इंटरनेट पर बड़ी टेक कंपनियों की मोनोपॉली से चिंतित सरकार

पिछले वर्ष गूगल ने सुप्रीम कोर्ट से एंड्रॉयड मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए कंपनी के खिलाफ दिए गए निर्देशों को खारिज करने का निवेदन किया था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 फरवरी 2024 23:12 IST
ख़ास बातें
  • इन कंपनियों में इंटरनेट सर्च इंजन गूगल और फेसबुक शामिल हैं
  • डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और टेक कंपनियों के बीच रेवेन्यू का असंतुलन है
  • गूगल के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है

इन कंपनियों के खिलाफ कुछ अन्य देशों में रेगुलेटर्स की ओर से कदम उठाए गए हैं

केंद्र सरकार ने कहा है कि इंटरनेट पर बड़ी ऐड-टेक कंपनियों की दबदबा चिंता का विषय है। इन कंपनियों में इंटरनेट सर्च इंजन Google और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook शामिल हैं। इन कंपनियों की मोनोपॉली के खिलाफ कुछ अन्य देशों में रेगुलेटर्स की ओर से कदम उठाए गए हैं। 

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री Rajeev Chandrasekhar ने कहा कि डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और बड़ी टेक कंपनियों के बीच रेवेन्यू की शेयरिंग का मॉडल इन कंपनियों की ओर से झुका है और ये सरकार के लिए चिंता का विषय है। उनका कहना था कि डिजिटल और टेक सेगमेंट को लेकर देश में बड़ा बदलाव हुआ है। देश को अब कम कॉस्ट वाले बैक ऑफिस शुरू करने की जगह के तौर पर नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पार्टनर के तौर पर देखा जाता है। चंद्रशेखर का कहना था, "कंटेंट को तैयार करने वालों और इसे मॉनेटाइज करने में मदद करने वालों के बीच बड़े असंतुलन को लेकर हम चिंतित हैं। पॉलिसी बनाने के नजरिए से हम इंटरनेट को खुला रखना चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि इंटरनेट पर मॉनेटाइजेशन एक, दो या तीन कंपनियों के नियंत्रण में रहे।" 
Advertisement

उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया एक्ट से डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और बड़ी टेक कंपनियों के बीच दिखने वाले असंतुलन की समस्या का समाधान किया जाएगा। चंद्रशेखर ने कहा, "ये बड़ी टेक कंपनियां कंटेंट को मॉनेटाइज करने की निगरानी करती हैं और इस असंतुलन के लिए कानून बनाने या कम से कम इसे रेगुलेट करने की जरूरत है।" 

पिछले वर्ष गूगल ने सुप्रीम कोर्ट से एंड्रॉयड मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए कंपनी के खिलाफ दिए गए निर्देशों को खारिज करने का निवेदन किया था। इससे पहले एक ट्राइब्यूनल ने गूगल को इसी मामले में कुछ राहत देते हुए उसे दिए गए 10 निर्देशों में से चार को खारिज किया था। गूगल ने कोर्ट में दलील दी है कि उसने मार्केट में अपनी स्थिति का गलत इस्तेमाल नहीं किया है और उसे पेनल्टी चुकाने के लिए जिम्मेदार नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी ने यह भी बताने की अनुमति मांगी है कि एंड्रॉयड से कैसे यूजर्स और डिवेलपर्स को फायदा मिला है। इस मामले में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने गूगल को मार्केट में उसकी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया था। CCI ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर गूगल को कुछ राहत देने के ट्राइब्यूनल के फैसले को खारिज करने की भी मांग की थी। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Pad Mini भारत में आ रहा 22 अक्टूबर को! 8000mAh बैटरी
  2. Samsung Galaxy F70 5G vs Redmi 17C 5G vs OnePlus N6: ₹20 हजार के बजट में मुकाबला
  3. Poco X8s में मिलेगी 12GB रैम, Snapdragon 7 Gen 4 चिप!
  4. आप भी खरीदना चाहते हैं 600 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार, इस दशहरा बेस्ट रहेंगी ये 5 EV
#ताज़ा ख़बरें
  1. Airtel लाया गजब का प्लान, अब सिर्फ कॉलिंग और SMS के लिए ही देने होंगे पैसे
  2. Amazon Great Indian Festival Sale: सस्ता हो गया OnePlus का मिड रेंज स्मार्टफोन
  3. आप भी खरीदना चाहते हैं 600 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार, इस दशहरा बेस्ट रहेंगी ये 5 EV
  4. Apple ने महंगा कर दिया iPhone 16, लेकिन Amazon सेल में आज भी मिल रहा ₹15 हजार से ज्यादा सस्ता
  5. Oppo Pad Mini भारत में आ रहा 22 अक्टूबर को! 8000mAh बैटरी
  6. Samsung Galaxy F70 5G vs Redmi 17C 5G vs OnePlus N6: ₹20 हजार के बजट में मुकाबला
  7. Honor ने लॉन्च किए 10,000mAh और 20,000mAh के नए रेड कलर पावरबैंक, जानें कीमत और फीचर्स
  8. OnePlus 15 को Amazon Great Indian Festival Sale में खरीदें सस्ता, ऐसे कम हुई कीमत
  9. Xiaomi की नई वाशिंग एक बार 26 टी-शर्ट धो सकती है! IP54 रेटिंग के साथ लॉन्च
  10. ₹2250 सस्ता मिल रहा Motorola का 7000mAh बैटरी वाला फोन! Flipkart सेल में ऑफर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.