32 लाख साल पहले ऐसे चलता था आदमी!

वैज्ञानिकों ने शोध कर निष्कर्ष निकाला है कि लगभग 32 लाख साल पहले का मनुष्य कैसा रहा होगा और कैसे चलता होगा।

32 लाख साल पहले ऐसे चलता था आदमी!

Photo Credit: kovalenko/adobe

स्टडी बताती है कि शुरुआती दौर का मनुष्य कैसे अपना जीवन बिताता रहा होगा, कैसे चलता होगा। 

ख़ास बातें
  • स्टडी में लूसी नामक जीवाश्म का जिक्र है जो कि एक मादा है।
  • यह हाइट में 3.3 फीट की बताई गई है। इसका बंदर जैसा चेहरा है।
  • वैज्ञानिकों ने इसके उत्तकों को फिर से बनाकर देखा।
विज्ञापन
इन्सानों की सबसे करीबी प्रजाति बंदरों को माना जाता है। जिनमें चिम्पैंजी आदि भी शामिल हैं। तो क्या फिर मनुष्य भी कभी पेड़ों पर लटकता हुआ जीवन बिताता होगा! आपके मन में भी अगर ऐसा ही कुछ ख्याल आता है तो इस संबंध में एक नई शोध सामने आई है। जो बताती है कि शुरुआती दौर का मनुष्य कैसे अपना जीवन बिताता रहा होगा, कैसे चलता होगा। 

वैज्ञानिकों ने शोध कर निष्कर्ष निकाला है कि लगभग 32 लाख साल पहले का मनुष्य कैसा रहा होगा और कैसे चलता होगा। रिसर्च में यह नतीजा निकला है कि उस समय का मनुष्य सीधा खड़ा होता होगा और खड़ा होकर ही चलता होगा। शोधकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलोपिथेकस एफ्रेंसिस (Australopithecus afarensis) नामक जीवाश्म को स्टडी किया है। यह ऐसा जीवाश्म है जो शुरुआती मनुष्य के समय का है। जीवाश्म का नाम AL 288-1 है जिसे लूसी नाम दिया गया है। यह इथोपिया में 1974 में पाया गया था, जिस पर गहन शोध हाल ही में किया गया है। 

शोधकर्ताओँ का कहना है कि जीवाश्म एक मादा का है जिसमें इसका 40 प्रतिशत कंकाल मौजूद है। यह दुर्लभ जीवाश्म है। इस स्टडी को Royal Society Open Science में प्रकाशित किया गया है। स्टडी की प्रमुख लेखक, लीवरहल्म ट्रस्ट अर्ली करियर फेलो और मैकडॉनल्ड्स इंस्टीट्यूट फॉर आर्कियोलॉजिकल रिसर्च में आइजैक न्यूटन ट्रस्ट फेलो, डॉ. एशले एलए वाइजमैन का कहना है कि जो चीज इन्सानों को इन्सान होने की पहचान दिलाती है, वह है दो पैरों पर खड़े होकर चलना। लेकिन इस पर एक लम्बे समय से वाद-विवाद चला आ रहा है कि इसका विकास कैसे हुआ और क्यों हुआ। 
.
इस बारे में डॉक्टर एशले ने आगे बताते हुए कहा कि अब कम्प्यूटिंग मॉडलिंग की मदद से इस सवाल का जवाब ढूंढना पहले से आसान हो गया है। शरीर में मौजूद मांस या muscle शरीर को चलने फिरने में मदद करता है। इसकी मदद से आदमी चल सकता है, दौड़ सकता है, कूद सकता है और नाच भी सकता है। एशले ने कहा कि अगर हमें पता लगाना है कि हमारे पूर्वज कैसे चलते थे, तो हमें उनके उत्तकों को एक बार फिर से बनाना होगा। 

स्टडी में लूसी नामक जीवाश्म का जिक्र है जो कि एक मादा है। यह हाइट में 3.3 फीट की बताई गई है। इसका बंदर जैसा चेहरा है। वैज्ञानिकों ने इसके उत्तकों को फिर से बनाकर देखा। जिससे पता चला कि उसके पैर काफी मजबूत थे। कूल्हों की मासपेशियां और घुटने भी काफी मजबूत पाए गए जिससे कहा जा सका कि वह सीधी खड़ी होकर चलती होगी। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. पोर्न ऐप के नाम पर साइबर ठगी, पैसों की लूट, Facebook ऐड से डाउनलोड हो रहे APK फाइल, I4C ने दी चेतावनी
  2. iPhone को बिना छुए, Apple Maps पर एक्सीडेंट, सड़क पर काम या रुकावट को कैसे करें रिपोर्ट
  3. Nothing Phone (3) पर मिल रहा ₹39 हजार से ज्यादा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
  4. Amazon के पैकेज पर दिखे Pink या Red Dot तो हो जाएं सावधान! डिलीवरी लेने से पहले जान लें इसका मतलब
  5. Samsung Galaxy S26 FE vs Vivo X300 FE vs OnePlus 15: कौन सा फ्लैगशिप मोबाइल रहेगा बेहतर?
  6. Samsung Galaxy S26 FE India Launch: भारत में कब शुरू होगी सेल? सामने आईं कई बड़ी डिटेल्स
  7. Laser से 1 मिनट में 1,800 मच्छरों का सफाया! चीन की इस मशीन का प्री-ऑर्डर शुरू, जानें कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी
  8. Lava Agni 4N आज यूके के बाजार में लॉन्च हुआ, 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा जैसे फीचर्स से लैस
  9. क्या फोन पर टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास उपयोग करना चाहिए, जानें क्या होगा असर
  10. मुस्लिम देश को सीधे आसमान से मिलेगा इंटरनेट, भारत से पहले Starlink को मिला 10 साल का लाइसेंस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »