1 लाख साल से अंतरिक्ष में जन्‍म ले रहा तारा! तस्‍वीर आपको भी हैरान कर देगी

Star Birth : यह टॉरस स्टार-फॉर्मिंग क्षेत्र है, जिसमें मौजूद बादलों को वेब के नियर-इन्फ्रारेड कैमरा (NIRCam) का इस्‍तेमाल करके देखा गया है।

1 लाख साल से अंतरिक्ष में जन्‍म ले रहा तारा! तस्‍वीर आपको भी हैरान कर देगी

Star Birth : ऑब्‍जर्वेशंस बताते हैं कि L1527 लगभग 1,00,000 साल पुराना है। इसे क्‍लास जीरो प्रोटोस्टार माना जाता है, जो किसी तारे के निर्माण का प्रारंभिक चरण है।

ख़ास बातें
  • ऐसा लगता है कि अंतरिक्ष में किसी पक्षी ने पंख फैलाए हैं
  • टेलीस्‍कोप ने चमकदार धूल के बादलों की तस्‍वीर खींची है
  • यह एक प्रोटोस्‍टार के फीचर्स को उजागर करती है
विज्ञापन
अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन ‘जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप' (James Webb Space Telescope) ब्रह्मांड के छुपे हुए रहस्‍यों को दुनिया के सामने ला रही है। टेलीस्‍कोप ने चमकदार धूल के बादलों की तस्‍वीर खींची है। इसका नाम L1527 है। यह तारे के निर्माण के बारे में जानकारी प्रदान करती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने बताया है कि वेब की इस तस्‍वीर ने एक प्रोटोस्‍टार (protostar) के फीचर्स को उजागर किया है। तस्‍वीर देखकर लगता है कि अंतरिक्ष में किसी विशाल पक्षी ने अपने पंख फैलाए हुए हैं और ‘जन्‍म ले रहा तारा' उसके अंदर छुपा हुआ है।  

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तस्‍वीर जिस क्षेत्र में क्लिक की गई, वहां धूल और गैस के बादलों को सिर्फ इन्फ्रारेड तरंग दैर्ध्य में देखा जा सकता है और जेम्‍स वेब इसमें माहिर है। जेम्‍स वेब के कैमरे में लगी इन्‍फ्रारेड तकनीक ऐसे दृश्‍यों को दुनिया के सामने लाने में काबिल है। यह टॉरस स्टार-फॉर्मिंग क्षेत्र है, जिसमें मौजूद बादलों को वेब के नियर-इन्फ्रारेड कैमरा (NIRCam) का इस्‍तेमाल करके देखा गया है। 
 

नासा का कहना है कि नीला रंग उस क्षेत्र के बारे में बताता है, जहां धूल सबसे पतली है। धूल की मोटी परतें नारंगी रंग से समझी जा सकती हैं। बात करें अगर इनमें छुपे हुए तारे की, तो वह तस्‍वीर के बीचों बीच, जो दोनों ‘पंखों' को जोड़ती है, वहां छुपा हुआ  है। इसकी रोशनी प्रोटोप्लेनेटरी डिस्क के ऊपर और नीचे लीक हो रही है और आसपास की गैस और धूल को रोशन कर रही है। 

ऑब्‍जर्वेशंस बताते हैं कि L1527 लगभग 1,00,000 साल पुराना है। इसे क्‍लास जीरो प्रोटोस्टार माना जाता है, जो किसी तारे के निर्माण का प्रारंभिक चरण है। अभी यह नहीं पता कि तारे को ‘जन्‍म लेने' यानी एक तारे की तरह चमकने में कितना समय लगेगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस हैरान करने वाली चीज का अध्ययन करने से उन्हें यह जानने में मदद मिलेगी कि अपने गठन की शुरुआत में सौर मंडल और सूर्य कैसा दिखता था।

बात करें जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप की, तो यह अंतरिक्ष में तैनात अबतक का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप है। एजेंसी ने पिछले साल दिसंबर में इसे लॉन्‍च किया था। जेम्‍स वेब के निर्माण में 10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) की लागत आई है। यह दूरबीन डीप स्‍पेस की कई शानदार तस्‍वीरें दिखा चुकी है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 17 साल के लड़के ने सुलझाई ऐसी पहेली... पढ़ते-पढ़ते कमा लिए ₹2.39 करोड़
  2. Realme स्मार्टफोन हुए महंगे, जानें किस मॉडल की कितनी बढ़ी कीमत
  3. लैपटॉप पर तुरंत ऑफ कर दें स्क्रीन शेयरिंग ऑप्शन, हैकर्स को खुले हाथ न्यौता दे रहा है ये फीचर!
  4. Pova 8 Pro 5G Launch: 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ जानें कितनी है कीमत?
  5. 13MP कैमरा, 10100mAh बैटरी के साथ Honor Pad 20 Pro Paperlike Edition पेश, जानें सबकुछ
  6. Google Pixel 11 Pro vs Xiaomi 17 Ultra vs Oppo Find X9 Pro: कौन सा फ्लैगशिप है बेहतर?
  7. ज्यादा मोबाइल देखने से बढ़ रही माइग्रेन की समस्या
  8. ₹2,624 सस्ती कीमत में मिल रहा Nothing का 50MP कैमरा वाला स्मार्टफोन
  9. Boltt Ace 5G, Evo 4G में मिलेगी 6,000mAh की बैटरी, जल्द होगा लॉन्च
  10. Redmi Note 17 सीरीज जल्द होगी इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, नया मॉडल होगा शामिल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »