दिल्ली पुलिस ने करोल बाग में चल रही एक अवैध मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और IMEI बदलने वाली यूनिट का भंडाफोड़ किया है। छापे में 1,800 से ज्यादा फोन, लैपटॉप, सॉफ्टवेयर और हजारों मोबाइल पार्ट्स बरामद हुए।
Photo Credit: Unsplash/ Eirik Solheim
दिल्ली पुलिस ने करोल बाग के भीतर एक तंग गली में चल रही फेक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और IMEI से छेड़छाड़ करने वाली यूनिट का पर्दाफाश किया है। गुरुवार को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया और करीब 1,800 से ज्यादा मोबाइल फोन, लैपटॉप और IMEI बदलने वाले सॉफ्टवेयर सहित भारी मात्रा में सामान जब्त किया। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के महीनों में सेंट्रल दिल्ली में IMEI से जुड़ी यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों का तरीका काफी ऑर्गेनाइज्ड था। वे कबाड़ी बाजार से पुराने मोबाइल फोन खरीदते थे और चीन से नए बॉडी पार्ट्स मंगाते थे। इसके बाद पुराने मदरबोर्ड को नई बॉडी में फिट कर फोन तैयार किए जाते थे। डीसीपी सेंट्रल निधान वलसन ने पब्लिकेशन को बताया कि फोन तैयार होने के बाद इनका IMEI नंबर “WRITEIMEI 0.2.2” नाम के सॉफ्टवेयर से बदल दिया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले दो साल से इस धंधे को चला रहे थे।
पुलिस ने बताया कि करोल बाग थाना इलाके में पिछले 15 दिनों से संदिग्ध एक्टिविटीज पर नजर रखी जा रही थी। उसी दौरान टीम को जानकारी मिली कि बीदनपुरा क्षेत्र के एक बिल्डिंग में नकली मोबाइल तैयार करने और IMEI बदलने की यूनिट चल रही है। जानकारी पुख्ता होने पर जब पुलिस टीम ने जगह पर छापा मारा, तो वहां पांच लोग मोबाइल फोन असेंबल करते और लैपटॉप पर IMEI एडिटिंग सॉफ्टवेयर चला रहे थे।
छापे के दौरान कुल 1,826 मोबाइल फोन, कीपैड और स्मार्टफोन दोनों, बरामद हुए। इसके अलावा एक लैपटॉप जिसमें WRITEIMEI 2.0 जैसे टूल्स इंस्टॉल थे, IMEI स्कैनिंग डिवाइस, हजारों की संख्या में मोबाइल बॉडी पार्ट्स और प्री-प्रिंटेड IMEI लेबल भी मिले। पुलिस ने बताया कि बदले हुए IMEI वाले ये फोन स्थानीय बाजारों में बेचे जाते थे और इनका इस्तेमाल आगे कई तरह के गैरकानूनी कामों में हो सकता था।
आरोपियों के खिलाफ करोल बाग थाने में BNS की धारा 318(4) और 112, IT एक्ट की धारा 65 और टेलीकॉम एक्ट 2023 की धारा 42(3)(c) और 42(3)(e) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह की सप्लाई चेन की जांच कर रही है, जिसमें मदरबोर्ड का सोर्स, चीन से आने वाले पार्ट्स का नेटवर्क, बदले हुए फोन की सेल्स चेन और उन डीलरों की पहचान शामिल है जो इस पूरे रैकेट से जुड़े हो सकते हैं।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Oakley Meta Vanguard और Ray-Ban Meta Gen 2 की सेल शुरू, Amazon और Flipkart से खरीद पाएंगे ग्राहक
Galaxy S26 सीरीज के लिए Samsung लाई खास पावर बैंक, 5000 mAh बैटरी, 15W वायरलैस चार्जिंग से लैस
Asus ने लॉन्च किए ROG Flow Z13-KJP (GZ302EAC), ProArt GoPro Edition (PX13), TUF Gaming A14, जानें कीमत और फीचर्स