• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • वायरस बैक्‍टीरिया हों मेहरबान, तो 100 साल जियेंगे आप! रिसर्च तो यही कह रही, जानें पूरा मामला

वायरस-बैक्‍टीरिया हों मेहरबान, तो 100 साल जियेंगे आप! रिसर्च तो यही कह रही, जानें पूरा मामला

वैज्ञानिकों ने 176 स्वस्थ जापानियों को स्‍टडी किया। सभी 100 साल की आयु पूरी कर चुके थे।

वायरस-बैक्‍टीरिया हों मेहरबान, तो 100 साल जियेंगे आप! रिसर्च तो यही कह रही, जानें पूरा मामला

Photo Credit: Unsplash

स्‍टडी से पता चला है कि आंतों (intestines) में विशिष्ट वायरस की मौजूदगी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य को फायदा पहुंचा सकती है।

ख़ास बातें
  • कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की स्‍टडी
  • आंतों (intestines) में विशिष्ट वायरस की मौजूदगी पहुंचा सकती है फायदा
  • जापान के 100 साल से ज्‍यादा उम्र के बुजुर्ग बने स्‍टडी का हिस्‍सा
विज्ञापन
तुम जियो हजारों साल, यही है आरज़ू। आरज़ू जो भी हो, लेकिन इंसान 100 साल ही जी जाए, तो बड़ी बात होती है। कई परिवारों में ऐसी मौत किसी जश्‍न से कम नहीं होती। वैज्ञानिक भी लंबे वक्‍त से हैरान होते रहे हैं कि आखिर कुछ लोग 100 साल या उससे भी ज्‍यादा कैसे जीते हैं। लगता है उन्‍हें इस सवाल का जवाब मिल गया है। कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक स्‍टडी के बाद जो पाया है, उससे पता चलता है कि वायरस-बैक्‍टीरिया मेहरबान हों, तो 100 साल जीना कोई बड़ी बात नहीं!   

यूनिवर्सिटी की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार, उसके वैज्ञानिकों ने 176 स्वस्थ जापानियों को स्‍टडी किया। सभी 100 साल की आयु पूरी कर चुके थे। वैज्ञानिकों ने अपनी स्‍टडी में पाया कि सभी शतायु जापानियों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) ट्रैक्‍ट में बैक्टीरिया और वायरस का खास मिश्रण था।

स्‍टडी से पता चला है कि आंतों (intestines) में विशिष्ट वायरस की मौजूदगी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य को फायदा पहुंचा सकती है। स्‍टडी के लेखक जोआचिम जोहान्सन ने कहा कि हम हमेशा यह जानने के लिए उत्सुक थे कि कुछ लोग इतना लंबा जीवन क्यों जीते हैं। पिछले शोधों से पता चला है कि पुराने जापानी लोगों की आंतों में मौजूद बैक्टीरिया नए अणु (molecules) पैदा करते हैं, इससे उन्‍हें रोगजनक (pathogen) से सुरक्षा मिलती है। रोगजनक उन्हें कहा जाता है, जिनके कारण कई तरह की बीमारियों का जन्म होता है। इसमें विषाणु, जीवाणु, कवक, परजीवी आदि आते हैं। इंसानों में जीवों के कारण होने वाले रोग को भी रोगजनक रोगों के रूप में जाना जाता है।

जोआचिम जोहान्सन के मुताबिक, आंतों को संक्रमण से बचा पाने से ही जापानी बुजुर्ग दूसरों की तुलना में लंबे समय तक जीते होते होंगे। इस स्‍टडी के दौरान वैज्ञानिकों ने 100 वर्ष पूरे कर चुके जापानियों की आंतों के बैक्टीरिया और बैक्‍टीरिया वायरस को मैप करने के लिए एक एल्गोरिदम डेवलप की। इसकी तुलना 18 से 60 वर्ष के लोगों के ग्रुप से की गई। 

वैज्ञानिकों को जापानी बुजुर्गों में बैक्टीरिया और बैक्‍टीरिया वायरस की बेहतरीन बायलॉजिकल विविधता मिली। वैज्ञानिकों का मानना है कि आंतों में विशेष बैक्‍टीरिया और वायरस की मौजूदगी उम्र बढ़ने के दौरान होने वाली बीमारियों से सुरक्षा देती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्‍टडी का इस्‍तेमाल दुनिया के बाकी लोगों की जीवन प्रत्याशा (life expectancy) को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Upcoming Smartphones October 2026: Vivo V80, Vivo S2 FE, OnePlus 16 जैसे धांसू फोन होंगे लॉन्च
  2. ₹4 हजार तक सस्ते खरीदें Nothing Phone (4a), (4a) Pro, FBBD सेल में धांसू ऑफर
  3. भारत में फिर लौट रहे 4G स्मार्टफोन! बदल रहा मार्केट ट्रेंड
  4. 45W फास्ट चार्ज, 20,000mAh बैटरी वाला नया पावरबैंक Ugreen ने किया लॉन्च, जानें कीमत
  5. ₹20 हजार सस्ता मिल रहा Xiaomi 17 Ultra, फ्री Photography Kit Pro और 5000 Mi पॉइंट्स भी!
  6. WhatsApp पर चैट में नया सिक्योरिटी फीचर! AI भी नहीं पढ़ पाएगा आपके मैसेज
  7. ₹4,200 सस्ता मिल रहा Vivo का 5000mAh बैटरी वाला फोन! यहां आई जबरदस्त डील
  8. इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स के सेगमेंट में Oben Electric का पहला रैंक, 1,417 यूनिट्स की बिक्री
  9. Tecno Pop 20C बजट फोन पेश, 13MP कैमरा, 5200mAh जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  10. Honor ला रही नया गेमिंग टैबलेट, 200Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon चिप!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »