दुनिया की आधी आबादी पर UV रेडिएशन का खतरा! वैज्ञानिक ने खोजा बड़ा ओजोन होल

इस ट्रॉपिकल (उष्णकटिबंधीय) ओजोन होल का होना दुनियाभर में चिंता की वजह बन सकता है।

दुनिया की आधी आबादी पर UV रेडिएशन का खतरा! वैज्ञानिक ने खोजा बड़ा ओजोन होल

साइंटिस्‍ट का कहना है कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र हमारे ग्रह के सर्फेस एरिया क्षेत्र आधा हिस्सा है और दुनिया की लगभग आधी आबादी का घर है।

ख़ास बातें
  • इसे ओजोन नुकसान क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है
  • दुुनिया में बढ़ सकता है यूवी रेडिएशन
  • कई और तरह के नुकसान भी सामने आ सकते हैं
विज्ञापन
वैज्ञानिकों ने निचले समताप मंडल (lower stratosphere) में एक बड़े और ऑल सीजन ट्रॉपिकल ओजोन होल (ozone hole) का पता लगाया है। इसे आकार में काफी बड़ा बताया जा रहा है। यह अंटार्कटिक होल की गहराई के जितना है, लेकिन एरिया में उससे भी 7 गुना अधिक है। कनाडा के ओंटारियो में वाटरलू यूनिवर्सिटी के एक साइंटिस्‍ट किंग-बिन लू ने इस ऑल सीजन ओजोन होल का खुलासा किया है। इसे ओजोन नुकसान क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है। इस ट्रॉपिकल (उष्णकटिबंधीय) ओजोन होल का होना दुनियाभर में चिंता की वजह बन सकता है। इसकी वजह बताते हुए किंग-बिन लू ने कहा कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र हमारे ग्रह के सर्फेस एरिया क्षेत्र आधा हिस्सा है और दुनिया की लगभग आधी आबादी का घर है।

1970 के दशक में कई रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि सूर्य से निकलने वाली ज्‍यादातर पराबैंगनी रे‍डिएशन को अवशोषित करने वाली ओजोन लेयर, इं‍डस्ट्रियल केमिकल जैसे, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) के कारण खत्‍म हो सकती है। 1985 में अंटार्कटिक ओजोन होल की खोज ने CFC की वजह से ओजोन में कमी आने की पुष्टि की। हालांकि इस तरह के केमिकल्‍स पर लगे बैन के बाद ओजोन का खत्‍म होना कम हुआ है, लेकिन सबूत बताते हैं कि अभी भी ओजोन की कमी बनी हुई है।

रिपोर्टों के अनुसार, ओजोन होल के खतरे बताते हुए किंग-बिन लू ने कहा कि ओजोन लेयर की कमी से जमीनी स्तर पर UV रेडिएशन बढ़ सकता है, जो मनुष्यों में स्किन कैंसर और मोतियाबिंद के खतरे को बढ़ा सकता है साथ ही इंसान के इम्‍यून सिस्‍टम को कमजोर कर सकता है और कृषि उत्पादकता में कमी कर सकता है। यह संवेदनशील जलीय जीवों और पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित कर सकता है। 

ओजोन होल को लेकर साइंटिस्‍ट लू के ऑब्‍जर्वेशन ने वैज्ञानिक कम्‍युनिटी को हैरान किया है, क्योंकि पारंपरिक फोटोकैमिकल मॉडल द्वारा इसकी भविष्यवाणी नहीं की गई थी। रिपोर्टों से पता चलता है कि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों (equatorial regions) में ओजोन की कमी का स्तर पहले से ही बड़ी आबादी को खतरे में डाल रहा है और इन क्षेत्रों तक पहुंचने वाला UV रेडिएशन उम्‍मीद से कहीं ज्‍यादा है। साइंटिस्‍ट लू का कहना है कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन को बेहतर ढंग से समझने के लिए यह खोज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 15 Ultra के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, EEC पर हुई लिस्टिंग
  2. Facebook पर हुई ये गलती, तुरंत ऐसे सुधार सकते हैं आप
  3. बड़ी फैमिली के लिए 16 सीटों वाली वैन! 9-इंच HD डिस्प्ले और 8-स्पीकर DTS सिस्टम के साथ Urbania Deluxe लॉन्च
  4. New OTT Release This Week: मुसाफिर कैफे, कॉन सिटी, टॉक्सिक लव स्टोरी जैसी फिल्में OTT पर, यहां देखें
  5. CJP Protest में AI से हो रही चहरों की पहचान? दिल्ली पुलिस का वीडियो वायरल
  6. Oppo A7 Pro Max के स्पेसिफिकेशंस आए लॉन्च से पहले सामने, जानें फीचर्स से लेकर सबकुछ
  7. 112 घंटे की बैटरी वाले बजट हेडफोन Ugreen ने किए लॉन्च, AI और ANC फीचर्स के साथ
  8. Swiggy-Zomato की टेंशन बढ़ाएगा Flipkart! कुछ हफ्तों में शुरू होगी फूड डिलीवरी सर्विस
  9. iQOO Z11 Lite ने दी 50 मेगापिक्सल कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ दस्तक, देखें फीचर्स
  10. Samsung Galaxy S25 पर 1 दिन की बंपर डील! पहली बार इस कीमत में मिल रहा है फ्लैगशिप
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »