• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • धरती का सबसे छोटा पौधा बनेगा अंतरिक्ष मिशनों के लिए ‘वरदान’, वैज्ञानिकों को देगा खाना ऑक्‍सीजन!

धरती का सबसे छोटा पौधा बनेगा अंतरिक्ष मिशनों के लिए ‘वरदान’, वैज्ञानिकों को देगा खाना-ऑक्‍सीजन!

Earths smallest flower plant : थाईलैंड में महिदोल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पोषण और ऑक्सीजन के सोर्स के रूप में वॉटरमील की क्षमता की खोज कर रहे हैं।

धरती का सबसे छोटा पौधा बनेगा अंतरिक्ष मिशनों के लिए ‘वरदान’, वैज्ञानिकों को देगा खाना-ऑक्‍सीजन!

Photo Credit: ESA

वॉटरमील विशेष रूप से थाइलैंड और बाकी एशियाई देशों में वॉटर बॉडीज में पाया जाता है।

ख़ास बातें
  • स्‍पेस मिशन के लिए हो रही रिसर्च
  • वॉटरमील पर शोध कर रहे वैज्ञानिक
  • इसे थाईलैंड में सलाद के तौर पर भी खाया जाता है
विज्ञापन
दुनियाभर की स्‍पेस एजेंसियां ऐसे मिशनों पर काम कर रही हैं, जिनके तहत इंसानों को चांद (Moon) और मंगल ग्रह (Mars) तक पहुंचाने की तैयारी है। अंतरिक्ष यात्री जब लंबे समय के लिए स्‍पेस में रहेंगे, तो वह खाएंगे क्‍या? वर्षों से इस पर अलग-अलग रिसर्च की जा रही हैं। पृथ्‍वी पर पनपने वाले कई पौधों पर शोध हो रहा है, जो फ्चूयर में अंतरिक्ष यात्रियों को पोषण और ऑक्‍सीजन देंगे। ऐसा ही एक पौधा है वॉटरमील (watermeal)। इसे धरती पर सबसे छोटे फूल वाले पौधे के रूप में पहचाना जाता है। 

यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) की रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड में महिदोल यूनिवर्सिटी (Mahidol University) के वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पोषण और ऑक्सीजन के सोर्स के रूप में वॉटरमील की क्षमता की खोज कर रहे हैं।

नीदरलैंड में यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ईएसए) के एक सेंटर में आयोजित शोध में ESA के लार्ज डायामीटर सेंट्रीफ्यूज (LDC) में छोटे जलीय पौधों की हाइपरग्रेविटी कंडीशंस को देखा जा रहा है। वॉटरमील को भी यहां आजमाया गया है। यह बेहद छोटा, जड़ और तना रह‍ित पौधा है। 

यह विशेष रूप से थाइलैंड और बाकी एशियाई देशों में वॉटर बॉडीज में पाया जाता है। इसके ग्रोथ रेट की वजह से वैज्ञानिक इस पर रिसर्च कर रहे हैं। उन्‍हें लगता है कि गुरुत्‍वाकर्षण बदलने पर पौधों पर जो असर होता है, उसे स्‍टडी करने के लिए वॉटरमील सबसे बेहतर हो सकता है।  

रिसर्च को लीड कर रहे महिदोल यूनिवर्सिटी के तात्पोंग तुल्यानंद के मुताबिक वॉटरमील में अच्‍छी मात्रा में प्रोटीन है। लंबे वक्‍त से थाईलैंड में इसे खाने में इस्‍तेमाल किया जाता है। सलाद के तौर पर भी इसे खाया जाता है। उन्‍होंने कहा कि जब पौधों को खाया जाता है, तो उनका 100 फीसदी इस्‍तेमाल होता है। इसलिए यह स्‍पेस में होने वाली खेती के लिए बेहतर है। 

फ‍िलहाल टीम वॉटरमील के पौधों पर रिसर्च कर रही है। अगले कुछ दिनों में इसके नतीजों को देखा जाएगा। स्‍टडी से यह जानकारी मिलने की उम्‍मीद है कि पौधे विभिन्न गुरुत्वाकर्षण वातावरणों के लिए कैसे अनुकूल होते हैं। यह स्‍पेस में खेती की राह को प्रशस्‍त कर सकता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S27 Pro के फीचर्स में हो सकती है कटौती! प्रोसेसर, कैमरा को लेकर अपडेट
  2. पाकिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ जारी हुआ फतवा, इस्लामिक कानून के तहत अवैध करार
  3. Motorola लेटेस्ट फोन Edge 70 Max में होगी 7100mAh बैटरी, 7000 निट्स वाली डिस्प्ले! 15 जुलाई को है लॉन्च
  4. भारत में इस कारण 50% से ज्यादा यूजर्स जल्दी बदल लेते हैं अपना स्मार्टफोन!
  5. Samsung Galaxy Tab S12+ की पहली झलक, फ्रंट डिजाइन आया नजर
  6. OTT Releases This Week: इक्का, पति-पत्नी और वो दो, बाल्टी जैसी फिल्में इस हफ्ते OTT पर, देखें यहां
  7. Redmi Note 17 लॉन्च होने जा रहा सबसे बड़े 7 इंच डिस्प्ले, 8000mAh के बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  8. iQOO 15R हुआ 6 हजार सस्ता, 7600mAh बैटरी! यहां मिल रही धांसू डील
  9. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स हुई दोगुनी, Tata Motors का पहला रैंक बरकरार
  10. Tecno Camon 50 Ultra 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »