इस स्कीम के तहत, देश में बिक्री के आधार पर मोबाइल फोन के मैन्युफैक्चरर्स को 2.25 प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक की दर पर इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा लोकल सोर्सिंग वाले कंपोनेंट्स पर भी अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा
देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में भी तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है
देश में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की एक नई स्कीम को मंजूरी दी है। बड़े स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम इस वर्ष मार्च में समाप्त हुई थी। पिछले कुछ वर्षों में PLI स्कीम की वजह से देश में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ी है। दुनिया भर में लोकप्रिय iPhone बनाने वाली Apple और दक्षिण कोरिया की Samsung इस स्कीम से फायदा लेने वाली कंपनियों में शामिल हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपये के खर्च वाली मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अप्रूवल दिया है। इस स्कीम का लक्ष्य देश में मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। इस स्कीम में देश के ब्रांड्स की नई टेक्नोलॉजी हासिल करने और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में मदद की जाएगी।
नई मैन्युफैक्चरिंग स्कीम की अवधि पांच वर्ष की है और यह फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक की अवधि के लिए लागू होगी। इस स्कीम के तहत, देश में बिक्री के आधार पर मोबाइल फोन के मैन्युफैक्चरर्स को 2.25 प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक की दर पर इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा लोकल सोर्सिंग वाले कंपोनेंट्स पर भी अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा। भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड्स को देश में रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ( R&D) और डिजाइन के लिए बिक्री पर तीन प्रतिशत तक का अतिरिक्त इंसेंटिव मिलेगा।
देश में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से लगभग 60,000 अतिरिक्त रोजगार मिलने का अनुमान है। इस स्कीम की अवधि के दौरान, भारत में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग बढ़कर 39,00,000 करोड़ रुपये पर पहुंच सकती है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट में भी तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। भारत में एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स Foxconn और Tata Group की Tata Electronics की फैक्टरियों में iPhones की असेंबलिंग की जाती है। पिछले वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने लगभग 16 अरब डॉलर के आईफोन मॉडल्स का एक्सपोर्ट किया था। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट के लिए अमेरिका सबसे बड़ा मार्केट है। पिछले कुछ वर्षों में सैमसंग ने भी भारत में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ाया है।
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