ISRO और NASA को एक बड़े ब्लैक होल के पास यह क्या दिखा!

यह खोज नासा की कई ऑब्जर्वेट्री ने मिलकर की है

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 12 अक्टूबर 2024 21:12 IST
ख़ास बातें
  • विशाल ब्लैक होल 2 खगोलीय पिंडों को प्रभावित करता दिखाई दिया
  • इनमें से एक कोई तारा है
  • यह खोज नासा की कई ऑब्जर्वेट्री ने मिलकर की है

घटना में एक विशाल ब्लैक होल 2 खगोलीय पिंडों को प्रभावित करता हुआ दिख रहा है।

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत खगोलीय घटना का पता लगाया है जिसमें एक विशाल ब्लैक होल 2 खगोलीय पिंडों को प्रभावित करता हुआ दिख रहा है। इनमें से एक कोई तारा है। यह खोज नासा की कई ऑब्जर्वेट्री ने मिलकर की है जिसमें Chandra, NICER और Hubble शामिल हैं। साथ ही इसमें भारत के AstroSat का भी बड़ा योगदान है जिसने इस विशालकाय ब्लैक होल के चारों तरफ फैले खगोलीय अवशेषों के बारे में जानकारी दी। 

2019 में खगोलविदों ने पाया कि एक तारे के अवशेष एक बड़े ब्लैक होल के पास मंडरा रहे हैं। बहुत ही शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण ने इस तारे के टुकड़े-टुकड़े कर डाले थे। इस प्रक्रिया को ज्वारीय व्यवधान घटना (tidal disruption event) या TDE कह दिया जाता है। चूंकि तारा छिन्न-भिन्न होकर बिखर चुका था तो इसके अवशेषों ने ब्लैक होल के चारों तरफ एक डिस्क जैसी आकृति ले ली। काफी सालों तक यह डिस्क स्थिर रही, लेकिन हाल ही में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा नोटिस किया जो बहुत ही असाधारण था। 
Advertisement

ब्लैक होल के चारों तरफ जो डिस्क थी, इसने एक दूसरी खगोलीय वस्तु के साथ जुगलबंदी करनी शुरू कर दी। यह संभावित रूप से कोई तारा है या फिर कोई छोटा ब्लैक होल है जो इससे पहले एक सुरक्षित दूरी पर घूम रहा था। लेकिन अब, यह दूसरी वस्तु इस अवशेषों से भरी डिस्क के साथ टकरा रही है। यह टक्कर हर 48 घंटे में होती है जिसके कारण बड़ी मात्रा में X-रे इसमें से निकलती हैं। क्वीन यूनिवर्सिटी बेलफास्ट से मैट निकॉल के अनुसार, यह ऐसा ही है जैसे कोई गोताखोर बार-बार एक पूल में छलांग लगाए और हर बार पानी बाहर छलके। 

यह दूसरा तारा भी यहां उस गोताखोर की तरह बर्ताव कर रहा है जो बार बार डिस्क में गोता लगा रहा है और एक्स-रे के साथ ही गैस का एक गुबार भी बार-बार यहां पैदा हो रहा है। खगोलविद लम्बे समय से TDE के बारे में बात करते आ रहे हैं जहां पर एक सिंगल स्टार को एक ब्लैक होल के द्वारा एक ही बार में ऊर्जा विस्फोट के दौरान तबाह कर दिया जाता है। लेकिन, हाल ही में एक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जिसे क्वासी पीरियॉडिक इरप्शन (QPE) नाम दिया गया है। ये गैलेक्सी के केंद्रों में से निकलने वाले एक्स-रे के चमकदार फ्लैश होते हैं जो निश्चित अंतराल पर दिखाई देते हैं। लेकिन इनके बारे में अभी कुछ भी सही ढंग से समझा नहीं जा सका है। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: ISRO, NASA, Black Hole, Stellar debris

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. WhatsApp एकत्रित करता है ये जानकारी, जब यूजर्स करते हैं कॉन्टैक्ट
  2. सिर्फ Apple ने ही महंगे नहीं किए iPhone, OnePlus, Vivo, Oppo और Nothing भी हुए 15,000 तक महंगे
  3. Apple ने वेबसाइट से हटाया, लेकिन अमेजन पर आज भी मिल रहे iPhone 17 Pro, 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  4. Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 अब CRN प्रोग्राम से खरीद पाएंगे सस्ते में, जानें कितनी होगी बचत
  5. Redmi 17 5G की सेल शुरू, जानें कितने में मिल रहा 50MP कैमरा,7900mAh बैटरी वाला फोन
  6. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  7. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  8. iPhone को स्पेस से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड!
  9. Moto Buds 2 Fusion ईयरबड्स भारत में 17 सितंबर को होंगे लॉन्च, 53 घंटे बैटरी, IP54, IPX2 रेटिंग!
  10. Vivo Buds मात्र ₹1,999 में लॉन्च, 2 दिन से ज्यादा चलेगी बैटरी, गेमिंग के लिए खास फीचर्स भी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.