पेनड्राइव जो नहीं हो सकती हैक! सेना के लिए इस कंपनी ने की तैयार

यह एक पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी स्टोरेज डिवाइस है।

पेनड्राइव जो नहीं हो सकती हैक! सेना के लिए इस कंपनी ने की तैयार

Photo Credit: iStock

स्टोरेज डिवाइस को AUTH42 नाम दिया गया है। (फोटो प्रतीकात्मक है)

ख़ास बातें
  • फोर्टी-टू लैब्स ने इस स्टोरेज डिवाइस को तैयार किया है।
  • यह एक पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी स्टोरेज डिवाइस है।
  • यह एक मिलिट्री ग्रेड हार्डवेयर ऑथेंटिकेटर होगा।
विज्ञापन
भारतीय आर्मी को जल्द ही एक ऐसा स्टोरेज डिवाइस उपलब्ध करवाया जाएगा जिसे कोई हैक नहीं कर सकेगा। पुणे की कंपनी फोर्टी-टू लैब्स ने इस स्टोरेज डिवाइस को तैयार किया है। यह पेन ड्राइव जैसा दिखता है और साइज में भी कॉम्पेक्ट है। यह एक पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी स्टोरेज डिवाइस है। सेना की ओर से इस डिवाइस के लिए कंपनी को ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं। जल्द ही इन डिवासेज को आर्मी के लिए सप्लाई किया जाएगा। 

FortyTwo Labs पुणे में स्थित है जिसने इस डिवाइस को आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर तैयार किया है। इस डिवाइस को AUTH42 नाम दिया गया है। यह एक मिलिट्री ग्रेड हार्डवेयर ऑथेंटिकेटर होगा और स्टोरेज डिवाइस के रूप में भी काम करेगा। डिवाइस को ऑर्डर के तहत खासतौर पर डिफेंस में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। यह ऐसा डिवाइस है जो एयर गैप नेटवर्क में भी आसानी से काम कर सकता है। 

AUTH42 के खास फीचर
AUTH42 एक बेहद सेफ और हैक प्रूफ डिवाइस है जो क्वांटम सेफ ऑथेंटिकेशन से लैस है। इसमें सिक्योर और एन्क्रिप्टेड स्टोरेज की जा सकती है जिसके लिए किसी खास मैनेजमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें रिमोट वाइप फीचर भी दिया गया है। यानी दूर-दराज बैठे हुए इसके डेटा को क्लियर किया जा सकता है। इसमें डेटा यूसेज के लिए यूजर कंप्यूटर टोकन बाइडिंग, डिटेक्शन, और टेम्परप्रूफ ऑडिट ट्रेल फीचर दिया गया है।  

एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी कानपुर में कंपनी के पार्टनर स्वामीनाथ अय्यर ने बताया कि कंपनी 2016 से ही क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में रिसर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि क्वांटम कंप्यूटर आने के बाद आज के सारे एन्क्रिप्शन टूट जाएंगे और इससे सेना की गोपनीय जानकारी को अलग रखना एक चुनौती होगी। इसलिए कंपनी ने जानकारी को सुरक्षित रखने और पूरी तरह से गोपनीय रखने के लिए तीन लेयर की सिक्योरिटी वाली पेन ड्राइव तैयार की है। यह डेटा, यूजर और डिवाइस को बाइंड करता है। इसे दूसरे कंप्यूटर पर लगाने के बाद भी खोला नहीं जा सकेगा। एक तय व्यक्ति और सिस्टम पर ही इसे खोला जा सकेगा। इसलिए यह बेहद सुरक्षित होगी। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Edge 70 Pro+ जल्द होगा भारत में लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  2. 50MP कैमरा के साथ Red Magic 11S Pro, 11S Pro+ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  3. इलेक्ट्रिक बाइक मार्केट में Oben Rorr Evo का धमाका, 15 दिनों में 25 हजार से ज्यादा बुकिंग!
  4. iQOO Z11 Lite 5G जल्द होगा लॉन्च, MediaTek Dimensity 6300 हो सकता है चिपसेट
  5. Lava Shark 2 5G भारत में जल्द होगा लॉन्च: बजट में 120Hz डिस्प्ले और लंबी बैटरी लाइफ!
  6. फ्री X अकाउंट यूज करते हैं? Elon Musk की कंपनी ने बदल दिए कई नियम
  7. क्रिप्टो मार्केट में बिकवाली से दो सप्ताह के निचले लेवल पर Bitcoin  
  8. भारत में AI फोटो का क्रेज बेकाबू! ChatGPT Images 2.0 ने पार किया 1 अरब का आंकड़ा
  9. Vodafone Idea के नए इंटरनेशनल रोमिंग प्लान पेश, अब 30 दिनों की वैधता के साथ मिलेगा 70GB इंटरनेट
  10. Sony Inzone H6 Air हेडफोन हुए दमदार गेमिंग फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »