• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चीनी वैज्ञानिकों से एलियंस ने किया कॉन्‍टैक्‍ट! क्‍या वाकई हम दूसरी दुनिया से मिलने के करीब?

चीनी वैज्ञानिकों से एलियंस ने किया कॉन्‍टैक्‍ट! क्‍या वाकई हम दूसरी दुनिया से मिलने के करीब?

चीन की सरकार के समर्थन वाले ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली’ की एक रिपोर्ट में कई बातें कही गई हैं। इसमें एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल सिव‍िलाइजेशन सर्च टीम के चीफ साइंटिस्‍ट झांग टोनजी का हवाला दिया गया है।

चीनी वैज्ञानिकों से एलियंस ने किया कॉन्‍टैक्‍ट! क्‍या वाकई हम दूसरी दुनिया से मिलने के करीब?

झांग टोनजी ने कहा है कि उनकी टीम ने साल 2020 में पहेलीनुमा संकेतों वाले सिग्‍नलों के 2 सेट देखे थे। इन सिग्‍नलों को साल 2019 में FAST टेलिस्‍कोप ने कैप्‍चर किया था।

ख़ास बातें
  • चीन से आई यह खबर पूरी दुनिया में छाई हुई है
  • हालांकि एक्‍सपर्ट ने इसे तथ्‍यों के साथ नकार दिया है
  • कथित एलियंस सिग्‍नलों को रेडियो इंटरफेरेंस बताया गया है
विज्ञापन
21वीं सदी, विज्ञान का विकास, हर रोज बदलती तकनीक से रू-ब-रू होती यह दुनिया और यहां के लोग आज भी एलियंस का पता लगाने में जुटे हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक पृथ्‍वी या इसके बाहर एलियंस सभ्‍यता होने का अनुमान लगाते हैं और दिन-रात उनकी खोज में जुटे हैं। इस बीच, दुनियाभर में यह खबर जोरों पर है कि चीन ने एक विदेशी सभ्‍यता के संकेत प्राप्‍त किए हो सकते हैं। इस खबर के केंद्र में है चीन का ‘स्‍काई आई'। यह 500 मीटर एपर्चर का गोलाकार रेडियो टेलीस्कोप ((FAST) है, जो दक्षिण-पश्चिम चीन के गुइझोऊ प्रांत में स्थित है।

चीन की सरकार के समर्थन वाले ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' की एक रिपोर्ट में कई बातें कही गई हैं। रिपोर्ट में एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल सिव‍िलाइजेशन सर्च टीम के चीफ साइंटिस्‍ट झांग टोनजी का हवाला दिया गया है। इस टीम को बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा मिलकर बनाया गया है। 

झांग टोनजी ने कहा है कि उनकी टीम ने साल 2020 में पहेलीनुमा संकेतों वाले सिग्‍नलों के 2 सेट देखे थे। इन सिग्‍नलों को साल 2019 में FAST टेलिस्‍कोप ने कैप्‍चर किया था। इसके अलावा, एक्‍सोप्‍लैनेट को टार्गेट कर जुटाए गए डेटा से भी इस साल एक सिग्‍नल मिला है। याद रहे कि ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, वो एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं।  

हालांकि कहा जाता है कि झांग ने यह संभावना भी जताई है कि ये सिग्नल रेडियो इंटरफेरेंस की वजह से भी हो सकते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' ने अपनी इस रिपोर्ट को वेबसाइट से हटा लिया है। 

Space.com के अनुसार, FAST टेलिस्‍कोप को लेकर उठी इन अफवाहों के बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए एक्‍सपर्ट उन वैज्ञानिकों तक भी पहुंचे, जो बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के साथ काम करते हैं। इनमें कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में खगोल विज्ञान विभाग के डैन वर्थिमर भी शामिल हैं। उन्‍होंने इस बात को नकार दिया कि फास्‍ट के जरिए एलियंस ने सिग्‍नल भेजे हैं। 

उन्‍होंने दावा किया कि इन सिग्‍नलों की वजह रेडियो इंटरफेरेंस हैं। यह सिग्‍नल दूसरी दुनिया से नहीं आए बल्कि रेडियो प्रदूषण के कारण पृथ्‍वी से ही निकले हैं। इसे रेडियो फ्रीक्‍वेंसी इंटरफेरेंस भी कहा जाता है। इस तरह के सिग्‍नल फोन, टीवी ट्रांसमीटर, रडार या सैटेलाइट से आ सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि ऑब्‍जर्वेटी के पास मौजूद इले‍क्‍ट्रॉनिक्‍स और कंप्‍यूटर भी वीक रेडियो ट्रांसमिशन पैदा कर सकते हैं। 

वर्थिमर ने कहा कि रिसर्चर्स द्वारा अब तक खोजे गए सभी सिग्‍नल हमारी अपनी सभ्यता से आए हैं, ना कि एलियंस की तरफ से। उन्‍होंने कहा कि बढ़ते रेडियो प्रदूषण की वजह से यह सब हो रहा है। सैटेलाइट्स और ट्रांसमीटर्स के ज्‍यादा निर्माण से कुछ रेडियो बैंड रिसर्चर्स के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं। 

वर्थिमर ने यह भी कहा कि इस तरह के कामों को पूरा करने के लिए हमें चंद्रमा के जितनी दूर जाना पड़ सकता है, क्‍योंकि वहां हम ऐसे रेडियो इंटरफेरेंस से बचे रहेंगे। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon Great Republic Day सेल में iQOO 15, OnePlus 15R, realme Narzo 90 5G जैसे फोन पर जबरदस्त डिस्काउंट!
  2. ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे मिलेगी मसाज! शर्ट में बटन की तरह फिट होने वाला गैजेट लॉन्च
  3. RedMagic 11 Air गेमिंग फोन की पहली झलक, 24GB रैम, 7000mAh बैटरी, 120W चार्जिंग जैसे फीचर्स लीक
  4. CES 2026: स्मार्टबैंड, रिंग के बाद अब स्मार्ट जूलरी! Nirva के खूबसूरत नेकलेस-ब्रेसलेट बताएंगे आपका मूड, सुधारेंगे रिश्ते!
  5. Samsung Galaxy S26 की लॉन्च डेट फिर लीक, मार्च में इस दिन से शुरू होगी सेल! जानें सबकुछ
  6. Redmi का बजट साउंड सिस्टम लॉन्च: इसमें है वायरलेस सबवूफर और RGB लाइटिंग, जानें कीमत
  7. Lava भारत में जल्द लॉन्च करेगी 2 डिस्प्ले वाला फोन! डिजाइन Xiaomi के फ्लैगशिप फोन जैसा
  8. ChatGPT for Healthcare: OpenAI ChatGPT की अब हेल्थकेयर में एंट्री! अस्पतालों, डॉक्टर्स को ऐसे होगा फायदा
  9. स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
  10. मोबाइल का इस्तेमाल जल्द हो सकता है महंगा, टेलीकॉम कंपनियों की टैरिफ 15 प्रतिशत बढ़ाने की तैयारी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »