देश के पावर ग्रिड को सायबरअटैक से सुरक्षित करने की तैयारी

देश भर में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण पावर ग्रिड को सायबर अपराधियों ने निशाना बनाने की कोशिश की थी

विज्ञापन
Written by डेविड डेलिमा, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 2 सितंबर 2022 10:48 IST
ख़ास बातें
  • पावर मिनिस्ट्री को इस नेटवर्क पर अटैक करने वालों के बारे में जानकारी है
  • इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड की नियमित जांच का प्रावधान किया जा रहा है
  • चीन के हैकर्स ने इस ग्रिड को निशाना बनाने की कोशिश की थी

सायबर अपराधी कई बार सरकारी वेबसाइट्स को भी निशाना बना चुके हैं

पिछले कुछ वर्षों में सायबरअटैक का खतरा बढ़ा है। इस तरह के अटैक बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। केंद्र सरकार ने सायबरअटैक से देश के पावर ग्रिड की सुरक्षा को बढ़ाने की तैयारी की है। देश भर में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण पावर ग्रिड को सायबर अपराधियों ने पिछले वर्ष निशाना बनाने की कोशिश की थी।

इस बारे में PTI की एक रिपोर्ट में पावर मिनिस्टर R K Singh के हवाले से कहा गया है कि सायबरअटैक का खतरा बरकरार है और इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल में पावर ग्रिड की नियमित जांच का एक प्रावधान शामिल किया गया है। पावर मिनिस्ट्री को इस नेटवर्क पर अटैक करने वालों के बारे में जानकारी है और इस वजह से नियमित जांच का प्रावधान किया जा रहा है। R K Singh ने बताया, "हम सेंट्रल लोड डिस्पैच सेंटर को सशक्त बना रहे हैं जिससे यह जांच करने के साथ ही निर्देश दे सके। हमारे पास देश में एक ग्रिड है और अगर किसी स्थान पर कोई समस्या होती है तो पूरा ग्रिड बंद हो सकता है। इसी वजह से यह प्रावधान किया गया है।" 

पावर ग्रिड पर अप्रैल में चीन के हैकर्स ने अटैक कर लद्दाख के निकट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, उस सायबरअटैक को ब्लॉक कर दिया गया था। इससे पहले भी लद्दाख में इलेक्ट्रिसिटी नेटवर्क हैकर्स के निशाने पर रहा था। सायबर अपराधी कई बार सरकारी वेबसाइट्स को भी निशाना बना चुके हैं। 

रूस ने यूक्रेन पर हमला करने से पहले एक बड़ा सायबरअटैक किया था। इसमें यूक्रेन सरकार की कई वेबसाइट्स को हैक किया गया था। इस बारे में सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने जानकारी दी थी। माइक्रोसॉफ्ट ने इस साइबर हमले की जानकारी देते हुए बताया था कि यूक्रेन की सरकारी एजेंसियों के कई कंप्यूटर्स में मैलवेयर पहुंचाया गया था। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि उसकी जांच टीमों ने कई सिस्‍टम्‍स पर मैलवेयर को खोजा है। ये सिस्टम यूक्रेन के कई सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों में थे।।इससे पहले 2017 में भी रूस ने यूक्रेन पर इसी तरह का अटैक किया था। इसमें नोटपेट्या वायरस के साथ यूक्रेन को निशाना बनाया गया था। उत्तर कोरिया के हैकर्स भी इस तरह के अटैक और स्कैम में शामिल रहे हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 16 में मिल सकते हैं ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा, Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  2. Tecno Pova 8 Pro 5G कल होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट
  3. HMD 102 4G Pro बजट फीचर फोन में मिलेगी 1200mAh बैटरी, IP52 रेटिंग!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Boltt Ace 5G, Evo 4G में मिलेगी 6,000mAh की बैटरी, जल्द होगा लॉन्च
  2. Redmi Note 17 सीरीज जल्द होगी इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, नया मॉडल होगा शामिल
  3. iQOO 16 में मिल सकते हैं ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा, Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  4. Jio Prime: भारत में जियो यूजर्स के लिए प्राइम मेंबरशिप लॉन्च, सस्ते रीचार्ज प्लान, कैशबैक समेत कई फायदे
  5. BGMI Lite: अब कम दाम वाले स्मार्टफोन्स में भी खेल सकेंगे BGMI, क्राफ्टन जल्द ला रही गेम का Lite वर्जन
  6. Tecno Pova 8 Pro 5G कल होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट
  7. iQOO Neo 11 Ultra में होगा 50 मेगापिक्सल Sony प्राइमरी कैमरा, 9,100mAh हो सकती है बैटरी
  8. 1 महीने में 7.98 लाख बिक गए स्कूटर्स, सबसे ज्यादा इस कंपनी की हुई सेल
  9. OnePlus 16 में मिलेगा नया कस्टम डिस्प्ले, Samsung को कड़ी टक्कर!
  10. iPhone पर ₹35000 का डिस्काउंट, Airtel यूजर्स के लिए खास ऑफर, जानें कैसे उठाएं लाभ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.