स्मार्टफोन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए कंपनियां भी तेजी से डिवाइसेज ला रही हैं।
Photo Credit: Unsplash/Alexandre Debiève
चिप्स का इस्तेमाल AI के लिए काफी हो रहा है।
स्मार्टफोन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए कंपनियां भी तेजी से डिवाइसेज ला रही हैं। मगर अब ग्लोबल बाजार में रैम की कमी होती जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्मार्टफोन मेमोरी चिप्स और पीसी मेमोरी चिप्स खासतौर पर डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM) की बाजार में काफी कमी हो गई है, जिसके चलते कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। बताया जा रहा है कि 1 साल के अंदर ही रैम की कीमतें तीन गुना मंहगी हो गई हैं। वहीं कुछ कंप्यूटर स्टोर ने कीमत वाले टैग लगाना तक बंद कर दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर मेमोरी चिप्स में कमी क्यों आ रही है।
ब्लूस्काई यूजर्स स्टीव लिन (@stevelin.bsky.social) ने कैलिफोर्निया के सेंटा क्लारा बेस्ड सेंट्रल कंप्यूटर्स आउटलेट की एक फोटो शेयर की थी। वहां पर स्टोर ने ग्लोबल स्तर पर कमी के चलते रैम और अन्य कंपोनेंट के दामों में हाल ही में 20 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते स्टोर ने कीमत टैग को लगाना बंद कर दिया है। ग्लोबल स्तर पर यह स्थिति सामने आ रही है जो कि कई क्षेत्रों में स्टोरेज के चलते अलग-अलग हो सकती है।
पीसीवर्ल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट बाय पर दो 64GB DDR5 DIMM का एक सेट $900 (लगभग 80,400 रुपये) में मिल रहा है, जबकि 18 महीने पहले इसकी कीमत $155 (लगभग 13,900 रुपये) थी। टॉम्स हार्डवेयर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी के चलते Valve ने हाल ही में लॉन्च किए Steam Machine की कीमत का खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा Nvidia और AMD भी कमी के चलते GPU की कीमतों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का प्लान बना रहे हैं।
रैम क्यों हो रहीं महंगी
एपिक के सीईओ टिम स्वेनी ने X पर एक पोस्ट में बताया कि “हाई एंड गेमिंग के लिए रैम की कीमतों में बढ़ोतरी लंबे समय तक बनी रहेगी। फैक्ट्री एडवांस DRAM कैपेसिटी को AI की जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं डेटा सेंटर कंज्यूमर डिवाइस बनाने वालों से ज्यादा कीमतें दे रहे हैं।”
AI है वजह
चिप्स की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह AI बताई जा रही है। Google, OpenAI, Anthropic, Microsoft और अन्य टेक कंपनियां अपने चैटबॉट और कई प्रोडक्टिविटी टूल के लिए कंप्यूटिंग या प्रोसेसिंग पावर की जरूरत को पूरा करने के लिए नए डेटा सेंटर बना रहे हैं, जिससे चिप्स की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से बढ़ने वाला है। ऐसे में चिप्स की कीमतों में कब सुधार होगा या नहीं यह कहना बहुत मुश्किल लग रहा है। हालांकि, चिप्स का प्रोडक्शन बढ़ने पर यह प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि, आने वाले कुछ समय में स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीसी और गेमिंग कंसोल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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