फेक न्यूज फैलाने वालों को होगी 3 साल तक की जेल!

इस कानून के पारित होने का कुछ सांसदों ने विरोध भी किया। CHP पार्टी के सांसद Burak Erbay ने अपने मोबाइल फोन को एक हथौड़े से तोड़ कर अपनी नाराजगी दिखाई

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 14 अक्टूबर 2022 21:30 IST
ख़ास बातें
  • तुर्की में अगले वर्ष चुनाव होने हैं
  • इस कानून के पारित होने का कुछ सांसदों ने विरोध भी किया
  • तुर्की का पड़ोसी देश सायप्रस के साथ विवाद है

नए कानून से सरकार की मीडिया पर पकड़ मजबूत हो जाएगी

कड़े नियमों वाले देश के तौर पर पहचान रखने वाले तुर्की ने एक नया कानून बनाया है जिसके तहत पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स को 'फेक न्यूज' फैलाने पर तीन वर्ष तक की जेल हो सकती है। तुर्की में अगले वर्ष चुनाव होने हैं और इससे पहले इस नए कानून से सरकार की मीडिया पर पकड़ मजबूत हो जाएगी।

तुर्की की पार्लियामेंट में इस कानून के पारित होने का कुछ सांसदों ने विरोध भी किया। CHP पार्टी के सांसद Burak Erbay ने अपने मोबाइल फोन को एक हथौड़े से तोड़ कर अपनी नाराजगी दिखाई। उन्होंने कहा, "मैं अपने युवा भाइयों को संदेश देना चाहता हूं जो अगले वर्ष तुर्की की दिशा तय करेंगे। आपके पास केवल एक स्वतंत्रता बची है जो आपकी जेब में आपका फोन है। आप फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपनी बात कहें।" तुर्की के अधिकतर समाचार पत्र और टेलीविजन चैनल सरकारी अधिकारियों और उनके कारोबारी सहयोगियों के नियंत्रण में हैं। लगभग छह वर्ष पहले एक तख्तापलट की एक नाकाम कोशिश के बाद सरकार ने मीडिया पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया था। 

हालांकि, सोशल नेटवर्क्स और इंटरनेट-बेस्ड मीडिया पर सरकार का ज्यादा दखल नहीं है। तुर्की के प्रेसिडेंट Tayyip Erdogan सोशल मीडिया पर सरकार की निंदा से नाराज हैं। इस स्थिति में भी पिछले कुछ महीनों से बदलाव हो रहा है। तुर्की ने Facebook और Twitter को विवादास्पद पोस्ट्स हटाने के स्थानीय अदालत के आदेश का जल्द पालन करने के लिए स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए मजबूत किया है। इन कंपनियों को ऐसा न करने पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई थी। सोशल मीडिया के बारे में Erdogan ने कहा था कि तुर्की का अधिक ध्रुवीकरण वाले समाज को जाली और भ्रम फैलाने वाली न्यूज से नुकसान हो सकता है। उनका कहना था कि लोकतंत्र के लिए सोशल मीडिया एक बड़ा खतरा बन गया है। 

नए कानून के तहत गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने के दोषियों पर आपराधिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें सोशल नेटवर्क्स और वेबसाइट्स को भ्रामक जानकारी फैलाने के संदिग्ध लोगों की डिटेल्स देनी होंगी। बड़ी मुस्लिम जनसंख्या वाले तुर्की का पड़ोसी देश सायप्रस के साथ भी विवाद चल रहा है। इस विवाद से जुड़ी जानकारी को भी सरकार रोकने की कोशिश करती है।   
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा Xiaomi का 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी वाला फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus ने बढ़ा दी इन 2 टैबलेट्स की कीमत, अब खरीदने के लिए खर्चने होंगे ₹3 हजार ज्यादा
  2. Oppo Find X10 Pro Max में मिल सकते हैं ट्रिपल 200 मेगापिक्सल कैमरा 
  3. Samsung One UI 9: इन Galaxy फोन्स को मिलेगा Android 17 अपडेट, चेक करें पूरी लिस्ट
  4. Redmi Note 17 सीरीज में मिल सकती है 9,000mAh तक की बैटरी
  5. iQOO Z11 Lite हो रहा 23 जुलाई को लॉन्च, लुक और फीचर्स आए सामने, खासतौर पर हुआ स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन
  6. UAN अब सिर्फ UMANG ऐप के जरिए होगा एक्टिवेट, EPFO ने किया बदलाव, जानें कैसे
  7. SIR को लेकर कन्फ्यूज? चुनाव आयोग ने बताया कब मांगे जाएंगे डॉक्यूमेंट्स और कौनसे होंगे मान्य
  8. Google Maps और Gemini से ली मदद, 1990 में उधार लिया पैसा चुकाने पहुंचे 1200 किमी दूर
  9. 7000mAh बैटरी वाले Moto G77 Power की सेल लाइव, लिमिटेड टाइम के लिए ₹2 हजार ऑफ!
  10. Kia ला रही है Tata Nexon EV का जवाब! लॉन्च से पहले सड़कों पर दिखी Syros EV
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.