Air Pollution Effects: वायु प्रदूषण से स्वांस संबंधी इस गंभीर बिमारी का खतरा!

स्टडी के लिए एक्सपर्ट्स ने एक सिस्टेमेटिक रिव्यू किया और 12 अध्य्यनों को एक साथ मिलाकर देखा।

Air Pollution Effects: वायु प्रदूषण से स्वांस संबंधी इस गंभीर बिमारी का खतरा!

वायु प्रदूषण के कारण आपको स्वांस संबंधी गंभीर बिमारी का सामना करना पड़ सकता है।

ख़ास बातें
  • वायु प्रदूषण और ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया का लिंक
  • वायु प्रदूषण ऊपरी वायुमार्ग की सूजन को बढ़ाता है।
  • वायु प्रदूषक तत्व जैसे NO2 आदि खतरनाक।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण के कारण आपको स्वांस संबंधी गंभीर बिमारी का सामना करना पड़ सकता है। इसे लेकर एक नई स्टडी प्रकाशित हुई है। स्टडी कहती है कि वायु प्रदूषण के कारण ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (obstructive sleep apnea) का रिस्क और ज्यादा बढ़ सकता है। यह एक ऐसी बिमारी होती है जिसमें नींद के दौरान सांस बार बार रुक जाती है और फिर से शुरू हो जाती है। स्टडी में किसी निर्णायक प्रमाण की बात तो नहीं की गई है लेकिन कई कारक ऐसे बताए गए हैं जिनके कारण वायु प्रदूषण और ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया का लिंक जरूर बनता है। 

स्टडी को अंतर्राष्ट्रीय जर्नल Neurotoxicology Association में प्रकाशित किया गया है। शोध के अनुसार, अगर व्यक्ति बार-बार और लगातार बहुत अधिक वायु प्रदूषण के संपर्क में आता है तो यह शरीर में सूजन या इंफ्लेमेशन पैदा कर सकता है। साथ ही ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा देता है जिससे शरीर की ऊपरी वायुतंत्र प्रणाली नींद के दौरान सही ढंग से काम नहीं कर पाती है। शोधकर्ता कह रहे हैं कि इस तरह के पैथोफिजियोलॉजिकल बदलाव स्वांस संबंधी समस्याओं के विकास और गंभीरता में योगदान देते हैं। 

OSA के संदर्भ में बात की जाए तो वायु प्रदूषण ऊपरी वायुमार्ग की सूजन को बढ़ाने और प्रणाली में विकार पैदा करने का काम करता है। इसलिए इसकी वजह से सोते समय वायुमार्ग के सही ढंग से काम ने करने के चांस बहुत बढ़ जाते हैं। यहां पर ध्यान देने वाली बात यह भी है कि एयर पॉल्यूटेंट का प्रभाव उनके प्रकार, उनके साथ एक्सपोजर, और व्यक्तिगत संवेदनशीलता पर निर्भर करता है। 

स्टडी के लिए एक्सपर्ट्स ने एक सिस्टेमेटिक रिव्यू किया और 12 अध्य्यनों को एक साथ मिलाकर देखा। फिर इनके डेटा का विश्लेषण किया और वायु प्रदूषण तथा OSA के रिस्क और गंभीरता के संबंध को समझने की कोशिश की। शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषक तत्व जैसे NO2 आदि OSA के रिस्क को और ज्यादा बढ़ाने का काम करते हैं। NO2 एक ऐसे वायु प्रदूषक तत्वों के समूह से संबंध रखता है जो गैसीय तत्व है। यह रोड ट्रैफिक और जीवाश्म ईंधन के जलने से बनता है। स्टडी निष्कर्ष निकालती है कि हेल्थकेयर प्रोवाइडर OSA के रिस्क के संबंध में वातावरणीय कारकों को भी तवज्जो दें। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BYD ने पेश किया Atto 3 का नया वर्जन, 630 किलोमीटर तक की रेंज  
  2. दीवार पर लगाने की जरूरत नहीं! Haier का टावर AC लॉन्च, EMI ₹1994 से शुरू
  3. WhatsApp चलाना है तो फोन बदलना पड़ेगा! इन डिवाइस में जल्द बंद होगा सपोर्ट
  4. Vi के नए प्लान लॉन्च: 180 दिन तक अनलिमिटेड डेटा और कॉलिंग, ₹44 में JioHotstar सब्सक्रिप्शन भी!
  5. Vivo X Fold 6 के लॉन्च की तैयारी, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  6. Bitcoin का प्राइस चढ़ा, ईरान के साथ डील की संभावना का असर 
  7. JBL ने लॉन्च किए नए साउंडबार, सिनेमा जैसा अनुभव अब घर पर मिलेगा, जानें खासियतें
  8. Dell XPS 14, XPS 16 लैपटॉप 32GB RAM के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. OnePlus Ace 6 Ultra में होगा 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, चाइना टेलीकॉम पर हुई लिस्टिंग 
  10. OnePlus Nord CE 6 सीरीज होगी 7 मई को लॉन्च, जानें डिजाइन से लेकर स्पेसिफिकेशंस तक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »