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पृथ्‍वी और चंद्रमा एक फ्रेम में, 14 लाख किलोमीटर दूर से ली गई तस्‍वीर, ऐसे हुआ मुमकिन

लूसी स्‍पेसक्राफ्ट को पिछले साल 26 अक्टूबर को अमेरिका के फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से एटलस वी 401 रॉकेट के जरिए लॉन्‍च किया गया था।

पृथ्‍वी और चंद्रमा एक फ्रेम में, 14 लाख किलोमीटर दूर से ली गई तस्‍वीर, ऐसे हुआ मुमकिन

लूसी स्‍पेसक्राफ्ट एक अहम मिशन है। यह एक बेल्ट एस्‍टरॉयड और 6 ट्रोजन एस्‍टरॉयड को विज‍िट करने निकला है।

ख़ास बातें
  • तस्‍वीर में पृथ्‍वी साफ दिखाई देती है
  • लेकिन चंद्रमा को देखने के लिए थोड़ा फोकस करना पड़ता है
  • 12 साल के सफर पर है लूसी स्‍पेसक्राफ्ट
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एक ऐसी तस्‍वीर जिसमें पृथ्‍वी और चंद्रमा दोनों दिखाई दें, अपने आप में यूनीक है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के लुसी स्‍पेसक्राफ्ट (Lucy spacecraft) ने इसे कैप्‍चर किया है। इसी महीने पृथ्वी के पास से गुजरते हुए इस स्‍पेसक्राफ्ट ने हमारे ग्रह और चंद्रमा की कुछ आश्चर्यजनक तस्वीरें लीं। अब नासा ने इन तस्‍वीरों को रिलीज किया है। जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर 2022 को लूसी स्‍पेसक्राफ्ट ने 14 लाख किलोमीटर की दूरी से पृथ्वी और चंद्रमा की इस इमेज को कैप्चर किया। तस्‍वीर में पृथ्‍वी साफ दिखाई देती है, लेकिन चंद्रमा को देखने के लिए आंखों पर थोड़ा जोर डालना पड़ता है। लूसी ने 15 अक्‍टूबर को भी एक तस्‍वीर ली, जो पृथ्‍वी पर फोकस करती है। 

लूसी स्‍पेसक्राफ्ट को पिछले साल 26 अक्टूबर को अमेरिका के फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से एटलस वी 401 रॉकेट के जरिए लॉन्‍च किया गया था। स्‍पेसक्राफ्ट के टर्मिनल ट्रेसिंग कैमरा (T2CAM) सिस्‍टम की मदद से इस तस्‍वीर को कैप्‍चर किया गया है। T2CAM एक जैसे कैमरों का जोड़ा है। इन्‍हें स्‍पेसक्राफ्ट के सामने आने वाले एस्‍टरॉयड्स को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है।
 

लूसी स्‍पेसक्राफ्ट एक अहम मिशन है। यह एक बेल्ट एस्‍टरॉयड और 6 ट्रोजन एस्‍टरॉयड को विज‍िट करने निकला है। ये एस्‍टरॉयड्स बृहस्‍पति ग्रह को फॉलो करते हुए अपने ऑर्बिट में सूर्य के चारों ओर घूमते हैं। 

इसी साल अगस्‍त में इस स्‍पेसक्राफ्ट ने महत्‍वपूर्ण खोज करते हुए ऐसे एस्‍टरॉयड का पता लगाया था, जिसका अपना चंद्रमा है। इस एस्‍टरॉयड का नाम पॉलीमेल (Polymele) है, जो एक ट्रोजन एस्‍टरॉयड है। नासा के मुताबिक, यह स्‍पेसक्राफ्ट हमारे सौर मंडल के गठन के शुरुआती अवशेषों का अध्ययन करने के लिए यात्रा पर निकला है। एक बयान में नासा ने कहा कि एस्‍टरॉयड हमारे सौर मंडल के इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। 

नासा के अनुसार, अपने 12 साल के सफर के दौरान लूसी स्‍पेसक्राफ्ट एस्‍टरॉयड्स के करीब से उड़ान भरेगा। यह उनकी विविधता का सर्वेक्षण करते हुए हमारे सौर मंडल के गठन को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने के लिए सुराग ढूंढेगा। खास बात यह भी है कि ट्रोजन एस्‍टरॉयड्स को स्‍टडी करने वाला यह पहला मिशन है। माना जाता है कि ट्रोजन एस्‍टरॉयड्स का निर्माण उन्हीं मटीरियल्‍स से हुआ है, जिन्होंने लगभग 4 अरब साल पहले हमारे सौर मंडल का निर्माण किया था। 
 

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