• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 8 अरब साल से ब्रह्मांड में ‘भटक’ रहा था, अब पृथ्‍वी पर पहुंचा FRB, जानें इसके बारे में

8 अरब साल से ब्रह्मांड में ‘भटक’ रहा था, अब पृथ्‍वी पर पहुंचा FRB, जानें इसके बारे में

FRB 20220610A नाम का यह सिग्नल अब तक देखे गए सबसे दूर और एनर्जेटिक सिग्नलों में शामिल है।

8 अरब साल से ब्रह्मांड में ‘भटक’ रहा था, अब पृथ्‍वी पर पहुंचा FRB, जानें इसके बारे में

Photo Credit: nasa

फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट का पता लगाया है मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के एस्‍ट्रोनॉमर डॉ. स्टुअर्ट राइडर की टीम ने।

ख़ास बातें
  • FRB 20220610A नाम का सिग्‍नल पहुंचा पृथ्‍वी पर
  • 8 अरब साल से कर रहा था ब्रह्मांड में ट्रैवल
  • रेडियो वेव्‍स के चमकदार विस्फोट होते हैं FRB
विज्ञापन
कोई चीज कितनी पुरानी हो सकती है? कुछ साल, सैकड़ों साल या हजारों साल। वैज्ञानिकों को उससे भी पुरानी चीज का पता चला है! एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष में 8 अरब साल तक ट्रैवल करने के बाद रेडियो तरंगों का एक रहस्यमयी और पावरफुल विस्फोट (FRB) पृथ्वी पर पहुंचा है। अर्थडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, FRB 20220610A नाम का यह सिग्नल अब तक देखे गए सबसे दूर और एनर्जेटिक सिग्नलों में शामिल है। इस पूरी घटना के बारे में विस्‍तार से जानें, उससे पहले समझते हैं कि FRB होते क्‍या हैं। 
 

क्‍या होता है FRB

FRB (फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट) रेडियो वेव्‍स के चमकदार विस्फोट होते हैं। इनकी अवधि मिलीसेकंड-स्केल में होती है। यही वजह है कि इनके सोर्स का पता लगाना और अंतरिक्ष में इनकी स्थिति तय करना मुश्किल होता है। सबसे पहले ‘फास्ट रेडियो बर्स्ट' को साल 2007 में खोजा गया था। तभी से साइंटिस्‍ट इसके मूल सोर्स को खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये विस्‍फोट एक सेकंड के हजारवें हिस्से में उतनी ऊर्जा पैदा करते हैं, जितनी सूर्य एक साल में करता है। 

FRB 20220610A का पता लगाना भले ही चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इससे वैज्ञानिकों को एक मौका मिलता है कि वो ब्रह्मांड के अतीत को स्‍टडी कर पाएं। यह सिग्नल जितनी दूर से आया है, उससे पता चलता है कि यह हमारी आकाशगंगा से बहुत दूर एक एक गैलेक्‍सी में पैदा हुआ था। यह उन प्रक्रियाओं के बारे में बताने की कोशिश करता है, जिससे बारे में वैज्ञानिक अभी सोच भी नहीं पाए हैं। 

यह स्‍टडी जर्नल साइंस में पब्लिश हुई है। फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट का पता लगाया है मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के एस्‍ट्रोनॉमर डॉ. स्टुअर्ट राइडर की टीम ने। उन्‍हें उम्‍मीद है कि एडवांस रिसर्च टेक्निक की मदद से FRB के सोर्स का पता लगाया जा सकेगा, साथ ही ब्रह्मांड के बुनियादी सिद्धांतों को समझने में मदद मिलेगी। 

FRB 20220610A का पता लगाने के लिए एस्‍ट्रोनॉमर्स ने ऑस्ट्रेलियन स्क्वायर किलोमीटर एरे पाथफाइंडर (ASKAP) का इस्‍तेमाल किया। टीम ने सोर्स का भी पता लगाने की कोशिश की। हालांकि इसमें कामयाबी मिलना अभी बाकी है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  2. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  3. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  4. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  5. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  6. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  7. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  8. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  9. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  10. iQOO का तहलका! लॉन्च करेगी 15,000mAh बैटरी वाला फोन! मिल सकते हैं 200MP दो कैमरा!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »