Air Pollution : प्रदूषण ने निपटने में भारत से आगे निकला पाकिस्‍तान! करवाई कृत्रिम बारिश, क्‍या है क्‍लाउड सीडिंग? जानें

Pollution : बीते शुक्रवार को पाकिस्‍तान के पंजाब सूबे की सरकार ने स्‍मॉग को हेल्‍थ क्राइसेस (health crisis) घोषित किया। इसके बाद तमाम शहरों में कृत्रिम बारिश कराई गई।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 नवंबर 2024 17:58 IST
ख़ास बातें
  • पाकिस्‍तान में करवाई गई कृत्रिम बारिश
  • पाक के पंजाब प्रांत में हुई बारिश
  • क्‍लाउड सीडिंग तकनीक का इस्‍तेमाल

हालिया एक्‍सपेरिमेंट झेलम, चकवाल, तालागांग और गूजर खान शहरों में किया गया। (सांकेतिक तस्‍वीर)

Artificial Rain in Pakistan : भारत और पाकिस्‍तान के कई शहर इस समय जहरीले और खतरनाक वायु प्रदूषण (Air Pollution) से जूझ रहे हैं। पाकिस्‍तान ने इससे निपटने के लिए आर्टिफ‍िशियल रेन (कृत्रिम बारिश) का सहारा लिया है, लेकिन भारत में अभी तक ऐसा उपाय नहीं किया गया है। बीते शुक्रवार को पाकिस्‍तान के पंजाब सूबे की सरकार ने स्‍मॉग को हेल्‍थ क्राइसेस (health crisis) घोषित किया। इसके बाद तमाम शहरों में कृत्रिम बारिश कराई गई। मीडिया रिपोर्टों में दावा है कि बारिश के बाद वायु गुणवत्ता (Air Quality) में सुधार आया है।   

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसा दूसरी बार है जब पंजाब गवर्नमेंट ने आर्टिफ‍िशियल रेन करवाई है। पिछले साल दिसंबर में भी सरकार ने लाहौर में सफलता के साथ क्‍लाउड सीडिंग (cloud seeding) करवाई थी। हालिया एक्‍सपेरिमेंट झेलम, चकवाल, तालागांग और गूजर खान शहरों में किया गया। 

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्‍तान ने अपने यहां आर्टिफ‍िशियल बारिश करवाने के लिए लोकल टेक्‍नॉलजी इस्‍तेमाल की। दावा है कि इससे स्‍मॉग को कम करने में मदद मिली है। इससे पहले पाकिस्‍तान के लाहौर और मुल्‍तान डिस्ट्रिक्‍ट्स में हेल्‍थ इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया था। 
 

कई दिनों से प्रदूषण से जूझ रहे पाकिस्‍तान में लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का सामना करना पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, वहां अस्‍थमा, चेस्‍ट इन्‍फेक्‍शंस, कनजेक्टिवाइटिस, हार्ट संबंधी परेशानियां लोगों के सामने आ रही थीं।  
Advertisement
 

मुल्‍तान में प्रदूषण का रिकॉर्ड!

मुल्‍तान में प्रदूषण का आलम यह है कि वहां दो बार एयर क्‍वॉलिटी इंडेक्‍स यानी एक्‍यूआई 2 हजार के पार पहुंच गया। इसने वायु प्रदूषण का नया रिकॉर्ड सेट किया है। 
 

क्‍या होती है कृत्रिम बारिश

कृत्रिम बारिश कराने के लिए ‘क्लाउड सीडिंग' की मदद ली जाती है। इसमें संघनन (condensation) को बढ़ाने के लिए तमाम पदार्थों को हवा में फैलाया जाता है। इससे बार‍िश होती है। जिन पदार्थों को ‘क्लाउड सीडिंग' में इस्‍तेमाल किया जाता है, उनमें सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड और शुष्क बर्फ (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड) शामिल हैं। इस तकनीक को दुनिया के कई देशों में इस्‍तेमाल कियाा गया है। अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) क्‍लाउड सीडिंग को यूज कर चुके हैं। सूखे से निपटने के लिए भी क्‍लाउड सीडिंग की जाती है। 
 
 

ऐसे कराई जाती है कृत्रिम बारिश

‘क्लाउड सीडिंग' के घोल को हवाई जहाज की मदद से आसमान में हवा की उल्‍टी दिशा में छिड़का जाता है। घोल में मौजूद कण आसमान में पहुंचकर जम जाते हैं। इसके बाद बारिश होती है। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. बिना इंटरनेट TV पर कास्ट करें लैपटॉप-टैबलेट, Portronics ने लॉन्च किया नया वायरलेस गैजेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tata Motors ने लॉन्च किए Curvv.ev के दो नए वेरिएंट्स, जानें प्राइस, रेंज
  2. Itel Power 80 में हो सकता है Unisoc T7250 चिपसेट, Geekbench पर लिस्टिंग
  3. OnePlus Ace 7 में गेमिंग पर होगा फोकस, बिल्ट-इन फैन के साथ हो सकता है एक्टिव कूलिंग सिस्टम
  4. Samsung Galaxy Z Flip 8 में मिल सकता है 'बिना क्रीज' वाला डिस्प्ले
  5. iQOO 15T में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट
  6. New Aadhaar Update: बिना एड्रेस प्रूफ भी अपडेट होगा आधार! जानें नया आसान तरीका
  7. Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से ज्यादा, ETF में फंड बढ़ने से मिला सपोर्ट
  8. Jio यूजर्स के लिए बुरी खबर! बंद हुआ 22GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग वाला बजट प्लान
  9. BenQ MOBIUZ EX271QZ गेमिंग मॉनिटर लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. CMF Watch 3 Pro हो रही 6 मई को लॉन्च, अभी जानें फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.