Microsoft Windows 11 की परफॉर्मेंस सुधारने के लिए WinUI 3 फ्रेमवर्क और नए सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन पर काम कर रही है। कंपनी का दावा है कि इससे Windows पहले से ज्यादा तेज और स्मूद होगा।
Microsoft Windows 11 को ज्यादा तेज और स्मूद बनाने के लिए WinUI 3 अपडेट कर रही है
Microsoft Windows 11 की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कंपनी अपने Windows K2 इनिशिएटिव के तहत ऑपरेटिंग सिस्टम के कई अहम हिस्सों को WinUI 3 फ्रेमवर्क पर शिफ्ट कर रही है। कंपनी का मकसद Windows 11 को ज्यादा तेज, स्मूद और रिस्पॉन्सिव बनाना है। हाल के समय में Windows 11 को लेकर सबसे ज्यादा आलोचना इसकी स्लो परफॉर्मेंस और सिस्टम एलिमेंट्स के देर से लोड होने को लेकर हुई है। ऐसे में Microsoft अब सिर्फ Windows के फीचर्स को अपग्रेड नहीं कर रही, बल्कि उस बेस फ्रेमवर्क को भी बेहतर बना रही है जिस पर कई सिस्टम एलिमेंट्स काम करते हैं।
Microsoft ने GitHub पोस्ट में बताया है कि कंपनी WinUI 3 की परफॉर्मेंस सुधारने पर काम कर रही है। WinUI 3 Windows का नेटिव यूआई फ्रेमवर्क है, जिसका इस्तेमाल Start Menu समेत कई सिस्टम एलिमेंट्स को तैयार करने में किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक इसका मकसद WinUI 3 को Windows ऐप्स और एक्सपीरियंस के लिए सबसे बेहतर नेटिव यूआई प्लेटफॉर्म बनाना है।
Microsoft की सॉफ्टवेयर इंजीनियर Beth Pan ने बताया कि कंपनी कई लेवल पर परफॉर्मेंस सुधार रही है। इसमें सिर्फ Windows के इंटरफेस एलिमेंट्स को नए फ्रेमवर्क पर शिफ्ट करना ही शामिल नहीं है, बल्कि खुद WinUI फ्रेमवर्क को भी ज्यादा तेज और ऑप्टिमाइज बनाया जा रहा है। कंपनी ने File Explorer और Notepad को परफॉर्मेंस टेस्टिंग के लिए बेंचमार्क की तरह इस्तेमाल किया है।
कंपनी के मुताबिक WinUI में किए गए बदलावों की वजह से File Explorer के लॉन्च टाइम में कई जगह सुधार देखने को मिला है। Microsoft ने कहा है कि ये बदलाव जल्द ही डेवलपमेंट ब्रांच में दिखाई देने लगेंगे, जिसके बाद इन्हें winui3/main ब्रांच में रोलआउट किया जाएगा।
Beth Pan ने यह भी बताया कि Windows की अलग-अलग टीमें मिलकर इस पर काम कर रही हैं, ताकि एंड-टू-एंड परफॉर्मेंस बेहतर बनाई जा सके। कंपनी इसे लॉन्ग-टर्म क्वालिटी और फंडामेंटल सुधार का हिस्सा मान रही है।
इसके अलावा Microsoft Windows 11 में Low Latency Profile Mode जैसे फीचर्स पर भी काम कर रही है। यह फीचर सिस्टम की सीपीयू फ्रीक्वेंसी को कुछ सेकंड के लिए अधिकतम स्तर तक बढ़ा देता है, जिससे सिस्टम ज्यादा तेजी से रिस्पॉन्ड कर सके। हालांकि इस फीचर को लेकर कुछ आलोचना भी हुई थी, लेकिन इसी तरह की तकनीक macOS और Linux जैसे दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम्स में भी इस्तेमाल की जाती है।
कंपनी का मानना है कि WinUI फ्रेमवर्क में सुधार, सिस्टम एलिमेंट्स का माइग्रेशन और नए परफॉर्मेंस फीचर्स मिलकर Windows 11 को पहले से ज्यादा तेज और स्मूद बना देंगे।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
PS Plus May धमाका! Red Dead Redemption 2 समेत फ्री मिलेंगे ये 7 बड़े गेम्स
क्रिप्टो मार्केट में गिरावट, Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से नीचे