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क्‍या है Project Q star? ChatGPT बनाने वाली कंपनी के नए प्राेजेक्‍ट को बताया जा रहा खतरनाक

What is Project Q star : यह एक आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलिजेंस (AGI) टूल है। इस टूल ने मैथमैटिकल यानी गणित के सवालों को बहुत तेजी से और सही सॉल्‍व किया है।

क्‍या है Project Q star? ChatGPT बनाने वाली कंपनी के नए प्राेजेक्‍ट को बताया जा रहा खतरनाक

प्रोजेक्‍ट क्‍यू स्‍टार ने ओपनएआई के कुछ स्‍टाफ मेंबर्स को चिंता में डाला है।

ख़ास बातें
  • प्राेेजेक्‍ट क्‍यू स्‍टार पर हो रही इन दिनों बात
  • चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी डेवलप कर रही टूल
  • इसे मानवता के लिए बताया जा रहा खतरनाक
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What is Project Q star : चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) कई दिनों से सुर्खियों में है। एक दिन अचानक कंपनी के को-फाउंडर ‘सैम ऑल्‍टमैन' को फायर कर दिया गया। फैसले के खिलाफ सैकड़ों कर्मचारियों ने इस्‍तीफे की धमकी दे डाली, तो ऑल्‍टमैन को वापस लाया गया। अब ओपनएआई के एक नए प्रोजेक्‍ट ने चर्चाएं बटोरी हुई हैं। इसका नाम है- प्रोजेक्‍ट क्‍यू स्‍टार (Q*) (Q star)। कहा जा रहा है कि यह प्रोजेक्‍ट मानवता के लिए खतरा हो सकता है। ऐसा क्‍या है क्‍यू स्‍टार में, जिसने चिंता बढ़ा दी है।   
 

क्‍या है Project Q star 

रॉयटर्स की रिपोर्ट से समझ में आता है कि ओपनएआई का प्रोजेक्‍ट क्‍यू स्‍टार एक नया एआई डिस्‍कवरी है। काफी वक्‍त से इस प्रोजेक्‍ट पर काम किया जा रहा है। यह एक आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलिजेंस (AGI) टूल है। इस टूल ने मैथमैटिकल यानी गणित के सवालों को बहुत तेजी से और सही सॉल्‍व किया है। द इन्‍फर्मेशन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोजेक्‍ट क्‍यू स्‍टार ने ओपनएआई के कुछ स्‍टाफ मेंबर्स को चिंता में डाला है। उनका मानना था कि कंपनी के पास ऐसी तकनीक का कर्मशलाइजेशन करने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं हैं।  

आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलिजेंस (AGI) टूल के बारे में सैम ऑल्‍टमैन यहां तक कह चुके हैं कि ये इंसानों से भी स्‍मार्ट होते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ओपनएआई के रिसर्चर्स के एक लेटर में इस एआई सिस्‍टम से जुड़ी चिंताओं पर बात की गई थी। कुछ स्‍टाफ रिसर्चर्स ने चेताया था कि यह प्रोजेक्‍ट मानवता के लिए खतरनाक हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्‍ट क्‍यू उसी तरह से इंसानों के लिए खतरनाक हो सकता है, जैसा टर्मिनेटर फ‍िल्‍म में है।  

बहरहाल, रॉयटर्स की रिपोर्ट के बाद ओपनएआई ने अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्‍ट को स्‍वीकार किया है। लेकिन इसके बारे में अभी भी डिटेल्‍स आनी बाकी हैं। तमाम एक्‍सपर्ट कह रहे हैं कि अगर प्राेजेक्‍ट क्‍यू या AGI मानवता के लिए खतरा बन सकते हैं, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए ना कि इन्‍हें डेवलप ही ना किया जाए। 

 
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