• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 1 करोड़ 60 लाख किलोमीटर दूर अंतरिक्ष से पृथ्‍वी पर पहुंचा लेजर मैसेज, किसने भेजा? जानें

1 करोड़ 60 लाख किलोमीटर दूर अंतरिक्ष से पृथ्‍वी पर पहुंचा लेजर मैसेज, किसने भेजा? जानें

साइकी (Psyche) स्‍पेसक्राफ्ट पर लगाए गए टूल से भेजा गया सिग्‍नल।

1 करोड़ 60 लाख किलोमीटर दूर अंतरिक्ष से पृथ्‍वी पर पहुंचा लेजर मैसेज, किसने भेजा? जानें

Photo Credit: Unsplash

14 नवंबर को साइकी स्‍पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया में पालोमर ऑब्‍जर्वेट्री में हेल टेलीस्कोप के साथ एक कम्‍युनिकेशन लिंक बनाया।

ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी
  • 1 करोड़ 60 लाख किलोमीटर दूर से पृथ्‍वी पर पहुंचाए सिग्‍नल
  • साइकी स्‍पेसक्राफ्ट पर लगे टूल से हुआ यह मुमकिन
विज्ञापन
दुनियाभर के वैज्ञानिक नए-नए प्रयोगों में जुटे हुए हैं। अब उन्‍हें एक बड़ी कामयाबी मिली है। पृथ्‍वी पर 1 करोड़ 60 लाख किलोमीटर दूर से लेजर-बीम सिग्‍नल पहुंचा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का कहना है कि यह दूरी पृथ्‍वी और चंद्रमा के बीच दूरी से 40 गुना ज्‍यादा है। पृथ्‍वी पर आजतक इतनी दूर से ऑप्टिकल कम्‍युनिकेशन नहीं आया है। आखिर यह सिग्‍नल पृथ्‍वी तक कैसे पहुंच गया? क्‍या इसमें एलियंस का कोई रोल है? आइए जानते हैं।    

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रयोग डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस (DSOC) टूल के जरिए संभव हुआ है। इस टूल को नासा के साइकी (Psyche) स्‍पेसक्राफ्ट पर लगाया गया है। याद रहे कि नासा का साइकी मिशन  13 अक्टूबर को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्‍च हुआ था। तब से यह लगातार लेजर-बीम मैसेज को पृथ्वी पर वापस भेजने में सफल रहा है। 

14 नवंबर को साइकी स्‍पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया में पालोमर ऑब्‍जर्वेट्री में हेल टेलीस्कोप के साथ एक कम्‍युनिकेशन लिंक बनाया। टेस्टिंग के दौरान DSOC टूल ने नियर-इन्‍फ्रारेड फोटोन सिग्‍नल को भेजा जो महज 50 सेकंड में साइकी स्‍पेसक्राफ्ट से पृथ्‍वी तक पहुंच गया। 
 

क्‍या है साइकी स्‍पेसक्राफ्ट 

साइकी एक एस्‍टरॉयड है। अनुमान है कि इस एस्‍टरॉयड में 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर कीमत का लोहा, निकल और सोना मौजूद हो सकता है। याद रहे कि एक क्वाड्रिलियन में 15 जीरो होते हैं। यह ट्रिलियन के बाद आने वाला नंबर है। एस्‍टरॉयड की पड़ताल करने के लिए ही नासा ने मिशन साइकी (Psyche mission) को लॉन्‍च किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की योजना साइकी से कीमती धातुओं को निकालने की नहीं है।
 

लेजर बीम सिग्‍नल की अहम‍ियत 

मौजूदा वक्‍त में डीप स्‍पेस में मौजूद स्‍पेसक्राफ्ट, पृथ्‍वी पर सिग्‍नल भेजते हैं तो उनकी बैंडविड्थ सीमित होती है। लेजर बीम सिग्‍नल जैसे प्रयोग भविष्‍य के मिशनों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। नासा का कहना है कि यह सिस्‍टम मौजूदा स्‍पेस कम्‍युनिकेशन सिस्‍टमों की तुलना में 10 से 100 गुना तक तेज स्‍पीड से मैसेज पहुंचा सकता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy A57 5G के भारत में लॉन्च की तैयारी, Bluetooth SIG से मिला सर्टिफिकेशन
  2. Honor X80 में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी, अफोर्डेबल हो सकता है प्राइस
  3. मोबाइल चोरी होने पर तुरंत लें ये 5 एक्शन! नहीं होगा नुकसान
  4. 16GB रैम, 20000mAh बैटरी वाला फोन बिना नेटवर्क भी कॉलिंग करता है! जानें Blackview Xplore 1 की कीमत
  5. IND vs USA Live Streaming: T20 में भारत-अमेरिका की टक्कर! ऐसे देखें वर्ल्ड कप मैच फ्री!
  6. Poco X8 Pro, X8 Pro Max के लॉन्च से पहले प्राइस लीक, 8550mAh बैटरी, 100W चार्जिंग!
  7. Samsung यूजर्स अलर्ट! Galaxy S26 के लॉन्च से पहले बंद हुआ इन स्मार्टफोन्स में अपडेट, कहीं आपका मोबाइल तो शामिल नहीं!
  8. 30W पावर, 20 घंटे बैटरी वाला अनोखा स्पीकर Jlab ने किया लॉन्च, जानें कीमत
  9. 5500mAh बैटरी वाला Motorola फोन मिल रहा Rs 4000 सस्ता, गजब का ऑफर
  10. Lava Yuva Star 3 बजट फोन भारत में लॉन्च होगा 13MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »