• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में जमा कचरे को पहली बार एयरलॉक से फेंका गया, देखें वीडियो

इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में जमा कचरे को पहली बार एयरलॉक से फेंका गया, देखें वीडियो

इस एयरलॉक सिस्‍टम को नैनोरैक ने तैयार किया है, जिसका काम अंतरिक्ष में कचरे का निपटारा करना है।

इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में जमा कचरे को पहली बार एयरलॉक से फेंका गया, देखें वीडियो

Photo Credit: nanoracks.com

2 जुलाई को ISS के कमर्शल बिशप एयरलॉक से एक विशेष कचरा बैग के अंदर लगभग 172 पाउंड (78 किलोग्राम) कचरा डाला गया है।

ख़ास बातें
  • लगभग 172 पाउंड (78 किलोग्राम) कचरा रिलीज किया गया
  • ISS में पहली बार इस्‍तेमाल की गई यह तकनीक
  • नैनोरैक्‍स और नासा ने मिलकर इसे डेवलप किया था
विज्ञापन
दुनियाभर की स्‍पेस एजेंसियां अंतरिक्ष में अपने सैटेलाइट लॉन्‍च करती रही हैं। ये सैटेलाइट और स्‍पेस एजेंसियों द्वारा भेजे जा रहे स्‍पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में परेशानी की वजह बन रहे हैं। इनकी वजह से वहां ट्रैफ‍िक तो बढ़ा ही है, स्‍पेस कचरे में भी बढ़ोतरी हो रही है। ऐसा कचरा जो अंतरिक्ष में पृथ्‍वी की कक्षा में तैरता रहता है। इसकी मात्रा इतनी ज्‍यादा हो गई है कि यह वहां अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी खतरा बन रहा है। इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में रहकर स्‍पेस रिसर्च कर रहे अंतरिक्ष यात्री इस कचरे के खतरे की चपेट में हैं। हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि खुद अंतरिक्ष यात्री भी बड़ी मात्रा में ऐसा कचरा जनरेट कर रहे हैं। अब एक अच्‍छी खबर इसे डिस्‍पोज करने को लेकर सामने आई है। 

स्‍पेस सर्विस कंपनी नैनोरैक (Nanoracks) ने बताया है कि इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को कचरा निपटाने का एक नया तरीका मिल गया है। हाल ही में 2 जुलाई को ISS के कमर्शल बिशप एयरलॉक से एक विशेष कचरा बैग के अंदर लगभग 172 पाउंड (78 किलोग्राम) कचरा डाला गया है। इस एयरलॉक सिस्‍टम को नैनोरैक ने तैयार किया है, जिसका काम अंतरिक्ष में कचरे का निपटारा करना है। 

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई को उसने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर तैनात बिशप एयरलॉक को सफलतापूर्वक चलाया और स्टेशन से लगभग 172 lbs कचरे को डिस्‍पोज करने के लिए नैनोरैक्स इस टेक्‍नॉलजी को डिप्‍लॉय किया। यह नई ऑर्बिटल वेस्‍ट-डिस्‍पोजल टेक्निक की टेस्टिंग थी, जिसे नैनोरैक्‍स ने नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के सहयोग से पूरा किया। बताया जाता है कि कचरा अच्‍छी तरह से तैर गया। 



ISS में सवार अंतरिक्ष यात्री अब तक जो कचरा इकट्ठा करते थे उसे महीनों तक अपने अंतरिक्ष के घर में ही स्‍टोर करते थे। बाद में इसे सिग्नस कार्गो व्‍हीकल में भरा जाता था। कचरे के थैलों से भरा अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा एंट्री करते समय जल जाता था। अब नए डिस्‍पोजल सिस्‍टम के साथ ISS पर मौजूद टीम 600 पाउंड तक कचरा भर सकती है, जिसे नैनोरैक्‍स के एयरलॉक की मदद से डिस्‍पोज किया जाएगा। खास बात यह है कि स्‍पेस फ्लाइट्स के लिए कचरा डिस्‍पोज की यह तकनीक पहले से इस्‍तेमाल की जाती रही है। नैनोरैक्‍स ने इस तकनीक को वीडियो के जरिए भी समझाया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. AI टैलेंट रखने वालों को Reliance Jio का खुला निमंत्रण, बिना किसी झंझट के मिलेगी जॉब!
  2. दुनिया की 10000mAh बैटरी वाली टॉर्च, 2500 लुमेन तक फ्लैशलाइट के साथ भयंकर सर्दी में करेगी काम
  3. बिना इंटरनेट चलेगा AI! भारत के Sarvam AI ने लॉन्च किया Sarvam Edge, फोन-लैपटॉप पर ऑफलाइन करेगा काम
  4. Oppo K14x 5G vs Samsung Galaxy F70e 5G vs Realme P3 Lite 5G: देखें कौन सा फोन है बेस्ट
  5. Aadhaar PVC क्या है? जानें कैसे मिलेगा आपको, क्या हैं खासियतें
  6. Airbnb में इंसानों की जगह AI एजेंट करेंगे कस्टमर सर्विस, पीक सीजन में भी नहीं होगी दिक्कत
  7. इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
  8. India AI Impact Summit 2026: आज से शुरू, जानें कैसे लें हिस्सा, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं
  9. iPhone 18 Pro के बारे में लॉन्च से पहले खुलासा, जानें कैसा होगा कैमरा, बैटरी और डिजाइन
  10. इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »