बृहस्पति ग्रह पर 500 किलोमीटर बड़ा लाल धब्बा ऐसे बना था!

नासा का जूनो मिशन भी खासतौर पर बृहस्पति ग्रह के बारे में जानकारी जुटाने निकला है।

बृहस्पति ग्रह पर 500 किलोमीटर बड़ा लाल धब्बा ऐसे बना था!

द ग्रेट रेड स्पॉट (GRS) एक तूफान द्वारा बनाई गई आकृति है जो धब्बे के रूप में नजर आती है।

ख़ास बातें
  • GRS एक तूफान द्वारा बनाई गई आकृति है जो धब्बे के रूप में नजर आती है।
  • यह जुपिटर के दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है।
  • वर्टीकली यह 500 किलोमीटर लम्बा है।
विज्ञापन
बृहस्पति ग्रह पर एक बड़ा लाल धब्बा मौजूद है जिसके बारे में वैज्ञानिकों को काफी पहले से पता है। लेकिन यह कैसे बना है और क्यों बना है, इसकी जानकारी नहीं थी। अब नई रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों को इसके बारे में अहम जानकारी मिली है। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह जुपिटर पर उठने वाला एक तूफान है जो लगभग 300 साल से भी ज्यादा समय से उठ रहा है। यह धरती से भी चौड़ा बताया गया है। 

Newsweek की रिपोर्ट कहती है कि द ग्रेट रेड स्पॉट (GRS) एक तूफान द्वारा बनाई गई आकृति है जो धब्बे के रूप में नजर आती है। Geophysical Research Letters नामक जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, खगोल वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह जितना पुराना माना जाता था, उतना पुराना असल में है नहीं। Giovanni Cassini ने ऐसे ही एक धब्बे को सैकड़ों सालों पहले पर्मानेंट स्पॉट नाम दिया था। वो पहले व्यक्ति थे जिसने द ग्रेट रेड स्पॉट को ऑब्जर्व किया था। यह जुपिटर के दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है। 

कुछ लोग ये भी मानते हैं कि Cassini ने जुपिटर पर किसी अन्य, इससे भी बड़े स्पॉट को देखा होगा। जिसे उन्होंने पर्मानेंट स्पॉट नाम दिया होगा। 1600 ईसवी से इसके बारे में रिसर्च होती चली आ रही हैं यह पता लगाने के लिए कि असल में यह कब से मौजूद है और कैसे बना है। 

University of the Basque Country में स्टडी के को-ऑथर Agustin Sanchez-Lavega के एक बयान के मुताबिक, इसके आकार और गतिविधियों को ऑब्जर्व करके उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि इसकी बहुत अधिक संभावना नहीं है कि वर्तमान ग्रेट रेड स्पॉट कैसिनी द्वारा देखा गया पर्मानेंट स्पॉट ही था। कहा गया है कि शायद 1800 से 1900 के बीच में पर्मानेंट स्पॉट गायब हो गया था। इसलिए ग्रेट रेड स्पॉट का जन्म आज से लगभग 200 साल पहले हुआ होगा। वर्टीकली यह 500 किलोमीटर लम्बा है। 

ग्रेट रेड स्पॉट के बारे में वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि यह एक बड़े तूफान के उठने से बना होगा। जैसे कि शनि ग्रह पर भी देखा जाता है। खोज में पाया गया है कि हवा की कुछ खास परिस्थितियों में एक स्टॉर्म सेल बना होगा जिसने हवाओं को कैद कर लिया और प्रोटो ग्रेट रेड स्पॉट का जन्म हुआ। बहरहाल, खगोल शास्त्री इस रेड स्पॉट के बारे में और अधिक स्टडी कर रहे हैं। नासा का जूनो मिशन भी खासतौर पर बृहस्पति ग्रह के बारे में जानकारी जुटाने निकला है। संभावना है कि जल्द ही वैज्ञानिक इस धब्बे के बारे में भी सटीक जानकारी जुटा लेंगे। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. मंगल ग्रह पर चीनी वैज्ञानिकों को यह क्या मिला! लाल ग्रह की गुफाओं में छुपे जीवन के राज
  2. Elon Musk की Tesla को लगा बड़ा झटका, ग्लोबल मार्केट में टॉप EV सेलर बनी चीन की BYD
  3. भारतीय इंजीनियर का AI हेलमेट हुआ वायरल, नियम तोड़ते ही ट्रैफिक पुलिस को जाएगी डिटेल
  4. WiFi राउटर बनेगा CCTV! आ रही दीवार के पार देखने वाली तकनीक, जानें कैसे करेगी काम
  5. Bajaj Auto का नया चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर जल्द होगा लॉन्च, Ola Electric को मिलेगी टक्कर
  6. CES 2026: Noise के नए फ्लैगशिप TWS Master Buds 2 आए, Bose ट्यूनिंग के साथ
  7. क्या आपको भी नजर आ रहा है अंजान कॉलर का नाम?, सरकार का नया अपडेट, जानें क्या है CNAP और कैसे करता है काम
  8. Oppo Reno 15 सीरीज के भारत में लॉन्च से ठीक पहले लीक हुई कीमत, फैंस के हाथ लग सकती है निराशा!
  9. Gmail में स्पैम ईमेल से कैसे पाएं छुटकारा, ऐसे करें रिपोर्ट, ये तरीका आएगा काम
  10. iQOO Z11 Turbo में मिलेगी 7,600mAh की बैटरी, इस महीने होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »