कैसा दिखता है मरता हुआ तारा, नासा ने तस्‍वीरों से समझाया

लाल आयत आकार का यह नेब्‍युला पृथ्वी से लगभग 2300 प्रकाश-वर्ष दूर मोनोसेरोस तारामंडल की ओर स्थित है, जिसका लैटिन में अर्थ है 'यूनिकॉर्न।'

कैसा दिखता है मरता हुआ तारा, नासा ने तस्‍वीरों से समझाया

इस नेब्‍युला को पहली बार 1970 के दशक की शुरुआत में एक रॉकेट उड़ान के दौरान खोजा गया था।

ख़ास बातें
  • नासा ने हबल स्पेस टेलीस्कोप से नेब्‍युला की खींची गई इमेज शेयर की है
  • यह तारा, सूर्य के समान है, लेकिन यह मर रहा है
  • यह गैस और अन्य सामग्री ब्रह्मांड में छोड़ रहा है, जो इसे अलग आकार देते है
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उसके हबल स्पेस टेलीस्कोप से नेब्‍युला (निहारिका) की खींची गई इमेज शेयर की है, जो अंतरिक्ष में एक गहरी सुरंग की तरह दिखती है। इस नेब्‍युला का जन्‍म एक मरते हुए तारे की वजह से हुआ है, जिसका नाम एचडी 44179 है और यह तारा लगभग 14000 साल से अपनी आउटर लेयर्स को अलग कर रहा है। खास बात यह है कि यह तारा, सूर्य के समान है, लेकिन यह मर रहा है और इस वजह से गैस और अन्य सामग्री ब्रह्मांड में छोड़ रहा है, जो इसे एक बहुत ही अलग आकार देते हैं। यह तारा एक अद्भुत संरचना से घिरा है, जिसे लाल आयत के रूप में जाना जाता है

हालांक‍ि हबल टेलीस्‍कोप द्वारा ली गई तस्‍वीरों में यह नेब्‍युला "X" शेप में दिखाई देता है, जिसमें चमकीली गैस की रंग-बिरंगी रेखाएं नजर आती हैं। नासा ने इंस्टाग्राम पर लिखा है कि यह नेब्‍युला हमारे मिल्की-वे में एक प्रकाश स्‍तंभ की तरह चमकता है। लाल आयतकार यानी रेड रेक्‍टेंगल यह नेब्‍युला पृथ्वी से लगभग 2300 प्रकाश-वर्ष दूर मोनोसेरोस तारामंडल की ओर स्थित है, जिसका लैटिन में अर्थ है 'यूनिकॉर्न।' नासा के अनुसार, कुछ लाख साल में यह एक नेब्‍युला ग्रह में बदल सकता है।
 
data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://www.instagram.com/p/CV-peMXtwoj/?utm_source=ig_embed&utm_campaign=loading" data-instgrm-version="14" style=" background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:540px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);">

यूरोप‍ियन स्‍पेस एजेंसी के अनुसार, इस नेब्‍युला को पहली बार 1970 के दशक की शुरुआत में एक रॉकेट उड़ान के दौरान खोजा गया था। तब खगोलविद्, इन्‍फ्रारेड रेडिएशन के मजबूत सोर्सेज की खोज कर रहे थे। इसे रेड रेक्टेंगल नाम 1973 में एस्ट्रोनॉमर्स- मार्टिन कोहेन और माइक मेरिल ने दिया था। इसके बाद ही हबल ने नेब्‍युला के एक्स शेप का खुलासा किया था। हबल स्पेस टेलीस्कोप को नासा और यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी ने संयुक्‍त रूप से लॉन्च किया था।

लाल आयतकार नेब्‍युला से निकलने वाली रोशनी भी कुछ अजीब है। इस तारे में ऐसा कुछ है, जो तारे के वायुमंडल को एक समान विस्तार से रोक रहा है। इस वजह से वर्तमान में यह रिसर्च के लिए भी हॉट टॉपिक बना हुआ है। हबल टेलीस्‍कोप को अप्रैल 1990 में स्‍पेस में लॉन्‍च किया गया था। तब से इसने डीप स्‍पेस की कई बेहतरीन तस्‍वीरें कैद की हैं।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Instagram, NASA Instagram, nasa, Hubble Space Telescope, Nebula, ECA
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  4. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  5. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  6. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  7. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  8. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  9. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  10. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »