NASA का Voyager 1 स्पेसक्राफ्ट 43 साल पुरानी तकनीकी की मदद से फिर लौटा!

Voyager 1 स्पेस में धरती से 15 अरब मील दूर मौजूद है।

NASA का Voyager 1 स्पेसक्राफ्ट 43 साल पुरानी तकनीकी की मदद से फिर लौटा!

NASA के स्पेसक्राफ्ट Voyager 1 ने हाल ही में धरती से फिर से संपर्क साधकर वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया।

ख़ास बातें
  • स्पेसक्राफ्ट 47 साल से अंतरिक्ष की यात्रा पर निकला हुआ है।
  • 43 साल पुराने ट्रांसमीटर की मदद से इसने मैसेज भेजा।
  • Voyager 1 ने जुपिटर प्लेनेट के चारों तरफ एक पतली रिंग की भी खोज की है।
विज्ञापन
NASA के स्पेसक्राफ्ट Voyager 1 ने हाल ही में धरती से फिर से संपर्क साधकर वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। यह स्पेसक्राफ्ट 47 साल से अंतरिक्ष की यात्रा पर निकला हुआ है। कमाल की बात यह रही कि जिस रेडियो ट्रांसमीटर के माध्यम से इसने संपर्क साधा वह आखिरी बार 1981 में इस्तेमाल किया गया था। यानी 43 साल पुराने ट्रांसमीटर की मदद से इसने मैसेज भेजा। नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेट्री (JPL) के वैज्ञानिकों ने 24 अक्टूबर को Voyager 1 से संपर्क स्थापित किया था। 

Voyager 1 स्पेस में 15 अरब मील दूर मौजूद है। 16 अक्टूबर को इसका एक ट्रांसमीटर शटडाउन हो गया जिसके कारण कम्युनिकेशन में एक अस्थायी व्यवधान पैदा हो गया। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि यह शटडाउन स्पेसक्राफ्ट के फॉल्ट प्रोटेक्शन सिस्टम के कारण हुआ होगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम अक्सर स्पेसक्राफ्ट में चल रहे कुछ अन्य सिस्टम को बंद कर देता है। जब स्पेसक्राफ्ट में बहुत ज्यादा पावर की खपत होने लगती है तो यह सिस्टम ऐसा करता है। 

नासा के अनुसार Voyager 1 से एक मैसेज को धरती तक पहुंचने, या फिर धरती से Voyager 1 तक पहुंचने में 23 घंटे का समय लगता है। यानी भेजा गया मैसेज एकतरफा दूरी को लगभग 1 दिन में तय करता है। 16 अक्टूबर को इंजीनियरों ने स्पेसक्राफ्ट को एक कमांड भेजी, लेकिन 18 अक्टूबर तक भी उन्हें स्पेसक्राफ्ट की तरफ से कोई रेस्पॉन्स प्राप्त नहीं हुआ। फिर उसके एक दिन बाद स्पेसक्राफ्ट से संपर्क पूर्ण रूप से टूट गया। जांच के बाद पता चला कि Voyager 1 के फॉल्ट प्रोटेक्शन सिस्टम ने स्पेसक्राफ्ट को एक अन्य, कम पावर खपत वाले ट्रांसमीटर में स्विच कर दिया है। 

Voyager 1 में दो रेडियो ट्रांसमीटर लगे हैं लेकिन यह काफी सालों से केवल एक ही को इस्तेमाल कर रहा है जिसे X-band ट्रांसमीटर कहा जाता है। वहीं दूसरा, S-band ट्रांसमीटर एक अन्य फ्रीक्वेंसी को इस्तेमाल करता है जिसे 1981 के बाद से इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिलहाल नासा ने X-band ट्रांसमीटर में दोबारा से स्विच करने का फैसला टाल दिया है। 

एजेंसी का कहना है कि वह तब तक ऐसा नहीं करेगी जब तक कि पता न लग जाए कि स्पेसक्राफ्ट ने ट्रांसमीटर क्यों बदला। इस बीच वैज्ञानिकों ने 22 अक्टूबर को फिर से एक मैसेज स्पेसक्राफ्ट को भेजा जिसका जवाब उन्हें 24 अक्टूबर को मिला। इससे सुनिश्चित हो गया कि स्पेसक्राफ्ट S-band ट्रांसमीटर के साथ सही से काम कर रहा है। Voyager 1 ने जुपिटर प्लेनेट के चारों तरफ एक पतली रिंग की भी खोज की है। साथ ही इसके दो नए जोवियन चंद्रमाओं- Thebe और Metis का भी पता लगाया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. MG Motor की Windsor EV हुई महंगी, जानें प्राइस में हुई कितनी बढ़ोतरी
  2. 80W पावर आउटपुट वाला Boat Stone 900 ब्लूटूथ स्पीकर भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  3. जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख साल बरसे थे बादल! क्या है कार्नियन इवेंट? जानें
  4. ₹5000 सस्ता मिल रहा OnePlus 13s, Amazon Prime Day Sale में ऐसे हो रही बचत
  5. ₹60 हजार के बजट वाले लैपटॉप हुए Amazon Prime Day Sale में सस्ते, ये है खरीदने का मौका
  6. Moto G77 Power भारत में हुआ लिस्ट, 7000mAh बैटरी, 50MP 2 कैमरा से लैस, जानें सबकुछ
  7. ₹15000 से भी कम कीमत में मिल रहे 43 इंच स्मार्ट टीवी, Amazon Prime Day Sale में देखें बेस्ट TV
  8. Vivo Y500 हुआ लॉन्च, 8100mAh बैटरी के साथ है 50MP डुअल कैमरा, जानें कीमत
  9. सिंगल चार्ज में 30 दिन की बैटरी वाला फिटनेस बैंड Rogbid Loop Air लॉन्च, जानें कीमत
  10. ₹50000 में आने वाले फोन Amazon Prime Day Sale में हुए गजब सस्ते, देखें बेस्ट डील
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »