हाल ही में केंद्र सरकार ने संकेत दिया था कि 2,000 रुपये से ज्यादा की UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाने के फैसले की समीक्षा नहीं की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि नए चार्ज को लगाने के बावजूद UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी जारी रहेगी
MDR के दायरे से 95 प्रतिशत से ज्यादा UPI पर्सन-टु-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस बाहर रहेंगी
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से होने वाली अधिक वैल्यू की ट्रांजैक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने से UPI की वॉल्यूम पर बड़ा असर होने की कम संभावना है। UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का मानना है कि MDR के लागू होने के बाद इन ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ेगा।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NPCI का मानना है कि लगभग 10 प्रतिशत मर्चेंट्स के UPI पर MDR का भार कस्टमर्स पर डालने का रिस्क है। लगभग 75 प्रतिशत मर्चेंट्स को 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस नहीं मिलती, जबकि लगभग 10 प्रतिशत क्रेडिट कार्ड से पेमेंट नहीं लेते। इस वजह से चार्जेज को लेकर मुश्किल स्थिति हो सकती है और इसका असर कस्टमर्स पर पड़ सकता है। UPI के जरिए होने वाली ट्रांजैक्शंस के लगभग 96 प्रतिशत पर कोई चार्ज नहीं लगता। NPCI को UPI पर MDR से लॉन्ग-टर्म में वैल्यू दिख रही है।
कस्टमर्स को क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स जैसे इंसेंटिव को UPI के यूजर्स के लिए भी पेश किया जा सकता है। हाल ही में केंद्र सरकार ने संकेत दिया था कि 2,000 रुपये से ज्यादा की UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाने के फैसले की समीक्षा नहीं की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि नए चार्ज को लगाने के बावजूद UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी जारी रहेगी। UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा। हालांकि, इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शंस की लिमिट होगी। रेलवे, इंश्योरेंस, टेलीकॉम सर्विसेज और फ्यूल सहित 2,000 रुपये से ज्यादा की चुनिंदा ट्रांजैक्शंस पर 5 रुपये का MDR लगाया जाएगा।
म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक ब्रोकिंग चार्जेज और शेयर्स सहित कैपिटल मार्केट से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर 0.02 प्रतिशत का MDR लगेगा। इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन के MDR की लिमिट तय की गई है। इस चार्ज के बावजूद UPI के कुल इस्तेमाल पर कम असर होगा। इससे लगभग चार प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर असर हो सकता है। MDR के दायरे से 95 प्रतिशत से ज्यादा UPI पर्सन-टु-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस बाहर रहेंगी। इसके अलावा पर्सन-टु-पर्सन-टु-मर्चेंट (P2PM) मॉडल के तहत ऑपरेट करने वाले स्मॉल मर्चेंट्स के लिए भी MDR को लेकर छूट जारी रहेगी। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश बन चुका है। विदेश में भी कुछ देशों में UPI के जरिए पेमेंट सर्विस को लॉन्च किया गया है।
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