अमेरिकी प्रेसिडेंट Joe Biden ने लगाया सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों के उत्पीड़न का आरोप

अमेरिकी प्रेसिडेंट बाइडन ने आरोप लगाया है कि बड़ी टेक कंपनियां अपने प्रॉफिट के लिए युवाओं पर एक्सपेरिमेंट कर रही हैं

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 फरवरी 2023 14:14 IST
ख़ास बातें
  • बाइडन लोगों की ऑनलाइन प्राइवेसी, पर्सनल डेटा की सुरक्षा के पक्ष में हैं
  • अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कड़े कानून बनाने की मांग उठी है
  • इन कंपनियों पर लोगों का पर्सनल डेटा एकत्र करने का आरोप है

इससे पहले यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इन कंपनियों के लिए नए रूल्स बनाए गए हैं

सोशल मीडिया कंपनियों को लेकर अमेरिका का रुख कड़ा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने कहा है कि ये कंपनियां बच्चों को लालच देकर उनका डेटा एकत्र कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बड़ी टेक कंपनियां अपने प्रॉफिट के लिए युवाओं पर एक्सपेरिमेंट कर रही हैं। 

 Agence France-Presse की रिपोर्ट के अनुसार, Biden ने कांग्रेस के ज्वाइंट सेशन को संबोधन में कहा, "हमें सोशल मीडिया कंपनियों को उस एक्सपेरिमेंट के लिए जवाबदेह बनाना होगा जो वे प्रॉफिट के लिए बच्चों पर कर रही हैं। बड़ी टेक कंपनियों को बच्चों और किशोरों का ऑनलाइन डेटा एकत्र करने से रोकने के लिए कानून बनाने की जरूरत है।" इसके साथ ही उनका कहना था कि इन कंपनियों की ओर से टारगेट कर एडवर्टाइजिंग करने पर प्रतिबंध लगाने और इनके लोगों का पर्सनल डेटा एकत्र करने की कड़ी लिमिट तय करनी होगी। इससे पहले भी Biden ने उन रिस्क की जानकारी दी थी जो सोशल मीडिया से हो सकते हैं। 

उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों से राजनीतिक गतिरोध को समाप्त कर ऐसे कानून पास करने का निवेदन किया था जिनसे Apple, Google, Amazon और Facebook जैसी बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों की ताकत पर लगाम लगाई जा सके। इसका दोनों दलों के सदस्यों ने स्वागत किया था। बाइडन लोगों की ऑनलाइन प्राइवेसी और उनके पर्सनल डेटा की सुरक्षा बढ़ाने के पक्ष में रहे हैं। इससे पहले यूरोप और एशिया के कुछ देशों में इन कंपनियों की बढ़ती ताकत पर रोक लगाने के लिए नए रूल्स बनाए गए हैं। 

पिछले महीने Wall Street Journal में प्रकाशित एक संपादकीय में बाइडन ने कहा था कि इस समस्या को रोकने के लिए कानून बनाने से अथॉरिटीज को उन एल्गोरिद्म का एक्सेस मिल सकता है जिनसे सोशल मीडिया कंपनियों को ताकत मिलती है। उनका कहना था कि सांसदों को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए कि मौजूदा कानून में इन कंपनियों के लिए उनकी साइट्स पर कंटेंट को लेकर जिम्मेदारी से छूट मिलती है। अमेरिका में इससे पहले भी टेक कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग उठ चुकी है। हालांकि, इस तरह के कानून को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं। भारत में भी केंद्र सरकार ने कंटेंट को लेकर इन कंपनियों को जवाबदेह बनाने की जरूरत बताई है। 
 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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