iPhone हैकिंग मामले में केंद्र सरकार ने भेजा Apple को नोटिस, जांच के घेरे में कंपनी

कंपनी के iPhones पर कुछ विपक्षी सांसदों को 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' हैकिंग की कोशिश की कथित तौर पर चेतावनी मिलने के बाद इस मामले की जांच की जा रही है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 2 नवंबर 2023 15:38 IST
ख़ास बातें
  • एपल ने जांच के लिए नोटिस मिलने की पुष्टि की है
  • केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था
  • पिछले कुछ वर्षों में देश में आईफोन की बिक्री तेजी से बढ़ी है

बहुत से विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें एपल से हैकिंग से जुड़ा एक अलर्ट मिला है

अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple के लिए भारत में मुश्किलें बढ़ रही हैं। कंपनी के iPhones पर कुछ विपक्षी सांसदों को 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' हैकिंग की कोशिश की कथित तौर पर चेतावनी मिलने के बाद इस मामले की जांच की जा रही है। सायबर सिक्योरिटी एजेंसी, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की ओर से यह जांच की जा रही है। इसे लेकर एपल को नोटिस भी भेजा गया है। 

IT सेक्रेटरी, S Krishnan ने कंपनी को नोटिस भेजने की पुष्टि की है। एपल ने भी जांच के लिए नोटिस मिलने की पुष्टि की है। बहुत से विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें एपल से हैकिंग से जुड़ा एक अलर्ट मिला है और इसमें कहा गया है कि 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' अटैकर्स उनके आईफोन को हैक करने की कोशिश में हैं। इन नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी ने नेता शशि थरूर, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, K C वेणुगोपाल और भूपिंदर सिंह हुड्डा शामिल थे। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, CPI(M) के महासचिव, सीताराम येचुरी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी एपल से हैकिंग से जुड़ा अलर्ट मिला था। 

विपक्षी नेताओं के कथित तौर पर जासूसी को लेकर आशंका जताने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था। इस बारे में Ashwini ने कहा था, "इसे लेकर सरकार चिंतित है। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एपल का कहना है कि यह सूचना ऐसी जानकारी पर आधारित हो सकती है जो अधूरी है। कंपनी ने यह भी कहा है कि खतरे की कुछ सूचनाएं गलत अलार्म हो सकती हैं या कुछ अटैक पकड़े नहीं जा सके।" 

इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री ने भी बताया था कि उन्हें अपने आईफोन पर इसी तरह का अलर्ट मिला है। एपल ने एक स्टेटमेंट में कहा है कि वह खतरे के इस अलर्ट के लिए किसी विशेष 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' अटैकर्स को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती। कंपनी ने कहा था कि इस तरह के अटैकर्स के पास फंडिंग होती है और उनके हमलों को पकड़ना खतरे से जुड़े इंटेलिजेंस सिग्नल्स पर निर्भर करता है और ये सिग्नल अक्सर अधूरे होते हैं या सटीक नहीं होते। पिछले कुछ वर्षों में देश में आईफोन्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है और एपल ने एक्सपोर्ट को भी बढाया है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung Galaxy F70e 5G vs Realme P3 Lite 5G vs Vivo Y29 5G: जानें 15 हजार में कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. BYD ने बड़ी बैटरी के साथ पेश की Atto 3 Evo, 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  2. Mahindra की इलेक्ट्रिक SUVs की सेल्स 10 महीनों में 41,000 यूनिट्स से ज्यादा 
  3. क्रिप्टो से इस देश को मिल रहा लाखों डॉलर का टैक्स....
  4. Oppo Find X9 Ultra में मिल सकती है 7,050mAh की बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  5. Infinix Note Edge 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  6. भारत के Medical Dialogues ने जीता Google का JournalismAI इनोवेशन चैलेंज
  7. फोटो और वीडियो में अपने चेहरे से बदल पाएंगे किसी दूसरे का चेहरा, Instagram लेकर आ रहा नया फीचर!
  8. Samsung Galaxy F70e 5G vs Realme P3 Lite 5G vs Vivo Y29 5G: जानें 15 हजार में कौन सा फोन है बेस्ट
  9. Xiaomi 18 में मिल सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 चिपसेट
  10. Lava Yuva Star 3 लॉन्च, 8GB रैम, 5000mAh बैटरी, कीमत Rs 7,500 से भी कम!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.