च होगा 'किफायती' iPhone और क्या होगी कीमत? यहां जानें सब कुछ
  6. Poco X8 Pro में हो सकता है 6.5 इंच डिस्प्ले, दक्षिण कोरिया में मिला RRA सर्टिफिकेशन
  7. boAt Chrome Iris Launched: स्लीप ट्रैकिंग, फीमेल वेलनेस और SpO2 मॉनिटरिंग के साथ नई स्मार्टवॉच लॉन्च
  8. Itel A100 भारत में 5000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, मिलिट्री-ग्रेड जैसी ड्यूरेबिलिटी, जानें फीचर्स
  9. XElectron iProjector 3 Plus लॉन्च, घर पर देगा सिनेमा का अनुभव, गजब हैं स्मार्ट फीचर्स
  10. बजट 5G स्मार्टफोन का जलवा, 2025 में 1900% से ज्यादा बढ़ी बिक्री, जानें क्या है वजह
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »