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Amazon और Flipkart की सेल में कहीं आप स्कैम का शिकार न हो जाएं! बचाव के 7 पक्के तरीके

Scammers अक्सर नकली डोमेन बनाते हैं, जो इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, ईमेल या गूगल सर्च के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं।

Amazon और Flipkart की सेल में कहीं आप स्कैम का शिकार न हो जाएं! बचाव के 7 पक्के तरीके

Photo Credit: Pexels/ saravut vanset

आजकल Amazon और Flipkart ओपन-बॉक्स डिलीवरी ऑप्शन देते हैं

ख़ास बातें
  • फेक वेबसाइट्स और कॉल्स से रहें अलर्ट, हमेशा ऑफिशियल ऐप से ही करें खरीदारी
  • डिलीवरी के वक्त बॉक्स वहीं खोलें, ओपन बॉक्स स्कैम से बचने का ये सही तरीका
  • सुपर सस्ते ऑफर्स में फ्रॉड की संभावना सबसे ज्यादा होती है
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Amazon Prime Day और Flipkart GOAT Sale आपके लिए शानदार डील्स लेकर आए हैं, लेकिन अक्सर इन बड़ी सेल के समय बहुत से ई-कॉमर्स स्कैम को भी बढ़ावा मिल जाता है, जिसमें कई बार गलती ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से नहीं होती, बल्कि ग्राहकों में भी अवेयरनेस के अभाव से स्कैम्स होते हैं। फेक वेबसाइट्स, फ्रॉड कॉल्स, स्पैम मैसेज और मालवेयर जैसे गलत तरीके इन सेल के समय कई ग्राहकों को चुना लगा जाते हैं। इस दौरान सतर्कता आपकी सबसे बड़ी गारंटी है। इसलिए नीचे कुछ ऐसी सावधानियां हैं जो आपकी खरीदारी को सुरक्षित बनाए रख सकती हैं।
 

सिर्फ ऑफिशियल साइट्स या ऐप्स पर ही लॉगिन करें

Scammers अक्सर नकली डोमेन बनाते हैं, जो इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, ईमेल या गूगल सर्च के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं। यह पढ़ने में असली जैसे होते हैं। कई केस में बेहद लुभावने पोस्टर और विज्ञापन की आड़ में इन्हें सर्कुलेट किया जाता है।

ऐसे में आपको ई-कॉर्मस प्लेटफॉर्म की असली वेबसाइट या ऐप से ही शॉपिंग करनी चाहिए। यदि आप किसी विज्ञापन, मैसेज या ईमेल में आए लिंक पर क्लिक करते हैं, तो रिडायरेक्ट होने के बाद आखिर में डोमेन को बारीकी से जांच लें।
 

ओपन-बॉक्स डिलीवरी चुनें

आजकल Amazon और Flipkart ओपन-बॉक्स डिलीवरी ऑप्शन देते हैं। यूं तो यह डिफॉल्ट रूप से लागू होता है, लेकिन फिर भी चेकआउट करते समय इसे जांच लें। ओपन-बॉक्स डिलीवरी में डिलीवरी एजेंट आपको पैकेज को खुद से अनबॉक्स करके प्रोडक्ट की जांच कराएगा। वह डिलीवरी को केवल तब मार्क कर सकता है, जब पैकेज सही हो और सही कंडीशन में हो।

किसी भी प्रकार की गड़बड़ पाए जाने पर आप उस पैकेज को लेने से इंकार कर सकते हैं। आपको मिलने वाला ओपन-बॉक्स OTP डिलीवरी एजेंट के साथ केवल तभी शेयर जब पैकेज स्वीकार करने लायक हो।
 

URL और HTTPS देखें, पासवर्ड मजबूत रखें

एड्रेसबार में Padlock (लॉक हुए ताले) का आइकन और https:// जरूर हो, लेकिन ध्यान दें कि स्कैमर इसकी भी नकल कर सकते हैं। ऐसे में अलग-अलग मजबूत पासवर्ड रखें, और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) ऑन रखें।
 

फेक कॉल्स और प्रेशर टेक्निक से सावधान

Amazon या Flipkart कभी फोन करके अकाउंट वेरिफिकेशन या डिलीवरी अपडेट के लिए OTP नहीं मांगते। यदि कोई फोन करे, तो उन्हें तुरंत काट दें और ऑफिशियल कस्टमर सर्विस से संपर्क करें।
 

Too-Good-To-Be-True डील्स पर भरोसा नहीं

स्कैमर्स अविश्वसनीय ऑफर देकर डेटा चुराने की कोशिश करते हैं। कई बार विज्ञापनों में आपको लाखों के डिवाइस की कीमत चंद हजार में लिखी दिखाई देगी। इस बंपर डिस्काउंट के ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पहले लिंक का डोमेन जांचे और ऑफर की वैधता को भी जांचे।
 

पेमेंट के सुरक्षित तरीके चुनें

स्कैमर्स गिफ्ट कार्ड, वॉयर ट्रांसफर या कोड-बेस्ड पेमेंट्स के लिए कहते हैं,  लेकिन ये सब सुरक्षित नहीं। क्रेडिट कार्ड या UPI/नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करें, जो धोखाधड़ी में डिस्प्यूट ऑप्शन प्रदान करता है, यानी गड़बड़ होने पर आप बैंक से किसी स्पेशल ट्रांजेक्शन को लेकर शिकायत कर सकते हैं।
 

बिना ऑर्डर का पैकेज भी स्कैम होता है

कभी-कभी आपको बिना ऑर्डर के पैकेज मिल सकता है, यह “डिलिवरी बॉक्स स्कैम” होता है, जिसमें फेक डिलीवरी एजेंट इसकी आढ़ में आपसे पैसे ऐंठता है। बेबुनियाद पैकेज स्वीकार न करें और स्पैम साइट्स पर डेटा न दें।
 

Amazon या Flipkart पर सबसे आम स्कैम कौन से होते हैं?

नकली वेबसाइट्स, फर्जी कॉल्स/OTP मांगना, फेक ऑफर पेज और नकली डिलीवरी नोटिफिकेशन सबसे आम स्कैम हैं।

क्या ओपन-बॉक्स डिलीवरी से स्कैम बच सकता है?

हां, अगर महंगे प्रोडक्ट की डिलीवरी के वक्त आप बॉक्स वहीं खोलकर चेक करते हैं, तो गलत या डैमेज आइटम तुरंत पकड़ा जा सकता है।

किसी स्कैम का शिकार हो जाऊं तो क्या करना चाहिए?

तुरंत Amazon/Flipkart या जिस भी ई-कॉमर्स साइट से प्रोडक्ट ऑर्डर किया है, उसकी कस्टमर सपोर्ट टीम से संपर्क करें और अगर पेमेंट हुआ है तो बैंक को भी तुरंत जानकारी दें।

फेक वेबसाइट को कैसे पहचानें?

URL में गलत स्पेलिंग, .shop/.xyz जैसे अजीब डोमेन और https की कमी अक्सर स्कैम का इशारा देते हैं।

क्या Amazon या Flipkart बैंक डिटेल्स या OTP मांगते हैं?

कभी नहीं। अगर कोई कॉल करके ये मांगे तो वो फेक है, तुरंत डिसकनेक्ट करें।

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नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
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