55 करोड़ साल पहले ‘मरते-मरते’ बची पृथ्‍वी, हो जाता मंगल ग्रह जैसा हाल, रिसर्च में सामने आई यह बात

चुंबकीय क्षेत्र को दोबारा रीस्‍टोर करने में पृथ्‍वी को डेढ़ करोड़ साल लगे।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 3 अगस्त 2022 19:20 IST
ख़ास बातें
  • ऐसे हालात में जीवन पनपना मुमकिन ही नहीं था
  • जैसे-जैसे इनर कोर विकस‍ित होता गया, चुंबकीय क्षेत्र भी रीजनरेट हो गया
  • यह स्‍टडी नेचर कम्युनिकेशंस में पब्लिश हुई है

अगर चुंबकीय क्षेत्र पुनर्जीवित नहीं होता तो आज पृथ्‍वी पर जीवन मुमकिन नहीं था।

पृथ्‍वी हमारे सौर मंडल के बाकी ग्रहों से एकदम अलग है। यहां जीवन की मौजूदगी इसे सौर मंडल का सबसे अहम ग्रह बनाती है। इस जीवन को मुमकिन करता है पृथ्‍वी का चुंबकीय क्षेत्र जो सौर हवाओं के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। लेकिन चीजें हमेशा से ऐसी नहीं थीं। एक समय था जब पृथ्‍वी का चुंबकीयमंडल (magnetosphere) पूरी तरह से खत्‍म होने की स्थिति में था। ऐसे हालात में जीवन पनपना मुमकिन ही नहीं था। फ‍िर कैसे सबकुछ ठीक हुआ। वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में यही पता लगाया है। 

न्यू यॉर्क की रोचेस्टर यूनिवर्सिटी में जियोफ‍िजिक्‍स यानी भूभौतिकी के प्रोफेसर जॉन टार्डुनो के अनुसार, हमारे ग्रह पर जीवन की शुरुआत से पहले पृथ्वी का चुंबकीयमंडल पूरी तरह से ध्वस्त होने के कगार पर था। स्‍टडी से पता चला है कि 55 करोड़ साल पहले कैम्ब्रियन (Cambrian) काल की शुरुआत में हमारे ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र पूरी तरह से खत्‍म होने वाला था। इसे दोबारा रीस्‍टोर करने में पृथ्‍वी को डेढ़ करोड़ साल लगे। स्‍टडी के मुताबिक पृथ्‍वी का इनर कोर विकसित होने से पहले इसका चुंबकीय क्षेत्र खत्‍म हो रहा था। जैसे-जैसे इनर कोर विकस‍ित होता गया, चुंबकीय क्षेत्र भी रीजनरेट हो गया। अगर यह पुनर्जीवित नहीं होता तो आज पृथ्‍वी पर जीवन मुमकिन नहीं था।   

यह स्‍टडी नेचर कम्युनिकेशंस में पब्लिश हुई है। स्‍टडी में पृथ्‍वी के इतिहास से जुड़ी कई रोचक बातें शेयर की गई हैं, जो बताती हैं कि हमारे ग्रह पर जीवन नहीं होता। यह भी बाकी ग्रहों की तरह ही एक निर्जन इलाका होता। स्‍टडी बताती है कि अगर हमारे ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र भी खत्‍म हो गया होता, तो धरती का पानी सूख जाता। वैसे ही जैसे मंगल ग्रह का पानी सूख गया और वह एक बंजर ग्रह रह गया। रिसर्चर्स मानते हैं कि मंगल ग्रह पर भी कभी चुंबकीय क्षेत्र था। वह खत्‍म होने से मंगल ग्रह पूरी तरह से सूख गया और वीरान हो गया। 

हालांकि वैज्ञानिक यह नहीं जान पाए हैं कि किन वजहों से पृथ्‍वी का चुंबकीय क्षेत्र खत्‍म हुआ और आखिर कैसे रीस्‍टोर हुआ। स्‍टडी से पता चलता है कि शायद पृथ्‍वी की सतह से 28 हजार किलोमीटर नीचे पिघले हुए लोहे की वजह से इस ग्रह ने अपना चुंबकीय क्षेत्र फ‍िर से पाया होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो हमारा ग्रह सूर्य से आने वाली खतरनाक हवाओं के कारण सूख जाता। यहां बहुत रेडिएशन होता और पृथ्‍वी पर जीवन की मौजूदगी नहीं होती।   
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Moto Razr Fold Pre Order: 16GB रैम, 6000mAh बैटरी वाले Moto Razr Fold के प्री-ऑर्डर 11 अप्रैल से! जानें सबकुछ
#ताज़ा ख़बरें
  1. Moto Razr Fold Pre Order: 16GB रैम, 6000mAh बैटरी वाले Moto Razr Fold के प्री-ऑर्डर 11 अप्रैल से! जानें सबकुछ
  2. Upcoming Smartphones April 2026: OnePlus Nord 6, Ai+ Nova 2, Vivo T5 Pro, Oppo Find X9 Ultra जैसे फोन होंगे लॉन्च, जानें सबकुछ
  3. पहली बार! एक फोन में दो तरह के डिस्प्ले, LCD और e-ink स्क्रीन के साथ इस कंपनी ने किया पेश
  4. 13 हजार से सस्ता खरीदें OnePlus का फ्लैगशिप फोन, 6000mAh बैटरी, धांसू कैमरा
  5. Honor 600 सीरीज के जल्द लॉन्च की तैयारी, iPhone 17 Pro Max जैसा हो सकता है कैमरा मॉड्यूल
  6. Google Gemma 4: गूगल का नया AI मॉडल बिना इंटरनेट भी चलेगा, स्मार्टफोन बनेंगे सुपरस्मार्ट!
  7. 3 हफ्तों तक चलने वाली Honor Watch X5i स्मार्टवॉच लॉन्च, 60Hz AMOLED डिस्प्ले, जानें कीमत
  8. Samsung Galaxy S26 FE लॉन्च होगा 8GB रैम, Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ, गीकबेंच पर खुलासा
  9. फ्री में बनाएं AI वीडियो! Google Vids में आया बड़ा अपडेट, ऐसे करें इस्तेमाल
  10. 25 इंच बड़े 300Hz डिस्प्ले के साथ Redmi G25 2026 गेमिंग मॉनिटर हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.