दिल्ली समेत कई शहरों में एयर पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर लाइफसेवर साबित हो रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी सही मेंटेनेंस ही तय करती है इसका असली असर? यहां जानिए जरूरी टिप्स।
Photo Credit: Honeywell
दिल्ली समेत देश के कई शहरों में नवंबर के आते ही हवा की क्वालिटी एक बार फिर “खतरनाक” स्तर पर पहुंच गई है। स्मॉग, धूल और धुएं के बीच सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर अब लग्जरी नहीं, जरूरत बन गए हैं। लेकिन क्या सिर्फ प्यूरीफायर खरीद लेना ही काफी है? नहीं। अगर इसकी मेंटेनेंस ठीक से न की जाए, तो महंगे से महंगा एयर प्यूरीफायर भी कुछ ही महीनों में बेअसर हो सकता है। इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि घर की हवा सच में साफ रहे, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं एयर प्यूरीफायर की देखभाल के टॉप टिप्स और ट्रिक्स, ताकि वो लंबे वक्त तक बेहतरीन काम करता रहे।
एयर प्यूरीफायर का दिल उसका HEPA फिल्टर होता है, जो हवा में मौजूद 99% से ज्यादा धूल, पोलन और धुएं के कणों को रोकता है। लेकिन ये फिल्टर धीरे-धीरे जाम हो जाता है। कंपनी के मुताबिक, इसे हर 3 से 6 महीने में (यूज और एरिया के हिसाब से) साफ या रिप्लेस करना जरूरी है। अगर आप इसे अनदेखा करते हैं, तो एयरफ्लो कम हो जाएगा और मशीन पर एक्स्ट्रा लोड पड़ेगा।
कई मॉडल्स में HEPA से पहले एक प्री-फिल्टर होता है जो बड़े कणों, जैसे बाल, धूल, फाइबर को रोकता है। इसे आप खुद वैक्यूम क्लीनर या हल्के पानी से साफ कर सकते हैं। ध्यान रहे, इसे पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा लगाएं। यह कदम फिल्टर की लाइफ बढ़ाने में मदद करता है और मशीन की एफिशियंसी भी बरकरार रखता है।
एयर प्यूरीफायर को हमेशा दीवार से कम से कम 1-2 फीट दूर रखें ताकि एयरफ्लो बाधित न हो। साथ ही, कमरे में फर्नीचर या परदे ज्यादा पास न हों। अगर कमरे की खुद सफाई नहीं होगी, जैसे झाड़ू या वैक्यूम से धूल न हटाई जाए तो प्यूरीफायर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी और उसका फिल्टर जल्दी खराब होगा।
आजकल ज्यादातर एयर प्यूरीफायर में Auto Mode होता है, जो सेंसर के हिसाब से खुद हवा की सफाई एडजस्ट करता है। लेकिन हवा में मौजूद VOC (Volatile Organic Compounds) या स्मोक पार्टिकल्स सेंसर से बच जाते हैं। इसलिए, जब आपको स्मॉग या कुकिंग स्मोक ज्यादा लगे, तो मैन्युअली High Mode पर चलाएं।
स्मार्ट एयर प्यूरीफायर के साथ आने वाला ऐप या मशीन का फिल्टर इंडिकेटर बताता है कि फिल्टर कब रिप्लेस करना है या मशीन को सर्विस चाहिए। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही वह अलर्ट है जो मशीन को ओवरवर्क होने से बचाता है।
एयर प्यूरीफायर को पूरी तरह बंद कमरे में न चलाएं। थोड़ी देर खिड़की खोलकर वेंटिलेशन दें ताकि अंदर फंसी गैसें और CO₂ बाहर निकल सके। यह मशीन की परफॉर्मेंस को भी बेहतर बनाता है और घर की हवा को ज्यादा “फ्रेश” रखता है।
ज्यादातर ब्रांड्स एयर प्यूरीफायर की वार्षिक सर्विस ऑफर करते हैं जिसमें फिल्टर चेक, फैन क्लीनिंग और सेंसर कैलिब्रेशन शामिल होता है। इसे न टालें, क्योंकि इससे मशीन की उम्र कम से कम 2-3 साल बढ़ सकती है।
एयर प्यूरीफायर को 24x7 चालू रखना जरूरी नहीं। अगर AQI नॉर्मल लेवल पर आ जाए या दिन में कुछ घंटे हवा बेहतर हो, तो मशीन को बंद करें। इससे बिजली की बचत होगी और फिल्टर की लाइफ भी बढ़ेगी।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Apple Watch Series 12
Starts from ₹56,900
Samsung Galaxy Watch Ultra 2
Starts from ₹59,909
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹41,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹38,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm)
Starts from ₹40,999
Mahindra का EV मार्केट में दमदार परफॉर्मेंस, 1 लाख से ज्यादा हुई इलेक्ट्रिक SUV की सेल्स
OnePlus 16 में मिलेगी ज्यादा कैपेसिटी वाली बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी, TVS Motor का पहला रैंक बरकरार