Qualcomm ने बुधवार को अपने 6G वायरलेस टेक्नोलॉजी पर काम शुरू करने की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि वह इस साल से 6G नेटवर्क के स्टैंडर्डाइजेशन का प्रोसेस शुरू करेगी, जिसमें बेहतर स्पेक्ट्रल एफिशिएंसी और सभी फ्रीक्वेंसी बैंड्स में कवरेज सुधारने पर फोकस होगा। इसके अलावा, Qualcomm 6G नेटवर्क और डिवाइसेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी बड़े स्तर पर इंटीग्रेट कर रही है। कंपनी Mobile World Congress (MWC) 2025 में बार्सिलोना में अपने इनोवेशन पेश करेगी।
Qualcomm का 6G विजन एक AI-नेटीव सिस्टम पर आधारित है, जहां नेटवर्क खुद ही इंटरफेरेंस, ट्रैफिक लोड और यूजर मूवमेंट जैसे रियल-टाइम कंडीशंस को समझकर अपने पैरामीटर्स को एडजस्ट कर सकेगा। कंपनी का इस साल का फोकस नेटवर्क कवरेज और कैपेसिटी को बेहतर बनाना है। Qualcomm का
मानना है कि AI-नेटीव प्रोटोकॉल के जरिए नेटवर्क खुद से सीखकर समय के साथ ऑप्टिमाइज हो सकते हैं, जिससे हर यूजर और डिवाइस के लिए कस्टमाइज्ड परफॉर्मेंस मिलेगी।
कंपनी 5G Advanced के जरिए 6G डेवलपमेंट को आगे बढ़ा रही है। Qualcomm ने AI-एन्हांस्ड चैनल स्टेट फीडबैक (CSF) डिज़ाइन करना शुरू कर दिया है, जो 5G Advanced टेक्नोलॉजी में AI और मशीन लर्निंग (ML) का इस्तेमाल रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN), कोर नेटवर्क और नेटवर्क मैनेजमेंट में करेगा। 5G Advanced, जिसे पिछले साल 3GPP Release 18 के साथ लॉन्च किया गया था, 6G स्टैंडर्डाइजेशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Qualcomm अपने MIMO सिस्टम डिजाइन्स को अपग्रेड कर रहा है ताकि यह FR3 मिडबैंड स्पेक्ट्रम (7-15 GHz) को सपोर्ट कर सके। यह स्पेक्ट्रम World Radio Conference 2023 में प्रस्तावित किया गया था और इसमें 7.125 GHz से 24.25 GHz की फ्रीक्वेंसी शामिल है। इस नए FR3 Giga-MIMO सिस्टम का Qualcomm ने ओवर-द-एयर टेस्ट किया, जिसमें बेहतर स्पीड और कवरेज के नतीजे सामने आए, जो कि 7 GHz से नीचे की फ्रीक्वेंसी के बराबर माने जा सकते हैं। Qualcomm का कहना है कि वह स्पेक्ट्रम रेगुलेटर्स के साथ मिलकर इस बैंड को 6G नेटवर्क डिप्लॉयमेंट के लिए तैयार करेगा।