चांद पर कहां गिरा रूस का Luna-25 स्‍पेसक्राफ्ट? Nasa ने खोजी जगह, हो गया 10 मीटर बड़ा गड्ढा, देखें

Luna 25 Crash site : LRO ने पिछले साल जून में चांद के इस इलाके को कैप्‍चर किया था। मौजूदा गड्ढा उसके बाद हुआ है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 1 सितंबर 2023 12:25 IST
ख़ास बातें
  • नासा ने लूना 25 स्‍पेसक्राफ्ट की क्रैश साइट को खोजा
  • जिस जगह स्‍पेसक्राफ्ट हुआ क्रैश, वहां हो गया गड्ढा
  • 10 मीटर व्‍यास का गड्ढा हो गया स्‍पेसक्राफ्ट के टकराने से

नासा की टीम को लगता है कि चांद पर नया गड्ढा कोई प्राकृतिक घटना नहीं है।

Photo Credit: Nasa

सब जानते हैं कि ISRO के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन के बाद रूस की स्‍पेस एजेंसी रोस्‍कोस्‍मॉस ने भी चांद पर अपना मिशन लूना-25 (Luna-25) भेजा था। रूसी मिशन को कामयाबी नहीं मिली। 20 अगस्‍त को उसका लूना-25 स्‍पेसक्राफ्ट चांद की सतह से टकराकर बर्बाद हो गया। जिस जगह पर वह क्रैश हुआ हो सकता है, उसे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने खोज निकाला है। नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (Nasa's Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) ने चांद पर एक नए गड्ढे की तस्‍वीर खींची है। माना जा रहा है कि यह गड्ढा लूना-25 स्‍पेसक्राफ्ट के टकराने से हुआ है। 

LRO ने पिछले साल जून में चांद के इस इलाके को कैप्‍चर किया था। मौजूदा गड्ढा उसके बाद हुआ है। LRO से जुड़ी नासा की टीम को लगता है कि चांद पर नया गड्ढा कोई प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि यह लूना-25 स्‍पेसक्राफ्ट की वजह से हुआ होगा। 
Advertisement

रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्‍कोस्‍मॉस ने 21 अगस्‍त को लूना-25 मिशन के इम्‍पैक्‍ट पॉइंट पर जानकारी दी थी। यानी अनुमान लगाया गया था कि स्‍पेसक्राफ्ट कहां क्रैश हुआ हो सकता है। नासा ने उसी के आसपास की जगह को टटोला। 22 अगस्‍त से ही नासा का LRO काम पर जुट गया था। उसने 24 अगस्‍त तक कई सारी तस्‍वीरें लीं, जिनकी तुलना पूर्व में ली गई तस्‍वीरों से की गई। इस दौरान नासा को एक नए छोटे गड्ढे का पता चला। 

नासा के मुताबिक, चांद पर हुए गड्ढे का व्‍यास 10 मीटर है, जोकि चंद्रमा पर 57.865 डिग्री दक्षिण अक्षांश (south latitude) और 61.360 डिग्री पूर्वी देशांतर (east longitude) पर स्थित है। कहा जा रहा है कि रूस ने इस जगह से 400 किलोमीटर पर लूना-25 स्‍पेसक्राफ्ट को लैंड कराने की योजना बनाई थी। लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल पाई। 
Advertisement

साल 1976 के बाद पहली बार रूस ने चांद पर मिशन भेजा था। लूना-25 से पहले भेजा गया लूना-24 मिशन सोवियत यूनियन का प्रोग्राम था। वहीं नासा का LRO साल 2009 से चंद्रमा को टटोल रहा है। नासा को उम्‍मीद है कि यह साल 2025 तक काम करता रहेगा। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo V80 FE आ रहा 50MP के तीन कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ!
  2. OnePlus 16T में मिल सकते हैं डुअल 200 मेगापिक्सल कैमरा
  3. OnePlus Nord CE6 Lite मिल रहा Amazon दिवाली सेल में सस्ता, जल्द खरीदें लिमिटेड है ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S25 FE पर ₹20 हजार तक की बचत, Big Billion Days Sale से भी कम हुई कीमत
  2. Excitel दिवाली धमाका ऑफर: 3 महीने तक फ्री मिल रहा 200Mpbs की स्पीड वाला इंटरनेट
  3. अब बच्चे नहीं चला पाएंगे Dating Apps, Apple ने Romantic AI Chatbots पर भी कसी लगाम
  4. EPFO की वॉट्सऐप सर्विस लॉन्च तो हुई, लेकिन काम नहीं कर रही, X पर यूजर्स ने जमकर की शिकायत
  5. चाबी रखने की टेंशन खत्म! Xiaomi लाया फिंगरप्रिंट वाला स्मार्ट लॉक, फोन से भी होगा कंट्रोल
  6. टूथब्रश बताएगा दांत साफ हुए या नहीं! Xiaomi का Electric Toothbrush 2 Pro लॉन्च, जानें कीमत
  7. आ गया Cyclon AI Phone, बोलने पर बना देगा नया ऐप, बिना छूए मैसेज और कॉल का जवाब देगा, एंड्रॉयड-iOS की होगी छुट्टी
  8. 10000mAh बैटरी वाला Poco X8 Power 5G मिल रहा ₹8500 सस्ता, Flipkart दिवाली सेल में लिमिटेड है मौका
  9. HP ने लॉन्च किए OmniBook 5 14, ProBook 4 G2iS 14 लैपटॉप, लेटेस्ट फीचर्स से लैस, जानें कीमत
  10. REDMAGIC 12 Pro हुआ 8400mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कैसे हैं फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.