इसरो ने किया सार्क सेटेलाइट का सफल प्रक्षेपण

दक्षिण एशिया उपग्रह (सार्क) या जीसैट-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी-एफ09) रॉकेट के जरिये शुक्रवार शाम प्रक्षेपित किया गया।

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इसरो ने किया सार्क सेटेलाइट का सफल प्रक्षेपण
ख़ास बातें
  • जीसैट-9 को जीएसएलवी-एफ09 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किया गया
  • 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है
  • पहला चरण ठोस ईंधन, दूसरा चरण तरल ईंधन और तीसरा क्रायोजेनिक इंजन है
दक्षिण एशिया उपग्रह (सार्क) या जीसैट-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी-एफ09) रॉकेट के जरिये शुक्रवार शाम प्रक्षेपित किया गया। इस उपग्रह को रॉकेट से शुक्रवार शाम 4.57 बजे आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया।

बता दें कि करीब 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है। इसमें पहला चरण ठोस ईंधन, दूसरा चरण तरल ईंधन और तीसरा क्रायोजेनिक इंजन है। जीसैट-9 को दक्षिण एशियाई देशों के कवरेज क्षेत्र के साथ कू-बैंड में विभिन्न संचार अनुप्रयोगों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है।

इसरो ने कहा है कि जीसैट-9 मानक प्रथम-2के बस के तहत बनाया गया है। उपग्रह की मुख्य संरचना घनाकार है, जो एक केंद्रीय सिलेंडर के चारों तरफ निर्मित है। इसकी मिशन अवधि 12 साल से ज्यादा है।
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