भाषाई ईमेल 'डेटामेल' लॉन्च, अब आप हिंदी में बना पाएंगे ईमेल आईडी

प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस समूह की कंपनी डेटा एक्सजेन टैक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने 'डेटामेल' नाम से दुनिया के पहले नि:शुल्क भाषाई ई-मेल आईडी की शुरुआत की है।

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भाषाई ईमेल 'डेटामेल' लॉन्च, अब आप हिंदी में बना पाएंगे ईमेल आईडी
ख़ास बातें
  • डेटा एक्सजेन ने पहले निशुल्क भाषाई ई-मेल आईडी की शुरुआत की
  • 22 भाषाओं में निशुल्क ईमेल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी
  • 8 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में ईमेल आईडी बनाने की सुविधा होगी
प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस समूह की कंपनी डेटा एक्सजेन टैक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने 'डेटामेल' नाम से दुनिया के पहले नि:शुल्क भाषाई ई-मेल आईडी की शुरुआत की है। इस सेवा में 8 भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और 3 विदेशी भाषाओं - अरबी, रूसी और चीनी में ईमेल आईडी बनाने की सुविधा होगी।

आने वाले समय में डेटा एक्सजेन टैक्नोलॉजीज़ की तरफ से 22 भाषाओं में निशुल्क ईमेल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे डेटामेल के तहत संबंधित प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्रायड या आईओएस प्रणाली से डाउनलोड किया जा सकेगा।

डेटा एक्सजेन टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय डाटा ने बताया कि आईएएमएआई की रिपोर्ट के अनुसार वर्ल्ड वाइड वेब पर भारतीय भाषाओं के अकाउंट सिर्फ 0.1 प्रतिशत हैं। दूसरी तरफ 89 प्रतिशत आबादी ऐसी है जो गैर अंग्रेजी भाषी है और जिसे इंटरनेट पर ईमेल के जरिए अंग्रेजी में संवाद करने में हर कदम पर बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसीलिए सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन और मेक इन इंडिया मिशन को आगे बढ़ाते हुए डेटा एक्सजेन टैक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने 'डेटामेल' के नाम से पहली निशुल्क भारतीय ई-मेल सेवा की शुरुआत की है।

इस सेवा में देशभर के लोगों को 8 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं और अंग्रेजी में -मेल आईडी बनाने की सुविधा होगी। इस तरह भारतीय नागरिकों को अपनी क्षेत्रीय भाषा में ईमेल के जरिए संवाद कायम करने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

वैश्विक इंटरनेट रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट पहुंच के मामले में भारत दुनिया में 139वें स्थान पर है, जबकि भाषाई विविधता के मामले में हमारा देश अग्रिम देशों की सूची में शामिल है। इंटरनेट पहुंच के लिहाज से आइसलैंड पहले स्थान पर, संयुक्त अरब अमीरात 12 वें, संयुक्त राज्य अमेरिका 18वें और जर्मनी 19 वें स्थान पर हैं, जबकि इन देशों में भाषाई विविधता अपेक्षाकत बहुत कम है।

जहां तक मोबाइल ब्रॉडबैंड वहन करने की क्षमता का सवाल है, भारत प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के 12.39 प्रतिशत के साथ अभी 101वें स्थान पर है और आने वाले समय में सुधारों तथा दूरसंचार उद्योग में प्रतिस्पर्धा के साथ इसमें और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।
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